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बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से मिक्कू पाल,साझा मंच मोबाइल वाणी एक माध्यम से बता रहे हैं कि सामाजिक दुरी का पालन कर के स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा हैं
ये प्रवीण कुमार साझा मंच मोबाईल वाणी को उसके अच्छे कार्यक्रमों और नए-नए समाचार प्रस्तुत करने के लिए धन्यवाद दे रहे हैं, साथ ही इसका नम्बर कभी भी न बदलने का निवेदन कर रहे हैं।
ये पूर्णतः दृष्टिबाधित प्रवीण कुमार साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से सभी को कोरोना वायरस से बचाव के सभी उपायों पर सावधानी से अमल करने का निवेदन कर रहे हैं।
साझा मंच मोबाईल वाणी के श्रोता रफ़ी की डायरी की प्रशंसा कर रहे हैं।
साझा मंच मोबाईल वाणी के एक श्रोता बता रहे हैं कि दिव्यांगों को मिलने वाली पेंशन पिछले महीने दो महीने की एक साथ दिए जाने से कुछ लोगों को ये भ्रम हो गया कि दिल्ली सरकार ने इसे बढ़ाकर पाँच हज़ार रुपए कर दिया है। कुछ मित्रों से मिली सूचना के अनुसार शायद अब पाँच-छः महीने पेंशन न मिले, क्योंकि केजरीवाल जी का कहना है कि पेंशन छोड़िए, हमारे पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने का पैसा नहीं है।
नीरज कुमार के साझा मंच मोबाईल वाणी में बहुत समय से रिकार्डिंग करने के बाद भी इन्हें अभी तक कोई मदद नहीं मिली हैं। इस समय इन्हें कोई भी काम नहीं मिल पा रहा है, तीन महीने से ख़ाली बैठे हैं घर में। इनका फोन नम्बर 441994258 है, ये साझा मंच मोबाईल वाणी से काम के सम्बंध में मदद माँग रहे हैं।
नमस्कार! मैं विकास ट्रस्ट ऊपरी के लिए संवाददाता श्याम लाल लोधी खनियाधाना से बात कर रहा हूँ। मित्रों आपको बता दूँ कि मज़दूरों से जो काम कराना था, वो मशीनों से काम कराया जा रहा है। क्या बताना होगा खनियाधाना तहसील के अंतर्गत आने वाले
चीन की सेना और भारतीय सेना अपने रणक्षेत्र से ढाई-ढाई किलोमीटर पीछे हटीं। इसका कारण आप जानते हैं, क्या है! सबसे बड़ी बात- जो चीन के नागरिक अपनी सेना में भर्ती होना नहीं चाहते हैं, तो ऐसे लोग देश की सेवा कैसे करेंगे? और ऐसे लोग जो अपने आप को दूर भगाने, दूर भागने का प्रयास करते हैं सेवा करने की बजाय। लेकिंज अगर चीन के नागरिकों ने चीन की सेना में भर्ती होने से मना कर दिया तो उसके साथ चीन की सरकार क्या बर्ताव करती है! उसके तरक़्क़ी के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं। ना तो वो सरकारी जॉब कर साकता है, ना वो कोई बिज़नेस कर सकता है, ना ही वो आगे पढ़ायी कर सकता है किसी भी यूनिवर्सिटी में और जो भी सभ्य समाज है, उसको बदनाम कर दिया जाता है सभ्य समाज के अंदर उसकी छवि ख़राब कर दी जाती है और उसको विदेश जाने के लिए वीज़ा वग़ैरह नहीं दिया जाता है और जो भी अवसर होते हैं, सारे अवसर उससे छें लिए जाते हैं। किसी भी, कोई भी मौक़ा उसे सरकार की नहीं दिया जाता है, जो कि आर्मी ज्वाईन करने से इनकार कर देता है। दूसरी तरफ़, दूसरी तरफ़ ना तो वो हवाई यात्रा कर सकता है और ना ही लम्बी दूरी की ट्रेन में बैठकर जा सकता है। यानी कहने का मतलब
