झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से रुपेश राज बताते है कि झारखण्ड राज्य के किसान अपने खेतों में विभिन्न प्रकार के साग सब्जी का उत्पादन करतें हैं।इस खेती के माध्यम से यहाँ के किसान अपना और अपने परिवारवालों का भरण -पोषण करतें हैं ,परन्तु किसानों को उत्पादित किया हुआ सब्जी का उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण किसान भाई को घाटे का सामना करना पड़ता है। कई किसान ऐसे हैं जो सब्जी की खेती करने हेतु बैंक से ऋण लेते हैं और सही मूल्य नहीं मिलने के कारण वे कर्ज की गठरी में फसतें चले जाते है। झारखण्ड में सब्जी के बिक्री के लिए कोई सरकारी मंडी नहीं है। साथ ही राज्य के कई गाँव ऐसे है जहां पर यातायात के कोई साधन नहीं है,जिसके कारण किसानों को सब्जी बेचने के लिए काफी परेशानी होती है।अतः सरकार को चाहिए कि वे किसानों को सुविधा मुहैया कराने के साथ -साथ लागत के अनुसार उचित मूल्य देने का भी लक्ष्य रखें तथा सरकारी मंडियों का निर्माण करें ताकि किसानों की समस्या का निराकरण हो और वे कर्ज के बोझ तले दबकर कभी भी आत्महत्या करने के लिए मजबूर न हो ।

झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से राजेस्वर महतो ने बताया की देश का भविष्य माने जाने वाला युवा वर्ग आज अपराध के दलदल में धंसता जा रहा है। आज बहुत कम युवाओं में भाग्य व कर्म के भरोसे रहने का स्वभाव पाया जाता है। अब युवाओं में न तो संस्कार है और न ही सहनशीलता। धन ही सब कुछ हो गया है। धन ही स्टेटस सिंबल बन गया है। आज का युवा वर्ग ढेर सारी भौतिक सुख-सुविधाओं के बीच जीवन व्यतीत करने का आदी हो चुका है और वह इससे भी ज्यादा भौतिक सुख-सुविधाएं हासिल करने की अंधी दौड में शामिल है। अपने लक्ष्य को पाने एवं शिखर पर पहुंचने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगाने आतुर रहता है। उद्दंडता, उच्छृंखलता और अनुशासनहीनता आज बिल्कुल सामान्य हो गई है।साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, आधुनिक संस्कृति, मनोवैज्ञानिक एवं पारिवारिक कारक भी ऐसे हैं जो अपराध की ओर उन्मुख करते हैं।

झारखंड राज्य के हज़ारीबाग़ ज़िला के बरकट्ठा प्रखंड से बेबी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती हैं कि गर्मी के दिनों में आग लगने की घटना अत्यधिक होती है। गर्मी के मौसम में लोगों को काफी परेशानियाँ झेलनी पड़ती है। आगजनी की घटना बढ़ती गर्मी के कारण अधिक होती है

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झारखण्ड राज्य के हाज़रीबाग जिला के इचाक प्रखंड से टेक्नारयण प्रसाद ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताते है कि इचाक प्रखंड में बहुत सारे आम का पेड़ है।जिससे कई गुणा आम हर वर्ष उपज होता है।कई प्रकार के आम का उपज होता है।परन्तु व्यापारी इचाक प्रखंड में आकर आम को खरीद कर कम कीमत में ले जाते है ,और उस आम से अचार बनाकर उसे बेचकर अधिक मुनाफा कमाते है ।अगर किसी सामजिक संस्था के माध्यम से स्थानीय लोगों को आम के अचार का प्रशिक्षण करवया जाए तो उन्हें रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। जिससे की आम का अचार बनाकर एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजकर इचाक प्रखंड का नाम रोशन किया जा सकता है,और बेरोजगरी की भी समस्या ख़त्म कि सकता है। इसके माध्यम से लोगों को सशक्त बनाया जा सकता है। इचाक प्रखंड के किसान 6 महीना काम करते है और 6 महीने पालयन कर जाते है। ऐसे किसनो के लिए आम का व्यवासय आम का अचार बनाकर बहुत अच्छा साधन बनाया जा सकता है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला के इचाक प्रखंड से टेक्नारयण प्रसाद ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताते है की चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के मौसम में आपकी कार्यक्षमता पर तो बुरा असर पड़ता ही है, अपने ऊपर अधिक ध्यान देने की भी जरूरत होती है।खासकर खानपान का तो इस मौसम में विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। ऐसे में खाने-पीने का खास खयाल रखा जाए तो शरीर के कमजोर होने और बीमारी पास आने की आशंका काफी कम हो जाती है।इस मौसम में शरीर में पानी का स्तर ठीक रखना बेहद जरूरी है। इस घर से पानी या कोई ठंडा शरबत पीकर निकलें, जैसे आम पना, शिकंजी, खस का शर्बत आदि।साथ में भी पानी लेकर चलें।लू लगने पर शरीर में गर्मी, और थकावट महसूस होने लगती है।मसल्स में खिंचाव लगता है, शरीर टूटने लगता है और प्यास बढ़ जाती है। कई बार बुखार बहुत ज्यादा बढ़ जाता है ऐसे में बेहोशी भी आ सकती है।हमे इन से बचाना चाहिए।गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ता है। कुंआ ,तालब ,नलकूप ,सुख जाते है पानी का हमे बर्बादी नहीं करना चाहिए।आवश्यकता अनुसार पानी का उपयोग करना चाहिए।जगह -जगह लगाए पानी के घड़े का उपयोग करना चाहिए।सरकार को पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।