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झारखंड राज्य के हज़ारीबाग़ ज़िला के दारू प्रखंड से बलराम शर्मा मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं, कि गर्मी का मौसम आते हीं मनुष्यों के साथ-साथ जीव-जंतुओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हम सभी को गर्मी से बचने के लिए घरेलू उपचार अपनाना चाहिए। जैसे कि-जब भी लोग अपने काम के लिए घर से बाहर निकलते हैं, तो आम का शरबत,निम्बू पानी, पुदीना और प्याज का सेवन करना चाहिए। इन सबका सेवन करने से लोग लू से बच सकते हैं। प्रत्येक वर्ष जब भी गर्मी आता है, तो अपने साथ कई चुनौतियाँ ले कर आता है। बढ़ती गर्मी के कारण कई राज्यों में लोगों को पानी की किल्ल्त होने लगती है। लोग 10-12 किलोमीटर दुर जा कर गंदे पानी पीने को बेबस हो जाते हैं। पानी के साथ-साथ लोगों को कृषि उत्पादन एवं बिजली कटौती का भी सामना करना पड़ता है। अतः प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को समझे और गर्मी के मौसम में लोगों को हर सुख सुविधा मुहैया करवाएँ।
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झारखण्ड राज्य के हजारीबाग जिला के बिष्णुगढ़ प्रखंड से राजेश्वर महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बिष्णुगढ़ प्रखंड में जनवरी फ़रवरी माह में निलम्बित किसानो के द्वारा धान अधिप्राप्ति केंद्र में धान जमा किया गया। जहाँ प्रखंड के दो पैक्स में 17 सौ रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से कई किसान अधिक मुनाफ़ा के उद्देश्य से धान जमा किये। परन्तु अब तक कई किसानों के खाते में पैसा नहीं आया। जिससे किसानों में मायुसी छाया हुआ है।बिष्णुगढ़ के एक निवासी ने पैक्स में लगभग 20 क्विंटल धान जमा किये परन्तु उन्हें धान का पैसा नहीं मिला। इससे किसान अपने घरों में होने वाले कार्यक्रम जैसे-शादी विवाह को पूरा करने के लिए साहुकार से कर्ज लेने को विवश हो रहे हैं। एक ओर सरकार एक सप्ताह के अंदर किसानो के खाते में पैसा डालने की घौषणा करती है, पर आज सरकार की सभी घौषणा झूठी साबित हो रही है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला के इचाक प्रखंड से टेकनारायण प्रसाद कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि हज़ारीबाग़ जिले में लाह की खेती का घोर अभाव है।इचाक प्रखंड में लाह की खेती को बढ़ावा देकर किसानों के लिए रोजगार का साधन मुहैया कराई जा सकती है लेकिन यहां पर लाह की खेती नहीं की जाती है।हज़ारीबाग के इचाक प्रखंड में काफी दूर तक जंगली क्षेत्र है और जंगल में पलास के कई पेड़ है, जिसमे लाह की खेती की जा सकती है।वे कहते हैं कि वैसे क्षेत्रों में जहाँ लाह की खेती के लिए अनुकूल वातावरण है बावजूद इसके लाह की खेती नहीं की जाती है।उन क्षेत्रों के किसानों को प्रेरित कर लाह की खेती करवानी चाहिए।इसपर सरकार को ध्यान देना चाहिए।ताकि लाह की खेती कर किसान आत्मनिर्भन बन सकें।
झारखण्ड राज्य के हजारीबाग जिला के इचाक प्रखंड से टेकनारायण नारायण प्रसाद खुश्वाहा ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि गर्मी के दिनों में कुआँ,तालाब,पोखर एवं नदियों में पानी सुख जाता है और पानी के लिए लोग व्याकुल हो जाते हैं।यहाँ तक कि कई चापाकल में पानी निकलता ही नही है और जहाँ निकलता है ,वहाँ चापाकल से पानी लेने वालों की लम्बी लाइन देखी जाती है।बरसात के पानी को संग्रह करने का उपाय समय रहते कर लेना चाहिए।इसके लिए बरसात के मौसम में जगह-जगह डोभा और तालाब का निर्माण होगा ,तो गर्मी के मौसम में जल-संकट से सम्बंधित परेशानियाँ नही होंगी।साथ ही ऐसे तालाब का भी निर्माण करना चाहिए जहाँ पहाड़ी क्षेत्रों से पानी बहकर उस तालाब में संग्रह हो जाए एवं गर्मी के मौसम में इस पानी का उपयोग मनुष्य और पशु-पक्षी कर पाएंगे।
झारखंड राज्य के हज़ारीबाग़ ज़िला के बड़कागांव प्रखंड बादम गांव से रुपेश राज मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताते हैं, कि बच्चों की शिक्षा में शिक्षक के साथ-साथ अभिभावक को अधिक ध्यान देने की ज़रूरत है।आज शिक्षक छात्रों को विधालय में गुणवक्तापूर्ण शिक्षा दिया करते हैं लेकिन, यदि अभिभावक अपने बच्चों को घर में ध्यान नहीं देंगे तो शिक्षक का मेहनत बेकार चला जाता है। अतः अभिभावक अपने बच्चों को संध्या में साथ बैठ कर विद्यालय से मिली गृह कार्य को पूरा करवाए साथ ही अभिभावक अपने घरों में खुश नुमा माहौल, सभी परिवार के साथ एक समान और बड़ों का आदर करने की शिक्षा दें जिससे बच्चे सही मार्ग पर चलना सीखें।
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