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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राहुल रंजन ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारतीय उतराधिकारी अधिनियम 1954 के तहत ईसाई विधवाओं को संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा मिलता है और पुरुष एवं महिला वंशजों को इसका दो तिहाई हिस्सा बराबर बराबर मिलता है। आदिवासियों की अपनी प्रथाएं है।जिनके अनुसार कुछ अपवादों को छोड़ कर आमतौर पर महिलाओं को उनकी भूमि का हिस्सा नहीं मिलता है।

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विष्णुगढ़ प्रखंड के नरकी ग्राम पंचायत अंतर्गत डोंमबाबेडा में बीते दिन बहा बोंगा प्रेम भाईचारे शांति सौहार्द वातावरण में मनाया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हजारीबाग झामुमो बुद्धिजीवी मोर्चा जिला सचिव देवी राम हेमरोम का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर सुशील हेंमरोम राजेश हेंमरोम होपना हेमरोम प्रदीप हेमरोम रमेश हेमरोम दिलीप हेमरोम मनोज हेंमरोम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूदथे।

आदिवासी एकता मंच का पहला डुमरी अनुमंडल क्षेत्र में रात्रि जतरा मेला पर रोक लगाने की मांग. समाज के लोगों द्वारा सौपा गया अनुमंडल पदाधिकारी डुमरी को आवेदन. गिरिडीह :- जिले के डुमरी आदिवासी एकता मंच के सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा अतकी पंचायत के मुखिया ईश्वर हेंब्रम की अगुवाई में गुरुवार को डुमरी अनुमंडल पदाधिकारी के नाम एक आवेदन पत्र सोपा गया जिसमें डुमरी अनुमंडल क्षेत्र के आदिवासी समाज द्वारा रात्रि में आयोजित होने वाले जतरा मेला पर रोक अथवा वर्जित करने की मांग की गई है. आवेदन पत्र के अनुसार रात्रि में आयोजित होने वाले यात्रा मेला से दुष्कर्म तथा दुर्घटना होने की बड़ी संभावना रहती है जिससे समाज में गलत संदेश जाता है इस विषय पर अतकी पंचायत के मुखिया ईश्वर हेंब्रम ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा की पिछले वर्ष डुमरी में आयोजित जतरा मेला में भाग लेने आए दो युवकों की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई थी. इन सारी घटनाओं को देखते हुए आदिवासी एकता मंच डुमरी द्वारा डुमरी अनुमंडल पदाधिकारी को जतरा मेला के आयोजन को वर्जित करने की मांग की गई है इस दौरान समाज के कई गन्य मान्य लोग उपस्थित थे. रिपोर्ट :- दिनेश कुमार रजक, गिरिडीह झारखण्ड. सम्पर्क :6207602624

झारखंड आदिवासी संथाल समिति विष्णुगढ़ प्रखंड इकाई के तत्वाधान में कुसुमभा पंचायत के करारी बहाटांड परिसर में सोहराय पर्व का शुभारंभ किया गया।

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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि एसएलआईसी दलित समुदाय के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक प्रणाली का उपयोग करता है। दलित समर्थक सरकारी नीतियों और योजनाओ का निर्माण ऐतिहासिक कानूनी निर्णयों के कारण बढ़ते दबाव का परिणाम है। दलित आबादी को अक्सर शारीरिक श्रम और सफाई आदि जैसे - मानव मल, पशु शव आदि का निपटान करने के लिए मजबूर किया जाता है। दिल्ली उच्च न्यायालय के एक फैसले से महत्वपूर्ण परिणाम सामने आया हैं। जिसमें न्यायालय ने सरकार को दिल्ली में शीवर कर्मचारियों की सुरक्षा स्थितियों में सुधार करने का निर्देश दिया है। हालाँकि इस मामले का दलित समुदाय पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। यह भी निर्देश दिया गया कि राज्य को आपातकालीन आधार पर सीवर सफाई के लिए व्यक्तियों को रोजगार के पूरी तरह से समाप्त करने का लक्ष्य पूरी तरह से रखना चाहिए।

विष्णुगढ़ प्रखंड के बनासो पंचायत अंतर्गत बिलंडी बिरहोर टोला में आदिम जनजाति के बीच प्रखंड विकास पदाधिकारी अखिलेश कुमार के द्वारा कम्बल वितरण किया गया इस अवसर पर अभय कुमार करण यादव मुखिया चंद्रशेखर पटेल समेत कई लोग मौजूदथे।