उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से कामिनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनको पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा नही मिल रहा था।फिर इन्होने मोबाइल वाणी पर महिला सम्पत्ति अधिकार से सम्बंधित कार्यक्रम सुना और मोबाइल वाणी संवाददाता के.सी.चौधरी से इस बारे में बात की।के.सी.चौधरी ने वकील से बात किया और अधिकार के लिए प्रयास शुरू किया। तमाम कठिनाइयों के बाद दो महीने पहले कामिनी को पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा मिल गया।इस घटना के बाद भैया से इनका रिश्ता ख़त्म हो गया है। पिता का देहांत पहले ही हो चूका था।कामिनी के पति ने हमेशा इनका ध्यान रखा है। मगर ननद के व्यवहार का जवाब देने के लिए इन्होने अपने पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा लेने का मन बनाया था।

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उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्जापुर ज़िला से शिवधनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से कोण प्रखंड निवासी महिमा से हुई। महिमा ने जानकारी दी की वो सब्जी की खेती करती हैं। पहले वो एक बीघा में है सब्जी लगाती थी। लेकिन उद्यमी वाणी की मीटिंग में शामिल हुई। जहाँ उन्हें सब्जी की खेती को बढ़ाने का सलाह दिया गया। जिसके बाद वो दस बीघा में सब्जी की खेती की। जिससे उनका इनकम बढ़ा। इस बात के लिए महिमा शिवधनी जी और ग्रामवाणी को धन्यवाद देती हैं

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्जापुर ज़िला से शिवधनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से कोण प्रखंड निवासी संतारा से हुई। संतारा ने जानकारी दी की वो सब्जी की खेती करती हैं। लेकिन सब्जी बेचने में समस्या आ रही थी तो ग्रामवाणी और शिवधनी जी की मदद से उन्हें 50 हजार रुपया मिला है। जिससे वो गाड़ी निकाल कर सब्जी को मार्केट में बेचेंगी

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से रेखा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जेवर और प्रॉपर्टी यह एक ऐसा धन है जो हमेशा के लिए बना रहता है। इनके पति के पास दोनों में से कोई धन नहीं है। यह मोबाइल वाणी के एपिसोड को सुनी तो इनको सब समझ आ गया और यह पति से प्रॉपर्टी के सम्बन्ध में बात की ,जिसके बाद पति ने इनको पिताजी से प्रॉपर्टी में हिस्सा मांगने के लिए सलाह दिया। रेखा ने पिताजी से प्रॉपर्टी की मांग की जिसके बाद पिता ने रेखा को कचहरी बुलाया और कहा कि वह रेखा को प्रॉपर्टी में हिस्सा दे देंगे। वह बहुत खुश है और इन्होने मोबाइल वाणी को धन्यवाद दिया।

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से 68 वर्षीय राज शेखर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इन्होने बेटियों के अधिकार के बारे में प्रसारित कार्यक्रम मोबाइल वाणी पर सुना। इनको यह कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा और प्रभावित हुए।फिर इन्होने बिना किसी झिझक के दो महीना पहले,अपने बेटे और बेटियों में सम्पत्ति बाँट दिया।इनका पूरा परिवार खुश है और किसी को कोई एतराज नही है।राज शेखर का सुझाव है कि ऐसा काम सभी समाज के सभी लोगों को करना चाहिए।

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से आशा देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि इन्होने मोबाइल वाणी में सुना कि महिलाओं को जमीन में मालिकाना हक़ मिलना चाहिए जिसके बाद इन्हे विचार आया कि इनके नाम से भी एक जमीन होनी चाहिए। आशा की शादी को दो वर्ष हुए थे। इनके पति निजी स्कूल में शिक्षक थे। ये अपनी परिवार के साथ किसी तरह गुज़र बसर कर रही थी। मोबाइल वाणी का कार्यक्रम सुनने के बाद इन्हे अहसास हुआ कि अगर जमीन रहे तो उसे स्थायी पूंजी के रूप में इस्तेमाल कर सकते है। ये विचार आशा ने अपने पति के साथ साझा किया लेकिन इनके पति ने कहा कि उनके पास इतना पैसा नहीं है कि वो आशा के नाम एक जमीन ले सके। और कहा कि वो इस बारे में एक बार अपने पिता से बात करे क्योंकि पिता के जमीन में बेटी का हिस्सा होता है । आशा ने सोचा कि इससे भाई बहन में दरार आ सकती है इसलिए उन्होंने इसकी बात अपने पिता से नहीं की। कुछ दिन बाद इनके पति की बीमारी के कारण काम छूट गया। घर खर्च चलना मुश्किल हो गया। जिसके बाद आशा ने अपने पिता से जमीन के विषय बात की और उनके पिता ने कहा कि हिस्सा तो बेटा को मिलता है। लेकिन आशा की पूरी परेशानी सुन कर उनके पिता ने आशा के भाई से बात की। भाई पहले बातों को नहीं समझ रहा था लेकिन बाद में अपनी बहन की समस्या को समझने के बाद भाई बहन की मदद के लिए आगे आया। इसके बाद आशा के पिता ने अपनी जमीन में से कुछ जमीन आशा के नाम कर दिया। आशा उस जमीन में खेती कर रही है। पति जब बीमारी से ठीक हुए तो अब वो भी खेती में आशा के साथ काम कर रहे है। अब उनकी समस्या दूर हो गयी है। इसके लिए वो मोबाइल वाणी को धन्यवाद देती है

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से मालती ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि एक दिन उनको सहेली ने बताया कि मोबाइल वाणी के माध्यम से एक कॉल आया था जिसमे बताया गया था कि पैतृक संपत्ति में बेटियों का भी अधिकार होता है।जिस तरह पैतृक संपत्ति में बेटों का अधिकार होता है उसी तरह बेटियों का भी हक़ होता है। यह सुनकर मालती ने रजिस्ट्री के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया वहां पर वह वकील से मिली और जमीन में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने उनके भाइयों पर मुकदमा दर्ज करवाया।जिसके बाद इनके भाई परेशान होकर जमीन मालती के नाम कर दिया।वह सहेली और मोबाइल वाणी को धन्यवाद कहना चाहती हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से रीना ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि एक दिन इनकी मुलाक़ात मोबाइल वाणी संवाददाता नूतन उपाध्याय से हुई। नूतन उपाध्याय ने इनको बताया कि पैतृक संपत्ति में बेटियों का भी हिस्सा होता है। रीना ने जमीन में अधिकार लेने के लिए भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। जिसके बाद मुक़दमे से परेशान होकर रीना के भाई ने जमीन में हिस्सा दे दिया। वह नूतन उपाध्याय और मोबाइल वाणी को धन्यवाद कहना चाहती हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से शीला ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पैतृक संपत्ति में बेटियों का भी अधिकार होता है इसके बारे में इनको जानकारी नहीं थी। एक दी मोबाइल वाणी से कॉल आया था और बताया गया था कि पैतृक संपत्ति में बेटियों का भी अधिकार होता है। यह सुनकर वह कोर्ट में भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाई। जिसके बाद मुकदमा से परेशान हो कर इनके मायके वालों ने जमीन में हिस्सा दे दिया। वह मोबाइल वाणी को धन्यवाद कहना चाहती हैं।