मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर प्रखंड से निष्ठा स्वास्थ्य वाणी संवाददाता मुकेश वैरागी ने बताया कि कुछ दिन पहले गोविंद जी ने केसीसी कार्ड न बनने की समस्या दर्ज कराइ थी। और वे इस कार्य के लिए 2 साल से परेशान थे। इस खबर की सुनकर मुकेश वैरागी ने बैंक से सम्पर्क किया और इनका केसीसी कार्ड बनवाने में मदद की। अब इनका केसीसी कार्ड बनकर आ गया है।

खजौली ग्राम के मुखिया ने सुचना के अधिकार के अंतर्गत जानकारी माँगी की कन्हौली ग्राम में कमला तटबंध से हरिदयाल पासवान के घर के पास पथ है या नहीं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

24/02/2021

21/02/2021

मध्यप्रदेश राज्य के गुना जिला से जितेंदर यादव ने मोबाईल वाणी के माध्यम से सिम्मू यादव से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं आ रहा था। उसके लिए उन्होंने 25/02 /2021 को निष्ठा स्वास्थ्य वाणी पर अपनी समस्या प्रसारित किया था। उसके बाद हमारे संवाददाता के द्वारा सी एस सी सेंटर में जाकर उनके आधार कार्ड में जो डेट गलत था उसको सुधरवा दिया गया है।जिसके बाद उनका किसान सम्मान निधि का पैसा मिल गया है। जिससे वे काफी खुश हैं और निष्ठा स्वास्थ्य वाणी को धन्यवाद दे रहे हैं।

मध्यप्रदेश राज्य के गुना जिला से जितेंदर यादव ने मोबाईल वाणी के माध्यम से संजय यादव से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका पैन कार्ड नहीं बन रहा था। उसके लिए उन्होंने 21/02 /2021 को निष्ठा स्वास्थ्य वाणी पर अपनी समस्या प्रसारित किया था। उसके बाद हमारे संवाददाता के द्वारा एम पी ऑनलाइन में ले जाकर उनका दस्तावेज सारे उपलब्ध करवाके इनका पैन कार्ड बनवा दिया गया है। जिससे वे काफी खुश हैं और निष्ठा स्वास्थ्य वाणी को धन्यवाद दे रहे हैं।

मध्यप्रदेश राज्य के बडवानी जिलें पाटी तेहसील के ग्राम पंचायत पलवट से तार सिंह अलावे ने मोबाईल वाणी से पिंकी अवाया से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उनका खाता नहीं खुल रहा था वे काफी परेशान हो रहे थे। इस समस्या 23/02/2021को निष्ठा स्वास्थ्य वाणी पर प्रसारित किया था। इसके बाद इस समस्या को सम्बंधित अधिकारी के साथ साझा किया गया। जिसके बाद इनका खाता खुल गया है जिससे वे काफी खुश हैं और निष्ठा स्वास्थ्य धन्यवाद दे रहे हैं

तमिलनाडु तिरुपुर से अरुण साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि एक महिला वर्कर ने नवंबर' 2020 में तिरुपुर कि एक कंपनी में  लगभग 10 दिनों के लिए काम किया था। उनके पास कोई बैंक खाता नहीं होने के कारण उन्हें नकद राशि दी जा रही थी। कंपनी के एच.आर ने कहा कि दस दिनों  की सैलरी उन्हें दिसंबर में दी जाएगी, लेकिन दिसंबर में उनकी सैलरी नहीं दी गई। जनवरी 2021 में जब महिला वर्कर अपनी सैलरी लेने गई तब उनसे एक रेसिग्नेशन लेटर देने के लिए कहा गया। 1 फरवरी 2021 को फिर से महिला वर्कर को आने को कहा गया। जब वह 1 तिथि को अपना सैलरी लेने गई, तो एच.आर ने उनसे अगले महीने आने के लिए कहा। महिला वर्कर ने परेशान होकर साझा मंच की टीम को फोन किया। तब साझा मंच की टीम ने उनसे कंपनी के एच.आर का नंबर भेज कर लोकल यूनियन मेंबर्स से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मदद करने से इनकार कर दिया कि वह उस कंपनी के साथ बिजनेस कर रहे हैं। फिर साझा मंच की टीम ने एच.आर को सीधे फोन किया और पूछा की महिला वर्कर की सैलरी ना देने का कारण क्या है? एच.आर ने कहा कि वे कंपनी के ऑडिट में व्यस्त हैं, इसलिए अभी वेतन देने में असमर्थ हैं लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि वे 18 फरवरी को उनकी सैलरी दे देंगे। जैसा कि कंपनी के एच.आर ने महिला वर्कर को आने को कहा था, इसलिए महिला वर्कर ने 18 तारीख को अपनी वर्तमान कंपनी से छुट्टी लेकर पूर्व कंपनी में वेतन लेने गयी , लेकिन फिर से उन्हें अगले महीने आने के लिए कहा गया । महिला वर्कर ने साझा मंच को फिर से फोन किया और बताया कि कंपनी सिक्योरिटी गार्ड उन्हें एच.आर से मिलने कंपनी के अंदर नहीं जाने दे रहा हैं, और साथ ही वह महिला वर्कर से ठीक तरीके से बात भी नहीं कर रहा हैं।  साझा मंच की टीम ने एच.आर को 5-6 बार फोन करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया, इसलिए साझा मंच की टीम ने उन्हें एसएमएस भेज कर महिला मजदूर की सैलरी का भुगतान ना करने का कारण पूछा। साझा मंच की टीम ने महिला मजदूर को तब तक घर नहीं जाने के लिए कहा, जब तक कंपनी के एच.आर उसे सैलरी नहीं दे देते।  एचआर को 4 से 5 बार एसएमएस भेजने के बाद उन्होंने आखिरकार जवाब दिया और बताया कि वे उनकी सैलरी दे दी जाएगी । फिर एचआर ने उस महिला वर्कर को सीधे फोन किया और शाम 5 बजे तक आने को कहा जिसके बाद साझा मंच की टीम की मदद से महिला वर्कर को उनका बकाया वेतन 4800 रुपए दे दिए गए। महिला वर्कर के साथ एक और वर्कर की सैलरी भी दे दी गई, जिसका वेतन भी बहुत दिनों से रुका हुआ था। महिला वर्कर को सैलरी मिलने के बाद उन्होंने साझा मंच की टीम को फोन कर अपना आभार प्रकट किया। साथ ही साझा मंच की टीम द्वारा महिला वर्कर को सुझाव दिया गया कि इसके बाद जब भी वह किसी भी कंपनी में काम करें तो वहां वह आई.डी कार्ड और सैलरी स्लिप की मांग जरूर करें।

बिहार राज्य के सारण जिला से संजीत कुमार मोबाइल वाणी की खबर का असर बताने जा रहे है , संजीत कुमार सारण जिला के गोविन्द चक पंचायत के पंकज सिंह परमार से साक्षात्कार लिया है ,जिस में पंकज सिंह परमार ने बताया कि वह पिछले 5 सालों से वो मोबाइल वाणी को सुन रहे है, और उनका कहना है कि मोबाइल वाणी गरीब तबके के लोगों के लिए बहुत ही अच्छा है। मोबाइल वाणी के द्वारा गरीबों के लिए जो कार्य किये जाते है ,वो बहुत ही सराहनीय है।2 दिनों पहले मोबाइल वाणी के द्वारा जो कार्य किया गया है , राशन कार्ड बनाने के लिए ब्लॉक में भीड़ लगी होती थी,और अधिकारीयों एवं बिचौलियों द्वारा बार्गेनिंग होती थी ,जिस कारण गरीब तबके के लोगों का राशन कार्ड नहीं बन पाता था ,फॉर्म जमा भी हो जाता था, तो रशीद नहीं मिलती थी ,मुखिया ,सरपंच और समिति के लोग ही केवल लाभ उठा पाते थे ,और जो लोग उन के कांटेक्ट में नहीं रहते थे उन लोगों का राशन कार्ड बनने ही नहीं दिया जाता था। मोबाइल वाणी के अधिकारीयों द्वारा इस समस्या का समाधान किया गया और भीड़ को कम कर दिया गया। इसलिए कहा जा सकता है कि मोबाइल वाणी गरीबों के लिए मसीहा बन कर उभरते नज़र आ रही है। आम आदमी आवेदन जमा नहीं कर पा रहे थे , वह अब मोबाइल वाणी की वजह से आवेदन जमा कर पा रहे और पात्रता रशीद भी उन्हें मिल रही है।