बिहार राज्य के बेगूसराय जिला के बीरपुर प्रखंड के नौला पंचायत से अनीता ने वित्तीय वाणी के माध्यम से बताया कि पहले वे पैसा निकासी और जमा करने पर कमीशन देती थी लेकिन वित्तीय वाणी द्वारा दिए गए प्रशिक्षण में बताया गया कि पैसा निकासी और जमा करने पर कमीशन नहीं देना चाहिए। बैंक में जाने पर पहले पास बुक की जांच करानी है फिर पैसा निकासी करना चाहिए उसके बाद रसीद भी लेना चाहिए। जिसका वे अब पालन कर रही है और इन जानकारियों के लिए वित्तीय वाणी को धन्यवाद भी वयक्त कर रही हैं।

बिहार राज्य, बेगुसराई जिला, लक्टोरिया प्रखंड से निधि कुमारी वित्तीय वाणी के माध्यम से कह रहीं हैं , ये पहले आधार के माध्यम से पैसे निकालने पर पर्ची नहीं लिया करती थीं। किन्तु वित्तीय वाणी का प्रशिक्षण मिलने के बाद से, ये पैसे निकासी के पूर्व और पैसे निकासी के बाद खाता में रक़म चेक करती हैं। साथ ही अब ये रिसीविंग भी लेती हैं तथा कमीशन भी नहीं देती हैं

बिहार राज्य, बेगुसराई जिला, बीरपुर प्रखंड के नौला पंचायत से सोमलता कुमारी वित्तीय वाणी के माध्यम से बताया कि वे बीरपुर पूर्वी पंचायत के नौटोलिया की रहने वाली हैं, ये कह रहीं हैं कि, ये पहले पैसा निकासी-जमा के लिए बैंक जाती थीं, क्योंकि उन्हें किसी छोटे बैंक में भरोसा नहीं था। जिस वजह से इन्हें काफी समस्या होती थी। चूँकि बैंक दूर है तो इन्हें आने जाने में दिन भर का समय लग जाता था। लेकिन इन्हें वित्तीय वाणी के प्रशिक्षण में जानकारी दी गई की छोटे बैंकों से पैसे निकासी व जमा किया जाता सकता है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बताया गया था कि आधार और खाता नंबर जोर से नहीं बोलना चाहिए। छोटा बैंक उनके सुविधा के लिए बना है। जिसके बाद उन्होंने छोटे बैंकों से दो बार पैसा निकासी व जमा किया है और रसीद भी लिया है । वित्तीय वाणी के माध्यम से समय और पैसा बचता है एवं विशवास से हम निकासी -जमा कर सकते हैं। इसके लिए उन्होंने वित्तीय वाणी को धन्यवाद व्यक्त किया है।

मध्यप्रदेश राज्य के खनियाधाना के पंचायत रेडी हिम्मतपुर से संवाददाता श्यामलाल लोधी मोबाइल वाणी के माध्यम से खबर के असर को बता रहे हैं कि कुछ दिनों पहले एक खबर को चलाया गया था। जिसमें बताया गया था कि खनियाधाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत रेड्डी हिम्मतपुर के उचित मूल्य के दुकानदार नंदकिशोर के द्वारा उन्हें राशन नहीं दिया गया । फिर इस खबर को सम्बंधित अधिकारियों को फॉरवर्ड किया गया। जिसका असर यह देखने को मिला की उनकी समस्या का समाधान किया गया और राशन डीलरों द्वारा मुफ्त वाला राशन दिया गया ।

बिहार राज्य, बेगूसराय जिला, बीरपुर, नेवला पंचायत से बबिता कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से एक स्थानीय महिला से बातचीत की। जहाँ उन्होंने बताया कि, वे पहले बैंक जाकर पैसे निकाला और जमा किया करती थीं। बैंक दूर होने के कारण उन्हें दिन भर का समय लग जाता था। जिस वजह से उन्हें काफी समस्या होती थी। लेकिन इन्हें वित्तीय वाणी की प्रशिक्षण मिलने के बाद से जानकारी मिली कि, बैंक के छोटे छोटे जो केंद्र होते हैं वहां से पैसे निकासी करने के लिए पहले खाता में कितने पैसे हैं ये जाँच की जाती है, फिर निकासी की जाती है, जब निकासी हो जाए तो दोबारा खाता में कितने पैसे बचे है ये जांच की जाती है । जिसका रसीद लेना आवश्यक होता है ऐसा करने से बैंक खाता सुरक्षित रहता है। इस जानकारी से उन्हें काफी सहायता हुई है। प्रशिक्षण के बाद से अब तक ये दो बार आधार से पैसे निकाल चुकी हैं

बिहार राज्य, बेगूसराय जिला, बीरपुर, नेवला पंचायत से कोमल कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहीं हैं कि, ये पहले बैंक जाकर पैसे निकाला और जमा किया करती थीं। बैंक दूर होने के कारण उन्हें दिन भर का समय लग जाता था। जिस वजह से इन्हें काफी समस्या होती थी। लेकिन इन्हें वित्तीय वाणी की प्रशिक्षण मिलने के बाद से जानकारी मिली कि, बैंक के छोटे छोटे जो केंद्र होते हैं वहां से पैसे निकासी करने के लिए पहले खाते में कितने पैसे हैं ये जाँच की जाती है, फिर निकासी की जाती है, जब निकासी हो जाए तो दोबारा खाता में कितने पैसे बचे है ये जांच की जाती है । जिसका रसीद लेना आवश्यक होता है ऐसा करने से बैंक खाता सुरक्षित रहता है। इस जानकारी से उन्हें काफी सहायता हुई है। प्रशिक्षण के बाद से अब तक ये दो बार आधार से सुरक्षित निकासी कर चुकी हैं।

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बिहार राज्य, बेगुसराई जिला, बीरपुर प्रखंड के नौला पंचायत से सोमलता कुमारी वित्तीय वाणी के माध्यम से बताया कि वे बीरपुर पूर्वी पंचायत के नौटोलिया की रहने वाली हैं, ये कह रहीं हैं कि, ये पहले पैसा निकासी-जमा के लिए बैंक जाती थीं, क्योंकि उन्हें किसी छोटे बैंक में भरोसा नहीं था। जिस वजह से इन्हें काफी समस्या होती थी। चूँकि बैंक दूर है तो इन्हें आने जाने में दिन भर का समय लग जाता था। लेकिन इन्हें वित्तीय वाणी के प्रशिक्षण में जानकारी दी गई की छोटे बैंकों से पैसे निकासी व जमा किया जाता सकता है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बताया गया था कि आधार और खाता नंबर जोर से नहीं बोलना चाहिए। छोटा बैंक उनके सुविधा के लिए बना है। जिसके बाद उन्होंने छोटे बैंकों से दो बार पैसा निकासी व जमा किया है और रसीद भी लिया है । वित्तीय वाणी के माध्यम से समय और पैसा बचता है एवं विशवास से हम निकासी -जमा कर सकते हैं। इसके लिए उन्होंने वित्तीय वाणी को धन्यवाद व्यक्त किया है।

दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन की बातचीत बबीता से हुई बबीता बताती हैं ईएसआई कार्ड बनने के बाद भी हमें ईएसआई कार्ड से दवाई नहीं मिलती थी एक-दो गोलियां देकर चला कर दिया जाता था एक सप्ताह पहले हमने श्रमिक वाणी पर अपना इंटरव्यू दिया था इंटरव्यू देने से इतना फायदा हुआ कि आज सुबह एचआर वह फैक्ट्री मैनेजर दोनों ही हमारे पास आए और उन्होंने कहा कि आप ईएसआई कार्ड रिन्यू करवा कर और आपको दवाई मिलने लगेगी अब हमारी कंप्लेंट आप नहीं करेगा मैं श्रमिक वाणी का शुक्रिया अदा करती हूं कि उन्होंने हमारा इतना बड़ा काम कराया खबर को हमने लोकल व्हाट्सएप ग्रुप फेसबुक कंपनी के एचआर वे मैनेजर को खबर शेर की थी खबर का बड़ा असर हुआ है

दिल्ली एनसीआर से रीना परवीन ने श्रमिक वाणी के माध्यम से दिनांक 12-02-24 को बताया कि श्रमिक वाणी पर दिनांक 05-02-24 को ख़बर प्रसारित की थी। जिसमे उन्होंने स्थानीय निवासी शाहबाज से पीएफ और ईएसआई कार्ड से सम्बन्धित बातचीत की थी। शाहबाज ने बताया था कि वे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करते हैं जहाँ उन्हें दो साल से पीएफ नहीं मिल रहा था। जिस कारण सारे वर्कर बहुत ज्यादा परेशान थे। इस खबर को रीना परवीन द्वारा कंपनी मैनेजर और कम्पनी के एचआर व लोकल व्हाट्सएप ग्रुप फेसबुक को फॉरवर्ड कर साझा की गयी थी जिसके बाद एचआर ने समस्या को संज्ञान में लेकर सभी श्रमिकों को अगले महीने से पीएफ काटने और ईएसआई कार्ड की भी सुविधा प्रदान कराने की बात कही।इस कार्य हेतु शाहबाज श्रमिक वाणी का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।