कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने आज चौरई विकासखंड के ग्राम तुमडा पहुंचे और चौपाल लगाकर ग्रामवासियों की समस्याएं सुनी। ग्रामवासियों ने बताया कि सड़क के किनारे लगे ट्रांसफार्मर में कभी - कभी स्पार्किंग होती है, जिससे बिजली की समस्या उत्पन्न होती है। जिसके लिए कलेक्टर ने जनपद सीईओ को बिजली विभाग से बात कर समस्या का जल्दी से जल्दी निराकरण करने के लिए निर्देशित किया।

दिनांक 05/01/2026 को जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन जी के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत बिंझवाड़ा मे सेक्टर स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें विकासखंड समन्वयक अफ़्शा खान के द्वारा संपूर्ण जानकारी दी गई। बैठक में 05 समितियों के सदस्य उपस्थित रहे जिसमें उन्हें समिती के कार्यों की माहवार जानकारी एवं बोर्ड बैनर अन्य आवश्यक सामग्री के विषय में बताया गया। साथ जल संचय अभियान अंतर्गत व्यर्थ बहने वाले पानी को बचाने , जल का संचय करने एवं बोरी बंधन कर पानी को रोक कर आगामी समय के लिए पानी संग्रह किया जा सके जो खेतो और जीव जंतुओ के काम आ सके इस पर जानकारी दी गई।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत की दस महिला स्वतंत्रता सेनानी ने इतिहास को आकार दिया है। जिनका नाम जो है - रानी लक्ष्मी बााई,बेगम हजरत महल,कस्तूरबा गाँधी,विजय लक्ष्मी पंडित, सरोजिनी नायडू,अरुणा आसाफली, मैडम भीकाजी कामा,कमला चटोपाध्याय,कितर चन्नमा और साविती भाई फुले। इन दस महिलाओं के द्वारा भारत में स्वतंत्रता,न्याय और समानता के लिए संघर्ष करने वाली साहसी महिलाओं का लंबा इतिहास है। रानी लक्ष्मी बााई से लेकर सरोजिनी नायडू तक भारत में सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानी हुई।जिन्होंने देश की स्वतंत्रता में अमूल्य योगदान दिया।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सावित्री बााई फूले एक भारतीय समाज सुधारक थी जिन्होंने भारत में महिलाओं और निम्न जातियों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यो और जाति व्यवस्था के खिलाफ उनके संघर्ष के लिए जाना जाता है

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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि विश्व के अधिकांश देशों में प्रमुख सत्ता संरचनाएं, कानून, रीति रिवाज और सांस्कृतिक मापदंड महिलाओं को भूमि पर समान अधिकार से वंचित करते हैं। स्थानीय राष्ट्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में में अपिहार भूमिका निभाने के बावजूद विश्व भर में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली पंद्रह प्रतिशत से भी कम महिलाओं को भूमि समबंधी सुरक्षित अधिकार प्राप्त हैं।लैंगिक असमानता हर किसी को प्रभावित करती हैं। जब महिलाओं को सुरक्षा और अपनी भूमि पर नियंत्रण मिलता है तो शिक्षा तक पहुंच बढ़ती है। यवा की आयु बढ़ती है, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है,आय बढ़ती है ,गरीबी का चक्र टूटता है और घर और समुदाय के भीतर सत्ता में स्थाायी बदलाव आता है और जब परिवार और समुदाय स्तर पर इन परिणामों में सुधार होता है तो यह जलवायु परिवर्तन ,खाद सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ जैसे वैश्विक गहरे लैंगिक मुद्दे पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को भूमि से बेदखल कर दिया जाता है। कभी कभी तो उनकी जान को भी खतरा होता है। भूमि का अधिग्रहण मिलने के बावजूद महिलाओं को पुरुषों द्वारा किए जाने वाले उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। कई महिलाओं के पास भूमि है लेकिन उनको भूमि एक बोझ जैसी लगती हैं

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