बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से अतुल कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं की छोटे से बादाम में इतने सारे गुण छुपे होते हैं जिनके बारे में हम लोग नहीं जानते। इसमें फाइबर, प्रोटीन, फैट, विटामिन E, मेग्निशियम होता है। इन सबके अलावा इसमें कॉपर, विटामिन B2 एवं फास्फोरस भी होता है। बादाम, कैलोरी, कार्बोहाइड्रेड जिंक और ओमेगा 3 फैटी एसिड से भी भरपूर होता है। अगर आप 7 दिन तक लगातार खाली पेट 3 से 5 बादाम खा लेते हैं, तो आपकी कई सारी परेशानियां खत्म हो सकती हैं। यदि आपको कमजोरी की वजह से कमर दर्द हो रहा है तो बादाम इसमें फायदा पहुंचा सकती है।हाई ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम को भी ये पूरी तरह खत्म कर देता है।बादाम ब्लड में शुगर के लेवल को बढ़ने से रोकता है और इंसुलिन के स्त्राव को बढ़ाता है। इसलिए यह डायबिटीज के लिए भी अच्छी मानी जाती है।पाचन क्रिया अच्छी तरह होती है और कब्ज की समस्या दूर करने में मदद करता है।
बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से अतुल कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं की उम्र बढ़ने के साथ भूलने की बीमारी होना आम है, लेकिन सेहतमंद खान-पान को अपनाकर आप इस पर जीत हासिल कर सकते हैं यानी बुढ़ापे में भी अपनी याददाश्त को दुरुस्त रख सकते हैं। यह कैसे होगा, इसके बारे में वैज्ञानिक काफी समय से शोध कर रहे हैं। ऐसे ही एक शोध में बताया गया है कि संतरे का जूस और बेर जैसे फलों का सेवन करने से याददाश्त तेज होती है। खासकर पुरुषों में इसका ज्यादा असर होता है।
बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से अतुल कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं की अंडा अगर आपकी सेहत बना सकता है तो बिना जानकारी के इसका सेवन आपकी सेहत बिगाड़ भी सकता है। यदि आपको ये सुनकर मजाक लग रहा है तो इसको हल्के में न लें। आपको बता दें कि रोजाना ज्यादा अंडे खाने से ब्लड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा सकता है और हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है। रोजाना ज्यादा मात्रा में अंडे खाने से इनमें मौजूद उच्च कैलोरी वजन बढ़ा सकती हैं।अंडे में सारा कोलेस्ट्रोल और फैट इसके पीले भाग में होता है। तो यदि सेहत का ध्यान रखना चाहते हैं तो अंडे को पकाने से पहले या उबालने के बाद इसके पीले भाग जिसे योक कहा जाता है, को अलग निकाल लेना चाहिए। इस प्रकार केवल अंडे का सफेद भाग यदि रोज़ भी खाया जाए तो इससे कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि लाभ ही होता है।वे लोग जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर, डाइबिटीज़ व हृदय संबंधी रोग होते हैं, उन्हें अंडे का पीला भाग बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।
बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं की अब नौकरियों में चयन के वक्त आपकी सोशल गतिविधि भी निभायेंगे अहम भुमिका।इसका मुख्य कारण है की आपके कौशल के साथ ही आपके स्वभाव की भी जानकारी लेना।यह प्रचलन नया नहीं है बल्कि कुछ वर्षों से निरंतर कपनियां चयन के पूर्व व्यक्ति के स्वभाव का संज्ञान लेने के लिए उनके सोशल गतिविधियों पर भी नजर रखते हैं।
बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं की हमारे देश में महिलाओं के साथ होने वाले अपराध और यात्रियों की यात्रा के दौरान अकाल मौत के बढ़ते आँकड़े इस बात पर विचार करने को विवश कर देते है की इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है।सिर्फ सरकारी तंत्र की या हम सभी की।अपराधों के वीभत्स रूप और आँकड़े कहते हैं इसके लिए हम सबको विचार करना होगा और सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी होगी।स्वयं को भी सचेत रहने की जरूरत रहती है क्यूंकी कई बार छोटी लापरवाही भी बड़े अपराध को अंजाम दे देती है।
बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं की जनसँख्या वृद्धि पर लगाम लगाना बेहद जरुरी हो गया है। अधिक लोगों के लिए अधिक भोजन और अधिक संसाधन की आवश्यकता होती है।बढ़ती जनसँख्या से प्रदूषण भी बढ़ने लगा है।पेय जल दुषित हो गया हैं और वाहनों की सँख्या बढ़ने से वायु और ध्वनि प्रदूषण भी बद गया है।प्रदूषण के कारण ही कई तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे है हम सब।प्राकृतिक संसाधनों का भी दोहन होने से भविष्य में कई समस्याएँ उतपन्न हो सकती है।पानी की समस्या भी विकराल रूप लेने लगी है।समय रहते ही हमें सँभल जाने की जरुरत है
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बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी साझा करते हैं की देश में पानी की समस्या तो दिनों-दिन बढ़ ही रही है।भुजल का गिरता स्तर और वर्षा का कम होना सीधे खेती को प्रभावित कर रही है।इस साल भी कुछ ऐसा ही हुआ किसानों के साथ धान की फसल पानी के कारण बर्बाद हो गयी।वहीं कुछ किसानों ने सरकार के अनुदान या अपने प्रयासों से धान की फसल को बचा लिया।लेकिन वो अब एक नयी समस्या से जूझ रहे है।अब जब किसान धान की बालियों से धान अलग कर रहे हैं तो उन्हें पैदावार में भारी कमी दिखी।जहाँ पहले एक एकड़ में 25 किवंटल धान की उपज होती थी।इस बार सीधे एक एकड़ में 5 क्विंटल की पैदावार मिली है।जिससे किसान काफी हताश हो गये हैं।
