बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी साझा करते हैं की देश में पानी की समस्या तो दिनों-दिन बढ़ ही रही है।भुजल का गिरता स्तर और वर्षा का कम होना सीधे खेती को प्रभावित कर रही है।इस साल भी कुछ ऐसा ही हुआ किसानों के साथ धान की फसल पानी के कारण बर्बाद हो गयी।वहीं कुछ किसानों ने सरकार के अनुदान या अपने प्रयासों से धान की फसल को बचा लिया।लेकिन वो अब एक नयी समस्या से जूझ रहे है।अब जब किसान धान की बालियों से धान अलग कर रहे हैं तो उन्हें पैदावार में भारी कमी दिखी।जहाँ पहले एक एकड़ में 25 किवंटल धान की उपज होती थी।इस बार सीधे एक एकड़ में 5 क्विंटल की पैदावार मिली है।जिससे किसान काफी हताश हो गये हैं।