बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी साझा करते हैं की शिक्षा तो हमारे लिए जरुरी है ही,लेकिन शारीरिक और मानसिक तनाव के लिए खेल-कुद और व्यायाम भी काफी जरुरी है।आज शिक्षा तो सबके लिए मह्त्वपूर्ण है,पर इसके कारण समाज में खेल-कुद के प्रति जो रुझान कम होता जा रहा है ,वो बहुत ही चिंताजनक है।बच्चों को पढ़ाई के साथ ही अन्य पाठ्यक्रमों जैसे संगीत,चित्रकला में भी रूचि दिखानी चाहिए।इसके लिए सरकार और शिक्षकों के साथ अभिभावकों को भी प्रयास करना चाहिए की बच्चे आधुनिक उपकरणों में लिप्त रहने की जगह शारीरिक गतिविधियों वाली चीज़ों का हिस्सा बनें।
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बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं की हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था बहुत ही खराब दौर से गुजर रही है।अगर देखा जाए तो हमारे देश के सरकारी स्कुलों की स्थिति काफी दयनीय है।इसका कारण सरकार और शिक्षा प्रणाली तो है ही लेकिन इस समस्या के लिए कहि ना कही शिक्षक भी जिम्मेदार है।हमारे देश में शिक्षकों का उद्देश्य सिर्फ अपने जीविकोपार्जन के लिए यह काम करना होता है।बहुत ही कम शिक्षक है जो इस क्षेत्र में अपनी रूचि रखते हैं।रूचि रखने वाले शिक्षक अपने आप को निरंतर अपग्रेड करते रहते है जिससे बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जा सके लेकिन अधिकतम शिक्षक खुद को अपग्रेड नहीं करते है।पुरानी पद्धति द्वारा बच्चों को पढ़ाते है ,जिससे बच्चे आज के युग के अनुसार खुद को नहीं बना पाते जो उनके भविष्य के लिए अच्छा नहीं रहता है।इसलिए सरकार को समय-समय पर शिक्षकों के लिए कुछ प्रशिक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि उनमें भी ज्ञान की वृद्धि होती रहे
बिहार राज्य के जमुई जिला के सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि कोई भी पर्व या त्यौहार होती है, तो लोगों की आंतरिक व्यक्तिगत शुद्धि होती है।साथ ही साथ सांस्कृतिक धरोहर भी गतिशील रहती है। लोग निष्ठावान होकर किसी भी पर्व को मनाते हैं।लेकिन जिस तरह त्यौहार पर बाजारवादी व्यवस्था हावी होते जा रही है। यह किसी भी द्रृष्टि से उचित नहीं है। पर्व त्योहार के आते ही खाद्य वस्तुओं में बेतहासा वृद्धि होने लगती है और इसी के साथ शुरू होता है कालाबाज़ारी का दौर। गौरतलब है कि कालाबाज़ारी बढ़ने के बाद भी प्रशासन की ओर से भी ध्यान नहीं दिया जाता है। अत: कालाबाज़ारी को ख़त्म करने के लिए जरुरी है प्रशासन इस ओर ध्यान दे साथ ही साथ केंद्र और राज्य सरकार को भी आगे आना होगा।
बिहार राज्य के जमुई जिला के सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि वर्तमान समय में भी बच्चों का बचपन पूरी तरह से बाल मजदूरी के गिरफ्त में है। आजादी के इतने साल बाद भी आज बच्चे कूड़ा बीनने के साथ साथ भीख मांगने तक के कामों में संलिप्त देखा जाता हैं। यह काम उन्हें मज़बूरी में करना पड़ता है। वर्तमान समय में सरकार द्वारा कई तरह के योजनाएं संचालित हो रही हैं।लेकिन किसी भी योजनाओं लाभ बच्चों को नहीं मिल पता हैं। अत: बच्चों की इस हालात पर सरकार के साथ -साथ समाज सेवी संस्थाओं को गंभीरता पूर्वक विचार करने की जरुरत है।
