दिल्ली बहादुरगढ़ हरियाणा से अनीता कश्यप ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बहादुरगढ़ की कंपनियों में ठेकेदारों के खिलाफ कम्प्लेन करने का कोई फायदा नहीं है
उत्तरप्रदेश राज्य के कानपूर से लज्जा राम ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मजदूरों की समस्या खत्म नहीं हो रही है। कोविड का दूसरा लहर अब खत्म हो रहा है लेकिन मजदूरों की स्थिति जस के तस बनी हुई है। मजदूरों के काम पर जाने पर कंपनी उन्हें बहुत से नियम कानून बता कर उन्हें काम से निकाल देती है। किसानों ने भी अपने काम खत्म कर लिया है जिससे अब उन्हें भी नौकरी की जरुरत है। दो वक्त की रोटी के लिए मजदूरों को यदि कोई काम नहीं मिलेगा तो वे रोजमर्रा का सामान कहा से लाएंगे
दिल्ली एनसीआर के नॉएडा से कांता प्रसाद ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि उन्हें मज़दूरों की डायरी पसंद आई। यह बात सच है कि पूंजीपति वर्ग हमेशा से मज़दूरों को मज़बूर ही समझते आए है। मज़दूरों का कोई नहीं है ,न ही सरकारी तंत्र ,न श्रम विभाग न लेबर कोर्ट। इस कारण उनका कोई कार्य नहीं हो पाता है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरे विचार...
दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र से राजेश कुमार पाठक ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि उन्हें मज़दूरों की डायरी कार्यक्रम पसंद आई। मनोहर लाल ने मज़दूरों के विषय में बहुत अच्छी बातें की। ऑडियो पर क्लिक कर इनके विचार सुनें...
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झारखण्ड राज्य के रांची ज़िला से तुषार ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि उन्हें मनोहर कश्यप की 'मज़दूरों की डायरी' कार्यक्रम पसंद आई। वो चाहते है कि ऐसे कार्यक्रम आगे भी ऐसी ही प्रसारित की जानी चाहिए
दिल्ली एनसीआर के मानेसर से विकास ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि अभी काम मिलना बहुत मुश्किल हो गया है। कंपनी में सही से वेतन नहीं मिल रहा है। पहले ओवरटाइम के सही पैसे मिलते थे परन्तु अब 12 घंटे की काम करवा कर सैलरी आठ जा रही है। इससे मज़दूरों को भरण पोषण करने में दिक्कत आ रही है ,
हरियाणा राज्य के झज्जर ज़िला के बहादुरगढ़ से सतरोहन लाल कश्यप ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मज़दूरों की डायरी उन्हें पसंद आई। कार्यक्रम काफ़ी सराहनीय है
उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद से दिनेश कुमार साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि काम नहीं मिलने की वजह से लॉक डाउन में मजदूरों का हाल हुआ बेहाल।
