दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन की बातचीत तारा से हुई तारा बताती हैं मैं मनीषा कंपनी में काम करती हूं हमारे यहां पर कॉस्मेटिक की सिंदूर का काम होता है हमारी फैक्ट्री में लगभग 15 लोग काम करते हैं इसमें से 10 लेडिस है पांच जेंट्स हैं हमारे फैक्ट्री मालिक 2 महीने से हमारा पीएफ नहीं दे रहे हैं हमारी तनख्वाह में से हर महीने ₹1000 का पीएफ कट रहा है मगर पीएफ नहीं मिल रहा है जिसको लेकर बहुत ज्यादा समस्या है

गुड़गांव में काम करने आए मज़दूर साथी बताते हैं 15 साल सिलाई का काम कर रहा हूं लेकिन मंहगाई इतनी है कि परिवार साथ रखना मुश्किल हो गया है ।

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दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से हसमत अली ने गौतमबुद्ध नगर अध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा से बातचीत की। जिसमें उन्होंने जानकारी दी की यह लोकतंत्र की हत्या है । विरोध करने का अधिकार सभी को दिया गया है , लेकिन यह सरकार लोगों की आवाज नहीं सुनना चाहती और किसानों के साथ हुए समझौते को सरकार ने लागू नहीं किया है । यह कई संगठनों का आह्वान नहीं है , लेकिन यह अभी भी उन संगठनों का अधिकार है। श्रमिक और किसान 16 फरवरी को पूरे देश में हड़ताल पर जा रहे हैं और उस हड़ताल की सफलता के लिए कई संगठन अपने तरीके से काम कर रहे हैं। इसलिए सरकार हड़ताल को रोकने के लिए जिस तरह के कदम उठा रही है , वह समस्याओं को हल करने के बजाय दमन के आधार पर मांगों को दबाना चाहती है। उससे वहां की समस्याओं का अंत नहीं होगा ।

दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से हसमत अली किसानों के दिल्ली कूच पर सीटू हरियाणा उपाध्यक्ष से हुई बातचीत की। जिसमें उन्होंने बताया की अगर देश के भीतर हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है तो हम दिल्ली जाएंगे , लेकिन केंद्र सरकार और हमारी राज्य सरकार जिस तरह का दमनकारी रुख अपना रही है, यह बिल्कुल अलोकतांत्रिक है और यह सही तरीका नहीं है

दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से अस्मद अली जानकारी दे रहे हैं की गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों को दिल्ली कूच से रोकने के लिए सड़क पर बनाई जा रही है दीवार। दो डिवाइडर लगाकर बीच - बीच में कंक्रीट भरी भरी जा रही है। हजारों पुलिस बल तैनात हैं। दिल्ली की सीमा पर यह दीवार खड़ी की जा रही है और यहां की सड़कें पूरी तरह से अवरुद्ध हैं । किसी को आने - जाने की अनुमति नहीं है । पुलिस का काफिला यहां बड़ी संख्या में मौजूद है ।

दिल्ली एनसीआर श्रमिक वाणी के माध्यम से रीना परवीन की बातचीत बबीता से हुई बबीता बताती हैं ईएसआई कार्ड बनने के बाद भी हमें ईएसआई कार्ड से दवाई नहीं मिलती थी एक-दो गोलियां देकर चला कर दिया जाता था एक सप्ताह पहले हमने श्रमिक वाणी पर अपना इंटरव्यू दिया था इंटरव्यू देने से इतना फायदा हुआ कि आज सुबह एचआर वह फैक्ट्री मैनेजर दोनों ही हमारे पास आए और उन्होंने कहा कि आप ईएसआई कार्ड रिन्यू करवा कर और आपको दवाई मिलने लगेगी अब हमारी कंप्लेंट आप नहीं करेगा मैं श्रमिक वाणी का शुक्रिया अदा करती हूं कि उन्होंने हमारा इतना बड़ा काम कराया खबर को हमने लोकल व्हाट्सएप ग्रुप फेसबुक कंपनी के एचआर वे मैनेजर को खबर शेर की थी खबर का बड़ा असर हुआ है