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दिल्ली एनसीआर मानेसर से शंकर पाल श्रमिक वाणी के माध्यम से कह रहें हैं कि, बहुत सारे लोग अभी भी पैन से आधार लिंक नहीं करवाए हैं। काफी ऐसे लोग भी हैं जिन्हें आधार लिंक करवाने की जानकारी भी नहीं है। साथ ही जानकारी दे रहें हैं की झारखण्ड के पलामू में साइबर कैफ़े वाले बिचौलिए लोग आधार को पैन से लिंक करवाने के लिए एक हज़ार रूपए की मांग कर रहें हैं

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दिल्ली एनसीआर के मानेसर से मनीष की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से राजकुमार से हुई। राजकुमार बताते है कि वो जिस कंपनी में काम करते थे वहां उनका पीएफ का पैसा नहीं कटता था। वेतन उनको पीएफ का पैसा काट कर ही दिया जाता था लेकिन उनका पीएफ का पैसा जमा नहीं होता था। इन्होने दूसरी कंपनी ज्वाइन कर ली। 10 दिन काम करने का वेतन भी नहीं मिला

दिल्ली एनसीआर के मानेसर से मनीष की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से राजकुमार से हुई। राजकुमार बताते है कि एक्सपोर्ट कंपनियों में टी ब्रेक मिलने पर श्रमिकों को टी ब्रेक के समय जितना अधिक काम करवाया जाता है। साथ ही टी ब्रेक के नाम पर कंपनी से चाय भी नहीं मिलती है। कंपनियों में देखा जाता है कि श्रमिकों की सुरक्षा के लिए उपकरण भी मौजूद नहीं रहते है

दिल्ली आईएमटी मानेसर से कमलेश पासवान ने श्रमिक वाणी के माध्यम से बताया कि उन्होंने 2021 में गोडज़ा कंपनी में काम किया। उन्होंने बताया कि प्रति दिन उनकी इंट्री रजिस्टर में होती थी। तनख्वा लेने की तिथि 7-10 की होती थी। कंपनी मालिक ने उन्हें दो महीने तक तनख्वा देने से टाल मटोल किया। फिर बाद में तनख्वा देने से मना कर दिया। इसकी शिकायत उन्होंने लेबर कोर्ट में की ,वकील ने इस काम के लिए उनसे पांच हज़ार लिए। लेकिन वकील ने भी बाद में ये कह कर कोई मदद नहीं की कि उनका नाक कंपनी में कम्पूटर एंट्री नहीं है। इसके बाद कमलेश दोबारा कंपनी में गए और अपने बकाये तनख्वा देने की बात की तो कंपनी मालिक ने मना कर दिया

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