दिल्ली एनसीआर के मानेसर से मनीष की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से राजकुमार से हुई। राजकुमार बताते है कि एक्सपोर्ट कंपनियों में टी ब्रेक मिलने पर श्रमिकों को टी ब्रेक के समय जितना अधिक काम करवाया जाता है। साथ ही टी ब्रेक के नाम पर कंपनी से चाय भी नहीं मिलती है। कंपनियों में देखा जाता है कि श्रमिकों की सुरक्षा के लिए उपकरण भी मौजूद नहीं रहते है