दिल्ली से नाज़ परवीन की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हीना से हुई। हीना यह बताना चाहती हैं कि वह किराए पर रहती हैं। उनको ससुराल में और मायके में मालिकाना हक़ नहीं मिला है। जमीन को लेकर लड़ाई भी होती है। वह जमीन में हिस्सा लेना चाहती हैं लेकिन उनको हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। माता और पिता भी जमीन में अधिकार नहीं देते हैं। वह सिर्फ भाई को जमीन में अधिकार देने की बात करते हैं। इनके हस्बैंड मजदूरी करते हैं
दिल्ली से मोबाइल वाणी संवाददाता अस्मत अली ने मोबाइल वाणी के माध्यम से नाज परवीन से साक्षात्कार लिया। नाज परवीन ने बताया कि इन्होने मोबाइल वाणी पर कार्यक्रम सुना। जिसमे बताया गया था कि एक पत्नी ने अपने पति के जीवन में ससुराल की प्रॉपर्टी में हिस्सा ले लिया था।पति के देहांत के बाद वो महिला आराम से अपना जीवन गुजार रही हैं। तो नाज परवीन की इच्छा हुई अपनी भी बात मोबाइल वाणी पर रखने की। अपनी बात को जारी रखते हुए नाज़ कहती हैं कि बहन की शादी के बाद भाई नही चाहते हैं कि बहन मायके आए। माता - पिता के बाद बेटी का मयके में रास्ता बंद हो जाता है। पैतृक सम्पत्ति में बहन को हिस्सा मिलना चाहिए और यह बहन का हक़ है।नाज परवीन के मायके में भी सम्पत्ति है। ये उसमें हिस्सा लेना चाहती हैं।लेकिन भाई उसमें हिस्सा देना नही चाहते हैं। जरुरत पड़ी तो ये अपने हक़ के लिए क़ानूनी सहायता लेंगी और कोर्ट जाएंगी।
मध्य प्रदेश राज्य के नगर इटारसी से राकेश कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को ससुराल के प्रॉपर्टी में हक़ लेना चाहिए।मायके में माता पिता अपने बेटी को पढ़ाते लिखाते हैं और दहेज़ देकर शादी करते हैं और उसके बाद जमीन में भी हिस्सा देना पड़ेगा तो लोग बेटी को जन्म नहीं देने के बारे में सोचने लगेंगे।इसलिए बेटी को ससुराल में ही हक़ मिलना चाहिए।
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दिल्ली के श्री राम कॉलोनी से रीना परवीन ,श्रमिक वाणी के माध्यम से कहती है कि बिमारियों से बचने के लिए घर के आसपास पेड़ पौधे लगाना चाहिए। पेड़ रहेगा तो स्वास सम्बन्धी समस्या नहीं होगी। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ चुका है ,जगह जगह फ्लाईओवर बनने का कार्य चल रहा है। इस कारण वायु प्रदुषण बढ़ा है और बुजुर्गों को स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या हो रही है। इसीलिए पेड़ लगाना चाहिए ताकि पर्यावरण स्वच्छ रहे और मनुष्य स्वस्थ रहे
दिल्ली के श्री राम कॉलोनी से रीना परवीन ,श्रमिक वाणी के माध्यम से कहती है कि श्री राम कॉलोनी में आधार कार्ड को लेकर कैंप नहीं लग रहा है। जिससे बच्चों का आधार कार्ड बनवाने और आधार कार्ड संशोधन करवाने में दिक्कतें आ रही है। अगर बाहर से आधार कार्ड में सुधार करवाते है तो 500 रूपए की मांग की जाती है। इसीलिए श्री राम कॉलोनी में सरकार द्वारा कैंप लगना चाहिए ताकि आधार कार्ड सम्बन्धी दिक्कतें दूर हो
दिल्ली एनसीआर के मानेसर से शंकर पाल ,श्रमिक वाणी के माध्यम से बताते है कि जिनके पास एटीएम है ,वो आधार कार्ड के माध्यम से पैसे निकाल सकते है। इस प्रक्रिया में अँगूठे का निशान लगाना पड़ता है। और इसी में कई भोले लोगों के साथ धोखाधड़ी हो जाती है। लोग विश्वास कर अँगूठा लगा देते है और इसके बाद उनका पैसा अलग से निकाल कर रख लिया जाता है और बाद में पता चलता है कि उनके बैंक खाता से निकासी हो चुकी है। गाँव में कई बार धोखा होता है। जैसे किसी के खाते से बीस हज़ार की निकासी हो रही है और ग्राहक को लेकर दो हज़ार रूपए देकर अठारह हज़ार रख लेते है। अगर धरपकड़ होता है तो पैसे दे देते है लेकिन जिनको जानकारी नहीं वो धोखा के शिकार हो जाते है। अभी ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से लोग पेमेंट करते है। आधार से पैसे निकालने के बजाय एटीएम से ही पैसों की निकासी करनी चाहिए। या फिर स्मार्ट फ़ोन रख कर कही भी ऑनलाइन पेमेंट कर सकते है
दिल्ली के श्री राम कॉलोनी से मोहम्मद शाहनवाज़ ,श्रमिक वाणी के माध्यम से अदनान से बात कर रहे है। अदनान बताते है कि वो मुरादाबाद के निवासी है। उन्होंने आयुष्मान कार्ड के बारे में अपने मित्र से जानकारी ली थी और इसे बनवाने के लिए दो बार ऑनलाइन आवेदन भी किया पर कार्ड बन नहीं पाया। इसमें उन्होंने बिचौलिया की सहायता ली तो बिचौलिया द्वारा पांच हज़ार रूपए की मांग की जा रही है।
दिल्ली के मानेसर से मनीष कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राजकुमार यादव से बातचीत किया। बातचीत के दौरान राजकुमार यादव ने बताया की, सरकार के द्वारा सभी लोगो सूचित किया गया है की सब लोग अपना अपना पैन कार्ड अपने आधार कार्ड से जरूर लिंक करवा ले। ऐसा करने के बाद अगर किसी व्यक्ति का आधार कार्ड खो भी जाता है, तो वो अपना पैन कार्ड का इस्तेमाल कर के पैसा निकाल सकते है।
हरियाणा राज्य के झज्जर से मनोहर लाल कश्यप ने श्रमिक वाणी के माध्यम से अनिल कुमार से बातचीत किया। बातचीत के दौरान अनिल कुमार ने बताया की, इन्होने अपने गाँव के आँगनबाड़ी के माध्यम से अपना आयुष्मान कार्ड बनवाया था। आँगनबाड़ी केंद्र के जिन भी लोगो का आयुष्मान कार्ड नहीं बना हुआ है। उन सभी को केंद्र में बुला कर सामूहिक रूप से उनका आयुष्मान कार्ड बनवा दिया जाता है। आयुष्मान कार्ड बनवाने में अनिल कुमार को कोई भी समस्या नहीं हुई इनका कार्ड बहुत ही आसानी से बन गया। लेकिन इस कार्ड का अभी तक इन्हे कोई भी लाभ नहीं मिला है। सरकारी अस्पताल में तो इन्हे इस कार्ड के माध्यम से इलाज करवाने में कोई समस्या नहीं होती है। लेकिन प्राइवेट अस्पताल में जाने के बाद इन्हे कहा जाता है की, इस कार्ड से हमे कोई मतलब नहीं है। अगर आपको इलाज करवाना है तो आपको पैसे देने होंगे
