सुजीत कुमार सिंह मरदह ब्लाक प्रमुख पद के प्रत्याशियों में प्रबल दावेदार सीता सिंह पत्नी धर्मेंद्र कुमार सिंह के एंट्री  से मची खलबली ? गाजीपुर मरदह ब्लाक अंतर्गत अरखपुर निवासी सीता सिंह पत्नी धर्मेंद्र कुमार सिंह उर्फ मंटू भैया की ब्लॉक प्रमुख पद के प्रबल दावेदारी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है | त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद क्षेत्र पंचायत सदस्यों के परिणाम स्वरूप ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए तरह-तरह के लुभावना देकर बी०डी०सी० के सदस्यों को आकर्षित करने का सिलसिला शुरू हो गया है | प्रमुख पद के प्रत्याशियों के दावेदारी में पूर्व ब्लाक प्रमुख रहे , विजय सिंह यादव राजनीति में अच्छी पकड़ एवं मजबूत खिलाड़ियों में अच्छे खिलाड़ी माने जाते हैं | जो अपने चुनावी दांव पेच में कल - बल - छल का प्रयोग कर कुर्सी हथिया लेने में माहिर हैं | परन्तु इनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आशा यादव भी जिला पंचायत सदस्य की चुनाव लड़कर दोबारा सीट को कब्जा करने में लगी रही , लेकिन इनके कार्यों द्वारा जनता में रोष व्याप्त होने के कारण हार का सामना करना पड़ा | और क्षेत्र भी वही है जहां मरदह ब्लाक के ब्लॉक प्रमुख की सामान्य सीट होने के बाद इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए चुनाव मैदान में फिर से ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदार बने विजय सिंह यादव | इनकी कडी टक्कर देने के लिए अरखपुर से क्षेत्र पंचायत सदस्य सीता सिंह पत्नी धर्मेंद्र कुमार सिंह मिंटू भैया के दावेदारी से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है | जिसको चुनाव लड़ाने के लिए भाजपा एम०एल०सी० विशाल सिंह "चंचल" के प्रतिनिधि चतुरभुज सिंह को मरदह ब्लाक प्रमुख पद के प्रत्याशी के साथ क्षेत्र भ्रमण करने पर चर्चा का विषय बना हुआ है |ऐसा माना जा रहा है कि सिंह के भ्रमण में एम०एल०सी०चनचल जी का समर्थन हैप्रतिनिधि ने बताया कि मरदह ब्लाक क्षेत्र में क्षेत्र पंचायत सदस्यों को बधाई देकर वोट करने की अपील किया जा रहा है | जिससे मरदह ब्लॉक का विकास हो सके | जातिगत समीकरण देखने के बाद सामान्य सीट पर ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर दावेदारी कर क्षेत्र में जनता की सेवा कर रहे , अरविंद कुमार सिंह उर्फ झब्बू सिंह भी ब्लॉक की कुर्सी को पाने के लिए हर तरह से प्रयास कर रहे हैं | इसी कड़ी में हिमांशु सिंह भी प्रबल दावेदारी के साथ चुनाव मैदान में उतर कर लोगों से संपर्क कर वोट करने की अपील कर रहे | अब देखना है कि इस ब्लाक प्रमुख पद के प्रत्याशियों में ब्लॉक प्रमुख पद के प्रबल दावेदार सीता सिंह के तरफ क्षेत्र के तमाम माननीय एवं सम्मानित लोगों द्वारा स्नेह लगाव और प्यार मिल रहा है | तथा इनकी कुशल व्यवहार होने के कारण इस दावेदारी को स्वीकार करने में क्षेत्र की जनता लगी हैं | जिनकी ब्लॉक क्षेत्र में ही नहीं पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है |

विरनो. स्थानीय ब्लाक के शहाबुद्दीनपुर गाँवसभा का मतगड़ना के बाद भोदू खां शहाबुद्दीनपुर का प्रधान तो आखिर बन ही गये। बताते चलें कि यह चुनाव बहुत ही रोमांचक रहा। क्योंकि अन्य गांव के लोग भी शहाबुद्दीनपुर गांवसभा का नजारा देखते व सुनते रहे. कि आखिर कौन जीतेगा चुनाव। सबको यही पता था कि चुनाव पोतन बिंद के पाले में जायेगा। भोदू खां किसी कीमत पर चुनाव नहीं जीत पायेंगे। क्योंकि यादव बिरादरी का कुल 350 वोट था. यादव वोट पर ही यह चुनाव निर्भर था। क्योंकि गांव के लोगों का कहना था कि यादवों का वोट 80 प्रतिशत पोतन बिंद के पाले में गया है। जिससे दो-चार वोट से वे चुनाव जीत जाएंगे। क्योंकि यादव बिरादरी का वोट दो खेमें में था। और प्रत्याशियों में यह विश्वास था कि यादव बिरादरी का वोट आधा- आधा दोनों खेमें में जायेगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यादव बिरादरी का वोट ठीक उल्टा हुआ. 80 प्रतिशत यादव बिरादरी का वोट भोदू के पाले में पड़ा. और भोदू खां 170 वोटों से चुनाव जीत गये। बताते चलें कि वोटरों में यह चर्चा था कि कुछ ही वोट से पोतन बिंद चुनाव जीत जाएंगे। लेकिन वोटिंग के बाद मत स्थल पर पहुंचे मीडिया ने कुछ वोटरों से गुप्तगु कर यह साबित कर दिया था व अंदाजा लगाया था कि भोदू खां चुनाव 50 से 150 के बीच चुनाव जीत रहा है। लेकिन उससे भी अधिक वोटों से अपना परचम लहराया। प्रमाण पत्र लेने के बाद विरनो पुलिस ने नवनिर्वाचित ग्रामप्रधान को उसके घर तक छोड़ा। वहीं नवनिर्वाचित प्रधान भोदू खां ने अपने गांव के बूढ़े बुजुर्गों का पैर छू कर आशीर्वाद लिया।

विरनो स्थानीय ब्लाक के शहाबुद्दीनपुर बूथ पर पड़ रहे मत के बाद अपने घर जाता विकलांग बूथ एजेंट। बताते चलें कि अशोक प्रजापति जो अपने दोनों पैरों से विकलांग हैं। उन्होंने भी इस पंचायत चुनाव में दिलचस्पी लिया था और किसी प्रधान प्रत्याशी का एजेंटी कर रहे थे। शाम को 6 बजे मत समाप्त होने के बाद वे अपने पैरों से जमीन पर चल कर घर जाते विकलांग एजेंट अशोक प्रजापति। बताते चलें कि ये भी क्षेत्र पंचायत के लिए पर्चा भरा था। लेकिन प्रमुख प्रवीण यादव के मौदान में आने से उनके सम्मान में अपना पर्चा वापस ले लिया था। जिस पर विकलांग अशोक प्रजापति का प्रमुख प्रवीण यादव ने बहुत ही सम्मान किया। जिसको लेकर विकलांग अशोक प्रजापति हमेशा चर्चाओं में रहते हैं।

विरनो स्थानीय थाना अन्तर्गत शहाबुद्दीनपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय पर पंचायत चुनाव सम्पन्न कराने के लिए मुस्तैद रही विरनो पुलिस। बताते चलें कि रविवार को प्रधान पद के लिए मतदान सम्पन्न कराने के लिए विरनो थाना के उपनिरीक्षक विजयकांत द्विवेदी, उपनिरीक्षक चंद्र शंकर मिश्र, कांस्टेबल अफसार अहमद,सतेंद्र कुमार दुबे, रियाज अहमद, शिवकुमार, प्रशांत राय, संदीप यादव, महिला कांस्टेबल मोनिका यादव व सुषमा आदि कांस्टेबल मत स्थल पर अपने ड्यूटी में मुस्तैद रहे। कोई अनहोनी नहीं हुई,आराम से चुनाव सम्पन्न हो गया।

विरनो स्थानीय ब्लाक के ग्रामसभा शहाबुद्दीनपुर में प्रधान पद के लिए चुनाव हुआ सम्पन्न। बताते चलें कि यह चुनाव एक प्रधान प्रत्याशी के निधन से चुनाव आयोग द्वारा स्थगित कर दिया गया था। जो आज बिना नोंक झोंक का वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर...

बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर लगभग पूरी तरह से ग्रहण लग गया है। ऐसे में बिहार की त्रिस्तरीय पंचायतों का कामकाज 15 जून के बाद जनप्रतिनिधियों के जिम्मे नहीं, बल्कि अधिकारियों के हाथ में चला जाएगा।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान किसी कारण बस पंचायत का पद खाली पड़ गया था. या पर्चा भरने के दौरान प्रत्याशी की मृत्यु हो गयी थी। जिससे उक्त पद के लिए चुनाव टाल दिया गया था। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश जारी किया है। ऐसे में अब उन पदों का चुनाव कराने के लिए निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी एमपी सिंह को मिल गया है। इसके तहत 9 मई को चुनाव कराने के बाद 11 मई को मतगणना कराया जायेगा।

उत्तरप्रदेश राज्य के कुशीनगर से राहुल यादव ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कोरोना काल में श्रमिकों को कंपनियों में मज़बूरी में काम करना पड़ रहा है काम

दिल्ली के आईएमटी मानेसर से दीपक ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि चुनाव के बाद कोरोना के मामले बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। क्योंकि लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है। वोटिंग के दौरान काफी लोग शहर से गांव गए और जिसके कारण कोरोना का संक्रमण फ़ैल गया। इस वक्त पूरे देश में कोरोना काफी तेजी से बढ़ रहा है।



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