बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से सुशीला देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि इन्होने चना और गेहूं के के लिए अप्लाई किया है। मगर अभी तक नही आया है। समस्या का समाधान कीजिये
बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से कल्पना कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि इनके अकाउंट में केवाईसी नही हो रहा है।बहुत दिनों से परेशान हैं
बिहार राज्य के नवादा जिला के नारदीगंज प्रखंड से सुनैना कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम बताया कि इनके आधार में केवाईसी लिंक नही है ,इस वजह से काम नही हो पा रहा है। ये काफी परेशान हैं
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राज मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए वर्तमान समय में बहुत कोई आवाज उठा रहे हैं।लेकिन सबसे पहले मेटिल्डा जोसलिन गेज और लूसी स्टोन ने उन्नीसवीं सदी की महिला अधिकार आंदोलन की अग्रणी सिद्धांतकार थीं। एस्थर मॉरिस न्यायिक पद संभालने वाली पहली महिला थी,जिन्होंने 1869 में महिला मताधिकार के लिए पहला सफल राज्य अभियान चलाया था। सबसे पहले इन्होंने ही ।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारतीय महिलाओं की समस्याओं के दृष्टांतों में सामाजिक भेदभाव दहेज, कन्या भ्रूण हत्या, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न,आदि को शामिल कर सकते हैं।स्त्रियों के साथ विभिन्न संस्थाओं में हिंसा का व्यवहार किया जाता है और स्त्रियाँ जिनकी शिकार भी हो जाती हैं
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राज मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जोसेफिन डॉज के अनुसार महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने से उन पर बोझ बढ़ेगा और उनकी विशेष अधिकार प्राप्त स्थिति कमजोर होगी। इस प्रकार इन्होने महिलाओं के अधिकार के खिलाफ लड़ाई लड़ा था
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राज मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने वाले कई कानून हैं। जैसे - कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम निषेध और निवारण। इस 2013 अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं को उनके कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाना और शिकायतों के निवारण के लिए एक तंत्र प्रदान करना है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए और उन लोगों के साथ भेदभाव न हो,इसके लिए कुछ नेताओं ने आंदोलन किया था। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप आज महिलाओं को कुछ अधिकार मिल पा रहा है और भेदभाव से कुछ हद तक छुटकारा मिल पा रहा है। सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका,कवयित्री और समाज सुधारक थीं, जिन्होंने अपने पति ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर भारत में महिलाओं के अधिकारों की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दी।इसके बाद महिलाओं को अधिकार सम्बंधित जानकारी मिली और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हुई।
इस कड़ी में बदलते मौसम की बात होती है और उसका खेती पर पड़ने वाला असर सामने आता है। किसान नई परिस्थितियों में अपनी फसल को कैसे सँभालने की कोशिश कर रहे हैं, यही इस कहानी की शुरुआत है।
