उत्तर प्रदेश राज्य के चित्रकूट जिला से अरुण यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। उस महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए जो योग्य हो

जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदिवासी महिलाओं को पैतृक संपत्ती में अधिकार को लेकर एक अहम फैसला देते हुए कहा कि केवल लिंग के आधार पर महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हक से वंचित नहीं किया जा सकता है.

दिल्ली के खजूरी से नाज़्मा बिन मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि भूमि में कई लोगों को अधिकार दिलवाया गया है तो उनको भी जमीन में अधिकार मिलना चाहिए। इनके माता और पिता का निधन हो गया है और इनके भाई जमीन में अधिकार नहीं दे रहे है। इनके भाई कहते हैं कि अगर ये जमीन में हिस्सा लेंगी तो इनसे रिश्ता तोड़ देंगे

दिल्ली के खजूरी के श्री राम कलोनी से नाज़ परवीन मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि उन्होंने मोबाइल वाणी पर यह जिक्र किया था कि उनको जमीन में हक़ नहीं मिल रहा है। जिसके बाद उनको मोबाइल वाणी के माध्यम से सपोर्ट मिली हैं और उनके पिता ने उनको 22 गज़ का फ्लैट में अधिकार देने के लिए मान गए हैं। उनका कहना है कि जमीन में बेटियों का हक़ होता है और उनको हक़ मिलना चाहिए। वह मोबाइल वाणी का धन्यवाद करना चाहती हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के श्रीदत्तगंज प्रखंड के गोमढ़ि से अजय लक्ष्मी शर्मा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से 18 वर्षीय रोली शर्मा से बातचीत की। जिसमें रोली कहती है कि महिलाओं के नाम जमीन होनी चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के श्रीदत्तगंज प्रखंड के ग्राम गुमड़ी से 32 वर्षीय अजय लक्ष्मी शर्मा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से 20 वर्षीय खुशबु वर्मा से हुई। खुशबु कहती है कि महिलाओं के नाम जमीन होनी चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के श्रीदत्तगंज प्रखंड के ग्राम गुमड़ी से 23 वर्षीय मीना कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं के नाम जमीन होनी चाहिए

दिल्ली से नाज़ परवीन की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हीना से हुई। हीना यह बताना चाहती हैं कि वह किराए पर रहती हैं। उनको ससुराल में और मायके में मालिकाना हक़ नहीं मिला है। जमीन को लेकर लड़ाई भी होती है। वह जमीन में हिस्सा लेना चाहती हैं लेकिन उनको हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। माता और पिता भी जमीन में अधिकार नहीं देते हैं। वह सिर्फ भाई को जमीन में अधिकार देने की बात करते हैं। इनके हस्बैंड मजदूरी करते हैं

दिल्ली के राजीव नगर के श्रीराम कॉलोनी से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिला जमीन में हक़ चाहती हैं। जमीन में हक नहीं मिलने पर वह पुलिस कम्प्लेन भी कर सकती हैं

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