गनेली गांव की आशा देवी खाना बनाने के क्रम में जल गई उसे तारापुर रेफरल अस्पताल ले जाया गया जहां पर उसकी मृत्यु हो गई शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर भेज दिया गया यह जानकारी हरपुर थाना अध्यक्ष श्री कमल किसके द्वारा प्राप्त हुई सुनने के लिए क्लिक करें
धरहरा (संवाददाता):धरहरा थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित बरमन्नी गाँव के तालाब में मिला एक ब्यक्ति का क्षत-विक्षत शव।एक सप्ताह के अन्तराल में यह दूसरा शव मिला है बरमन्नी गाँव से।नक्सल प्रभावित बरमन्नी गाँव से लगातार एक सप्ताह मे दो शव मिलने से जहाँ ग्रामीण मे दहशत ब्याप्त है वहीं धरहरा थाना पुलिस की भी होश उङा के रख दिया है।आपको बता दें कि बीते 25 अप्रैल को बाँका जिला के बेलहर निवासी 35 वर्षीय सहदेव मुर्मू का शव पहाङ की तराई मे एक कुएँ से मिली थी,जिसकी तहकीकात अभी पूरी भी नही हुई थी कि एक और मामला सामने आ गया है।जहाँ एक ओर धरहरा पुलिस कोरोना से लोगो को बचाने मे जुटी हुई हैं वही दूसरी ओर हत्या पर हत्या का मामला सामने आकर धरहरा पुलिस की परेशानियां बढा रही है।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
कोरोना यानि कोविड-19 जैसे वैश्विक महामारी से बचाव को लेकर सरकार द्वारा जारी लॉकडाउन के बीच सभी विद्यालय एवं शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई बंद होने की वजह से प्राइवेट विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। विद्यालय बंद होने की वजह से बच्चों का नियमित रूप से क्लास करने की दिशा में विद्यालय द्वारा कोई समुचित व्यवस्था नहीं उपलब्ध करा पाना तो संभव नहीं था। परंतु, विद्यालय की ओर से स्मार्ट क्लासेस की मदद से बच्चों की नियमित रूप से पढ़ाई की व्यवस्था की जा सकती थी। शहर के एक-दो बड़े विद्यालयों को छोड़कर किसी भी विद्यालय द्वारा स्मार्ट क्लासेस की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। जिससे बच्चों का पढ़ाई काफी हद तक प्रभावित हो चुका है। इसके साथ-साथ कई विद्यालयों द्वारा बच्चों का सिलेबस एवं पाठ्य पुस्तक में बदलाव किए जाने की वजह से पूर्ववर्ती छात्रों से पुस्तक उपलब्ध कराकर बच्चे घर बैठे अपनी पढ़ाई सुचारू रखने में भी असमर्थ हो रहे हैं। - मोबाइल पर जेपीईजी एवं पीडीएफ से हो रही पढ़ाई शहर के कई नामी-गिरामी नामी विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस की व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में विद्यालय प्रबंधन की ओर से बच्चों के अभिभावक के मोबाइल पर पाठ्यपुस्तक की जेपीईजी एवं पीडीएफ फाइल भेजी जा रही है। चूंकि, विद्यालय द्वारा पाठ्य पुस्तकों एवं सिलेबस में बदलाव कर दिया गया है तो ऐसी स्थिति में बच्चे पूर्ववर्ती छात्रों के पाठ्यपुस्तक की भी मदद लेकर अपनी पढ़ाई ⁷करने में असमर्थ हैं। ऐसी परिस्थिति में बच्चों को हर हाल में मोबाइल पर भेजे जा रहे जेपीईजी एवं पीडीएफ फाइल में अंकित छोटे-छोटे अक्षरों की मदद से ही अपनी पढ़ाई जारी रखनी पड़ रही है। जिन बच्चों के अभिभावक के पास स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं है उनके लिए यह भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। - जेपीईजी एवं पीडीएफ फाइल पढ़ने में बच्चों को आंखों में हो रही परेशानी लॉकडाउन में विद्यालय बंद होने की वजह से एक तरफ जहां बच्चों का नियमित क्लास बाधित है, तो दूसरी तरफ विद्यालय द्वारा सिलेबस एवं पाठ्यपुस्तक में बदलाव किए जाने की वजह से जेपीईजी व पीडीएफ फाइल की मदद से पढ़ाई करना पड़ रहा है। जिसकी वजह से बच्चों पर तीसरी बार उनकी आंखों के ऊपर पड़ रहा है। मोबाइल पर भेजे जा रहे जेपीईजी एवं पीडीएफ फाइल में अंकित छोटे-छोटे अक्षरों को पढ़ने में बच्चों के आंखों पर भी काफी असर पड़ रहा है। कई बच्चे इस लॉकडाउन की अवधि में आंखों की परेशानी झेल रहे हैं। - बच्चों के पढ़ाई एवं स्वास्थ्य से अधिक पुस्तक प्रकाशक के करार को महत्व दे रहे हैं विद्यालय प्रबंधन विद्यालय प्रबंधन को बच्चों के पढ़ाई एवं उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव से अधिक महत्वपूर्ण पुस्तक प्रकाशन के साथ की गई करार है। कई विद्यालयों के प्रबंधन द्वारा सफाई दी जा रही है कि पुस्तक प्रकाशक एवं विक्रेताओं से पूर्व में किए गए करार के आधार पर ही पाठ्य पुस्तकों में बदलाव करने को मजबूर हैं। क्या कहते हैं विद्यालय प्रबंधन :- विद्यालय द्वारा सिलेबस एवं पाठ्य पुस्तकों में किए गए बदलाव के बारे में पूछे जाने पर कॉलिंस इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य राकेश कुमार ने बताया कि पाठ्य पुस्तकों में परिवर्तन को लेकर लॉकडाउन से पहले ही फरवरी महीने में ही पुस्तक विक्रेताओं एवं प्रकाशन कम्पनी के साथ करार कर लिया गया था। यही कारण है कि कुछ पुस्तकों में बदलाव किया गया है।
• गृह मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन्स • देश के अलग-अलग जगहों पर फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों एवं विद्यार्थियों को आवाजाही की अनुमति • राज्यों को नामित करने होंगे नोडल अथॉरिटीज • जांच के बाद ही घर लौटने की मिलेगी मंजूरी कोरोना संक्रमण के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण देश के अलग-अलग जगहों पर फंसे राज्य के प्रवासी मजदूर, पर्यटक एवं विद्यार्थी अब स्पेशल ट्रेनों एवं बसों से अपने घर सुरक्षित लौट सकेंगे. विस्तृत रिपोर्ट सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। श्रोताओं 9278701369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद
महीना दिन लॉकडाउन के बाद खगड़िया रेलवे स्टेशन पर कर्मचारी का सुगबुगाहट खगड़िया रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारी का सुगबुगाहट देखने मिला करण बाहर से आने वाला यात्री के लिए, साफ सफाई पर धियान दिया जा रहा है
खगड़िया जिला के गोगरी चंद्रजीत सिनेमा हॉल के बगल में डीप गँगा गैस एजेंसी के कर्मचारी के द्वारा गैस उपभोक्ता से बिना रसीद के सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक असुली किया जा रहा है उहा के कई गैस उपभोक्ता से बताया कई यही से गोगरी के प्रतियेक गाँव में गैस होम डलेवरि पहुंचने के लिए पहले गैस एजेंसी पर पैसा लेने बाद वही नहीं पहुंचते है घरो पर, मजबूरन यहाँ से ले जाना परता है, दुशरी सबसे बड़ी सम्स्या यह है कई बिना रसीद के अधिक मूल्य पर गैस मुहैया कर दिया जा रहा है, जोस्की सुचना यहाँ के गोगरी एस डीओ सुभाष चंद्र मंडल को दिया जा चूका है फिर भी मनमानी करने से बज नहीं आते है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
तेतिया बंबर प्रखंड के धोरी पंचायत के खग्राम गांव में शराब पीकर हंगामा सुनने के लिए क्लिक करें
मुंगेर सिविल कोर्ट में 77 वे जिला जज अवधेश कुमार दुबे बीते गुरुवार को सेवानिवृत्त हुए और लॉकडाउन रहने के कारण उन्हे औपचारिक विदाई दी गई ।सासाराम में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के पद से प्रोन्नति होकर वे 19 सितंबर 2019 को मुंगेर जिला जज के पद पर पदस्थपित हुए थे। वहीं, उनकी कार्यकाल अवधि आठ माह रही जिला जज अवधेश कुमार दुबे के सेवानिवृत्त के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह पोक्सो एवं एससीएसटी के विशेष न्यायाधीश अनुराग शुक्रवार को प्रभारी जिला जज बनें । उनकी पहली पोस्टिंग 16 अगस्त 2018 को मुंगेर न्याय मंडल में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर हुई थी।इस दौरान उन्हे प्रोन्नति मिली और वे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम बनें ।बताते चलें कि बीते 25 माह में तीन जज क्रमशः मुरलीधर ,ध्रुव नारायण यादव एवं अवधेश कुमार दूबे सेवानिवृत्त हुए । जिनकी कार्य अवधि क्रमशः 18 माह ,दो माह एवं आठ माह रहीं ।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
धरहरा(संवाददाता):बिहार में शराब माफियाओं के साथ पुलिस की सांठगांठ के किस्से लगातार सामने आते रहे हैं, इस कड़ी में जहां बिहार के डीजीपी ने ऐसे पुलिसकर्मियों को बर्खास्त तक करने का निर्देश दिए हैं तो वहीं इस कड़े आदेश के बाद भी पुलिसवालों की संलिप्तता शराब माफियाओं के साथ लगातार जारी है,ताजा मामला मुंगेर से जुड़ा है जहां जिले के धरहरा थाना का एक दारोगा 5 लीटर देशी शराब और शराब सप्लायर के मोबाइल के साथ पकड़ा गया।एसआई पर शराब माफिया को छोड़ने का आरोप था जो कि जांच के दौरान सत्य पाया गया।इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसपी ने तत्काल एसआई को निलंबित करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेजने का निर्देश दिया.बताया जाता है कि कमीशन के लिए जब्त की थी शराब जिसके आलोक मे संबंधित एस आई पर कारवाई की गई।एसपी लिपि सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी की एसआई राम शरण यादव की शराब माफियाओं के साथ सांठ-गांठ है और वो शराब के साथ पकड़े गए माफिया को छोड़ देता है,इस शिकायत के बाद मामले की जांच की गई जिसमें पता चला की दो दिन पूर्व 5 लीटर देशी शराब के साथ पकड़े गए युवक को एसआई ने छोड़ दिया गया और रिश्वत के पूरे पैसे नहीं मिलने पर जब्त शराब और उसका मोबाइल गिरवी रख लिया एसआई के दोस्त के घर से मिली शराब के आधार के आधार पर कारवाई की गई।एसआई ने सारा सामान अपने एक दोस्त रविंद्र यादव के पास रखा और शराब माफिया से पूरे पैसे लाने को कहा गया जिसके बाद इस बात की गुप्त सूचना कुछ लोगों ने थानाध्यक्ष को दी,थानाध्यक्ष ने एसपी के निर्देश के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए रविंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया साथ ही उसके यहां से 5 लीटर देसी शराब और मोबाइल बरामद किया ।
संग्रामपुर प्रखंड के झिकुली पंचायत के अंतर्गत मध्य विद्यालय चंदनिया में बनाए गए कोरन टाइम सेंटर की स्थिति काफी बदतर है बताते चले कि जब करुणा शंकर मित्रों को लेकर किस विद्यालय में कोरनटाईन सेंटर बनाया गया तब से लेकर के बाहर से आने वाले लोग अपने आप को नहीं किया था परंतु गुरुवार को जब चंदनिया गोपाल सिंह धनबाद से अपने गांव आए तो अपने परिवार समाज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोरनटाईन सेंटर में रहने का फैसला किया लेकिन प्रशासनिक पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति असंवेदनशील रहे लोग काफी मुश्किल का सामना कर रहे हैं गुरुवार को 6:00 बजे कोरन टाईन वार्ड में गए परंतु क्वॉरेंटाइन वार्ड में किसी प्रकार की सुविधा मुहैया नहीं कराया गया था विद्यालय परिसर में शौचालय है परंतु पानी की व्यवस्था नहीं विद्यालय में एक रूम में फर्श पर दरी और जाजिम बिछा दिया गया व्यवस्था के नाम पर इस कोरनटाइन सेंटर में कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है ऐसे में फर्श पर लेटे-लेटे गोपाल प्रसाद सिंह प्रशासनिक पदाधिकारियों के राह देख रहे थे सुबह से लेकर के अभी तक ना पानी मिला है ना ही नाश्ता मिला है विद्यालय में तैनात शिक्षक रमेश कुमार एवं आशा रिंकू कुमारी ने बताया कि अंचल अधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को कई बार कॉल किया गया परंतु उन्होंने बताया कि किसी और को रनटाइम सेंटर में है कुछ समय में आ रहे हैं परंतु शाम 4:30 हो गई वहीं पदाधिकारी अभी तक नहीं पहुंचे थे ऐसे में 14 दिन तक जीवित प्राणी के लिए कितना मुश्किल काम से नहीं नहीं अब यह सवाल उठता है कि इस तरह के सरकार के व्यवस्था में लोग किस तरह से रहते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
