"मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर संजय केशरी का आठ से आमरण-अनशन सत्याग्रह" 19 फरवरी से शुरू हो रहे बिहार विधानमंडल के बजट सत्र में ही मुंगेर में मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने की घोषणा की जाय अन्यथा क्षेत्रीय एवं राजनैतिक भेदभाव से कराह रहे मुंगेर में सुलगते जनाक्रोश को संभालना मुश्किल हो जाएगा। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने मुंगेर में मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिला पदाधिकारी के माध्यम से पत्र प्रेषित करते हुए कहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को स्थिति की गंभीरता का एहसास कराने के लिए एनसीपी नेता संजय केशरी ने अपने समर्थकों के साथ शहीद अब्दुल हमीद चौक पर आठ फरवरी से आमरण अनशन सत्याग्रह करने की घोषणा की है। श्री केशरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि छ: जिलों के प्रमंडलीय एवं छः विधानसभाओं के संसदीय मुख्यालय मुंगेर में क्षेत्रीय एवं राजनैतिक भेदभाव के कारण मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं किया जा रहा है जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राजद के राज्य परिषद सदस्य शिशिर कुमार लालू ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते कहा की भारत सरकार के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया बजट से देश के तमाम बुद्धिजीवी, किसान, नौजवान, बेरोजगार,महिला के साथ साथ सभी वर्गों के लोग हताश और निराश किया है। आज भारत सरकार द्वारा देश का बजट पेश किया गया बजट देखने के बाद ऐसा लगता है कि यह बजट देश बनाने का नहीं बल्कि देश को बेचने की तैयारी जैसा है जहां इस बजट में ना तो कोई निर्माण की योजना बताई गई है वही भारत के परिसंपत्तियों को जैसे एयर इंडिया, सड़क, बिजली ,सिंचाई की योजना,बंदरगाह,उच्च शिक्षण संस्थान,जीवन वीमा एवं वेयरहाउस जैसे संस्थानों को अपनी चहते लोगों को देने की तैयारी हो रही है गौर करने की बात यह है कि जिस संसद में बिहार के 40 में से उन 39 सांसद हो वहां बिहार जैसे पिछड़ा राज्यों के लिए ना तो कोई बड़ी योजना की घोषणा किया गया हो ना ही किसानों की आमदनी बढ़ाने पर सरकार का कोई ध्यान हो ना ही बिहार को किए गए विशेष राज्य के दर्जा पर कोई चर्चा हो साथ ही साथ ना तो बिहार के लिए विशेष पैकेज की जो घोषणा की गई थी उसके बारे में वित्त मंत्री द्वारा कोई घोषणा किया गया हो उसके बावजूद बिहार एनडीए के सांसद बिहार की अनदेखी को देखते हुए भी मेज थपथपाते हैं दुर्भाग्यपूर्ण है ।इस बजट को देखने के बाद ऐसा लगा की भारत सरकार के लिए रोजगार कोई मुद्दा ही नही है ।किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बातें करने वाली सरकार पेट्रोल पर 2.5% एवं डीजल पर 4% अतिरिक्त टैक्स लगा दिया है ।इस बजट को देखने से ऐसा लगता है कि आत्मनिर्भर भारत सिर्फ जुमला है ये तो देश को बेचने की तैयारी है।इस बजट को देख हम कह सकते है की "अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता "सरकार की मंशा है।

हॉस्पिटल में बढ़ी सुविधाएं तो सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए आने लगी प्रसूति महिलाएं सदर - सदर हॉस्पिटल में अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस ऑपरेशन थियेटर और लेबर रूम के निर्माण के बाद सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए बढ़ने लगा लोगों का विश्वास - तकनीकी रूप से दक्ष एवं अनुभवी डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों और सफाई कर्मियों कि सेवा भाव से अभिभूत हैं लाभार्थी मुंगेर, 01 फरवरी 2021 : सदर हॉस्पिटल मुंगेर में सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए बनाए गए अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस ऑपरेशन थियेटर और लेबर रूम के निर्माण के बाद लाभार्थी प्रसूति महिलाओं की भीड़ उमड़ने लगी है। इसके साथ ही तकनीकी रूप से दक्ष और अनुभवी डॉक्टरों, नर्सो, मेडिकल स्टाफ सहित सफाई और एंबुलेंस कर्मियों की सेवा भाव से भी लाभार्थी महिलाएँ और उनके परिवार वालों की सदर हॉस्पिटल की सुविधाओं के प्रति सकारात्मक सोच बनी है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के मिलने से भी लोगों के रुझान ज़िले के सरकारी अस्पतालों के प्रति बढ़े हैं। मालूम हो कि सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के नियमित रूटीन चेकअप के साथ बच्चे के जन्म लेने के बाद भी नियमित टीकाकरण कि निःशुल्क ब्यवस्था के साथ प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। इसके अलावा लड़की के जन्म लेने पर मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत भी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मुंगेर के बरदह निवासी 65 वर्षीय मो. शमीम ने बताया कि मेरी लड़की चांदनी की डिलीवरी हुई है। यहां जांच से लेकर डिलीवरी तक सारी प्रक्रिया काफी आसानी और सुविधाजनक ढंग से होती है। हमलोगों को डॉक्टर से लेकर नर्स तक हर किसी का सहयोग मिला है। कहीं कोई परेशानी नहीं हुई। यहां सभी सुविधाएं बिल्कुल निःशुल्क उपलब्ध है। भर्ती होने के बाद मेरी लड़की को हॉस्पिटल की ओर से खाने के लिए दूध, केला, अंडा, चाय-बिस्कुट के अलावे खाना दिया गया। उन्होंने बताया हमारे बच्चों का जन्म घर में ही अनुभवी महिला द्वारा कराया गया था लेकिन अब बदलते समय के साथ सुरक्षित प्रसव के लिए हॉस्पिटल आना बहुत जरूरी है ताकि जच्चा और बच्चा दोनों के जीवन की रक्षा हो सके, यहां मुझे लड़की के प्रसव कराने में काफी सहूलियत मिली है। सदर हॉस्पिटल मुंगेर के हॉस्पिटल डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. रामप्रीत सिंह ने बताया कि सदर हॉस्पिटल में प्रसूति महिलाओं के सुरक्षित संस्थागत प्रसव के अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ऑपरेशन थियेटर और लेबर रूम कार्ररत है। यहां तकनीकी रूप से दक्ष और अनुभवी डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ कार्यरत हैं। ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम सहित प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात रूम की नियमित साफ-सफाई के लिए अनुभवी और कर्मठ सफाई कर्मी कार्ररत हैं। यही वजह है कि सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए जिले के लोग निजी हॉस्पिटल में नहीं जाकर सदर हॉस्पिटल आ रहे है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों ही सदर हॉस्पिटल में ऑपरेशन थियेटर और लेबर रूम में दी जा रही सुविधाओं कि गुणवत्ता जांच के लिए लक्ष्य अससेस्मेंट की स्टेट टीम सदर हॉस्पिटल आई थी। लक्ष्य अससेस्मेंट कि पूरी टीम यहां दी जा रही सुविधाओं से सन्तुष्ट होकर गई है। मुंगेर शहर स्थित गुलजार पोखर से आई जेबुन्निसा ने बताया मेरी नत्नी ने लड़की को जन्म दिया है। वो हमेशा अपने परिवार में हर किसी के डिलीवरी के लिए यहीं आती है। उन्होंने बताया कि यहां सभी सुविधाएं बिल्कुल निःशुल्क उपलब्ध है। इन्ही सुविधाओं के लिए निजी अस्पतालों में भारी भरकम फीस चुकानी पड़ती है। उन्होंने बताया कि मेरी 25 वर्षीय नत्नी मंताशा खातून ने एक बच्ची को जम्म दिया है। यहां मुझे किसी तरह कि कोई परेशानी नहीं हुई सभी डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ का पूरा सहयोग मिल रहा है। मुंगेर किला परिसर के पास रहने वाली मुन्नी देवी ने बताया कि मेरा लड़का श्रेयांश का जन्म सदर हॉस्पिटल में हीं हुआ है। यहां मिली सुविधाओं और स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग और अच्छे व्यवहार से सदर हॉस्पिटल और अन्य सरकारी हॉस्पिटलों के प्रति हम लोगों का विश्वास बढ़ा है। मैं अपने परिवार के इलाज के लिए यहीं आती हूँ। क्योंकि अब एम्बुलेंस कि भी फ्री सुविधा उपलब्ध है। इस सबंध में आशा मेहरुन्निसा ने बताया कि मैं मिर्जापुर बरदह क्षेत्र की आशा हूँ। मैं 2006 से काम कर रही हूँ। पहले लोग हम से अपनी गर्भवती बहू बेटियों को छुपाते थे लेकिन अब जागरुकता और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास होने की वजह से काफी सुधार हुआ है। लोग अब कॉल करके मुझे बुलाते हैं।

केन्द्रीय बजट में बिहार के साथ-साथ मध्यम वर्ग की घोर उपेक्षा की गई है - संजय केशरी केन्द्रीय बजट में ना सिर्फ बिहार के साथ घोर उपेक्षा की गई है बल्कि इसमें लगभग चालीस प्रतिशत आबादी वाले देश भर के मध्यम वर्ग की घोर उपेक्षा की गई है। केन्द्रीय बजट पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने कहा कि इसके अलावे महिला वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट से महिलाओं के साथ मजदूर वर्ग को भी निराश किया है। संजय केशरी ने पहले से ही शतक लगा चुके पेट्रोल पर ढाई प्रतिशत और डीजल पर चार प्रतिशत कृषि उपकर को जनता पर भारी बोझ बताते हुए इसे अविलंब वापस लेने की मांग की। उन्होंने रेलवे के क्षेत्र में एक बार फिर से बिहार की उपेक्षा करने का आरोप लगाया तथा बीमा क्षेत्र में विवादित एफडीआई को तमाम विरोधों के बावजूद 49% से 74% करने पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि इसके दूरगामी परिणाम देश के लिए घातक होंगे।

खगरिया जिला के जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष के द्वारा बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाकर पल्स पोलियो अभियान का किया शुभारंभ

खेत में लगे केले की फसल को नष्ट करने के लिखित आवेदन दिया गया परबत्ता थाना में

1 फरवरी से होने वाली इंटरमीडिएट की परीक्षा में रहेंगे 144 धारा लागू खगरिया जिला के गोगरी प्रखंड के अंतर्गत भागवान हाई स्कूल में 1 फरवरी से होने वाला इंटरमीडिएट के परीक्षा की तैयारी कर लिया गया है वही गोगरी प्रखंड के सर एसडीओ सुभाष चंद्र मंडल और गोगरी डीएसपी पीके झा और शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों के एक अहम बैठक बैठा के निर्देश जारी किया गया है कि कल यानी कि 1 फरवरी से जो इंटरमीडिएट परीक्षा भगवान इस ओके में होने जा रहा है उसके 100 मीटर की दूरी में 144 धारा लागू रहेगा इसमें कोई भी व्यक्ति कदाचार कब तक आ जाते हैं उसे दंडित भी किया जाएगा खगड़िया मोरवन न्यूज़ में रविंद्र कुमार धन्यवाद

खगरिया जिला के जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष किसानों का बागवानी देखने पहुंचे वह छोटा गांव खगड़िया जिला के जिला अधिकारी आलोक रंजन घोष खगरिया प्रखंड के बछौता सन्हौली गांव में भर की खेती करने वाले हाथ निर्भर किसान से मिलने उसके खेत के बगल में जा पहुंचे जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष के द्वारा सन्हौली और बता गांव में खेती से आत्मनिर्भर हो रहे किसान का हाल-चाल पहुंचे जैसे ही पहुंचे वहां पर गांव वालों किसानों को देखने के लिए हुजूम लग गए वहीं उन किसानों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां और उन किसानों से जिला भर के किसानों को मिलने वाली जानकारी के बारे में भी बताएं खगरिया में रविंद्र कुमार धन्यवाद

नरेश आनंन्द

बिहार में शराबबंदी के बावजूद भी खगड़िया जिला के कई क्षेत्रों में शराब बरामदगी की जा रही है खगरिया जिला के गोगरी प्रखंड के अंतर्गत महेश को थाना क्षेत्र के रोहरी एनएच 130 पर आज दोपहर के करीब 1:30 बजे के लगभग एक ट्रक पर लदे 250 कार्टून में 2250 लीटर विदेशी शराब बरामद कर लिया गया है वहीं ट्रक चालक सहित चालक को भी गिरफ्तार कर उससे पूछताछ किया जा रहा है खगरिया में रविंद्र कुमार धन्यवाद