महिलाओं और बच्चों के कल्याण की सरकार की नई पहल महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सभी योजनाएं अब तीन वृहद् परियोजनाओं के तहत होंगी संचालित • मिशन पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति के तहत समाहित होंगी सभी योजनायें • वर्ष 2021 -22 के बजट में इन परियोजनाओं के लिए 24114 करोड़ रूपये आवंटित सभी अम्ब्रेला स्कीम्स के लिए बजट में 24114 करोड़ रूपये आवंटित : वर्ष 2021—22 के केन्द्रीय बजट में इन तीन परियोजनाओं में पूर्व से चल रहीं योजनाओं को शामिल करते हुए राशि का आवंटन किया गया है । सक्षम आंगनबाड़ी तथा पोषण 2.0 परियोजना में आईसीडीएस आंगनबाड़ी सेवा, पोषण अभियान, किशोरियों के लिए योजना व राष्ट्रीय क्रेश योजना को शामिल किया गया है । इसके लिए बजट में 20, 105 करोड़ रुपये आंवटित किये गए हैं । मिशन वात्सल्य, बाल सुरक्षा सेवाएं व बाल कल्याण सेवाओं को सम्मिलित करते हुए 900 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है । मिशन शक्ति (महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए मिशन) में — संबल (वन स्टॉप सेंटर, महिला पुलिस वालंटियर , महिला हेल्पलाइन, स्वधर, उज्जवला, विधवा आश्रम) तथा समर्थ — (बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ, पालना घर, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, जेंडर बजट, शोध) योजनाओं को शामिल करते हुए 3,109 करोड़ रुपये आंवटित किया गया है । इस तरह तीनों अम्ब्रेला स्कीम्स के लिए वर्ष 2021 — 22 के बजट में 24114 करोड़ रूपये आवंटित किए गए हैं ।
नगर पंचायत में 32.95 करोड़ का बजट हुआ पारित
"मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर एनसीपी नेता संजय केशरी ने किया जल-सत्याग्रह" पूर्वाग्रह की भावना से ग्रसित होकर सांसद ललन सिंह एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुंगेर में मेडिकल कॉलेज में बाधक बने हुए हैं लेकिन हमलोग इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज उसी तरह से हासिल करेंगे जैसे उनके नहीं चाहने के बावजूद विश्वविद्यालय हासिल कर लिया था। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत अपने समर्थकों के साथ बबुआ घाट में जल- सत्याग्रह करते हुए कहा। श्री केशरी ने कहा कि संसदीय एवं प्रमंडलीय मुख्यालय मुंगेर में मेडिकल कॉलेज के लिए पिछले दस वर्षों से जमीन का बहाना बनाकर लाखों की आबादी को सदर अस्पताल से पटना-दिल्ली रेफर कर बेमौत मारा जा रहा है लेकिन उनके परिजनों की कातर चीत्कार मेडिकल कॉलेज विरोधी सांसद ललन सिंह को व्यथित नहीं कर पा रही है। श्री केशरी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए मुंगेर में जमीन की कमीं नहीं है जिसका प्रमाण है कि डीएम द्वारा दो-दो बार अलग-अलग जमीन प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है और इसके अलावे जमालपुर रेलवे अस्पताल को भी टेकओवर करके वहां मेडिकल कॉलेज बनाया जा सकता है लेकिन सांसद ललन सिंह मेडिकल कॉलेज पर कुंडली मारकर बैठे हुए हैं। अंतर्जातीय अंतर्धर्मीय कमिटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश कुमार गुप्ता और महिला एनसीपी नेत्री सोनी सिन्हा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज तो स्थापित होकर रहेगा लेकिन इसमें बाधक ललन सिंह इस बार सांसद नहीं बन पायेंगे। जल-सत्याग्रह की समाप्ति पर सत्याग्रहियों ने संकल्प लिया कि मुंगेर संसदीय क्षेत्र के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर मेडिकल कॉलेज विरोधी सांसद ललन सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया जाएगा। जल-सत्याग्रह में एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार शर्मा, राहुल सिंह, आजाद शर्मा, सूरज कुमार यादव, रवि कुमार, चन्दन साह, मोनी साव, शोभा देवी, दयानंद यादव आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।
24 फरवरी,मुंगेर ----------------------- विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-2022 के आम बजट में बिहार में 18 मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर राशि आवंटित किए जाने एवं मुंगेर जिला मुख्यालय को मेडिकल कॉलेज अस्पताल से वंचित रखे जाने को लेकर जिला राजद मुंगेर ने बिहार के डबल इंजन सरकार के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर जिला राजद कार्यालय में जिला अध्यक्ष डॉ देवकीनंदन सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर आंदोलन की तैयारी के लिए विचार विमर्श किया गया । बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉक्टर देवकीनंदन सिंह ने कहा की बिहार की चर मराई स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए राज्य मंत्री मंडल द्वारा सभी जिला मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज खोलने का नीतिगत फैसला लिया गया। जिसके तहत पूर्व में 8 जिलों के लिए मेडिकल कॉलेज के मद में राशि भी आवंटित कर दिया गया था। जबकि 21 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2021- 2022 के लिए बिहार में पुनः मेडिकल कॉलेज के लिए राशि आवंटित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है । राज्य परिषद सदस्य नरेश सिंह यादव ने कहा कि बिहार में डबल इंजन की गूंगी बहरी सरकार बिना आंदोलन के किए सुनने वाली नहीं है जिस तरह मुंगेर में विश्वविद्यालय निर्माण को लेकर राजद ने चरणबद्ध आंदोलन चलाया था ।उसी तरह मुंगेर में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए भी आंदोलन करने की आवश्यकता है। जिला उपाध्यक्ष प्रो शब्बीर हसन, संजय पासवान एवं प्रोफेसर विनय सुमन ने कहा कि मुंगेर में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति सबसे बत्तर है,यहां के सदर अस्पताल में मरीजों का उचित इलाज नहीं हो पाता है, पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों का अभाव रहता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के नाम पर चारों ओर निजी चिकित्सकों एवं सरकारी चिकित्सकों द्वारा कुकुरमुत्ता की तरह निजी क्लीनिक खोल कर मरीजों का भया दोहन कर रही है। जबकि सदर अस्पताल में इलाज के नाम पर मात्र खानापूर्ति कर रेफर कर दिया जाता है।जिस कारण पटना या भागलपुर अस्पताल जाने के क्रम में रास्ते में ही मरीजों की मौत होते जा रही है। ऐसी स्थिति में वर्षों से मुंगेर में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने की अनिवार्यता महसूस करते हुए जिला राष्ट्रीय जनता दल सहित सभी महागठबंधन के साथी सरकार से मांग करते रही है लेकिन 16 वर्षों से नीतीश सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। बैठक में महागठबंधन दल सीपीआई के जिला सचिव दिलीप कुमार ने कहा कि नीतीश सरकार जानबूझकर मुंगेर जिला को जो प्रमंडलीय मुख्यालय भी है जहां प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खुल जाना चाहिए था।सरकार यहां मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोलने में नए नए बहाने करते रहती है बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया की मुंगेर में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन तब तक चला जाए जब तक मुंगेर में मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोलने से संबंधित सरकारी प्रक्रिया पूरी नहीं किया जाता है बैठक में वक्ताओं ने एनडीए सरकार के मुंगेर जदयू सांसद ललन सिंह एवं भाजपा विधायक प्रणव कुमार को मुंगेर विकास विरोधी जनप्रतिनिधि बताया है जिन्होंने मुंगेर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को लेकर कोई टिप्पणी नहीं दिया ऐसी निकम्मी नीतीश सरकार एवं मुंगेर के सांसद और विधायक के कार्यप्रणाली के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया गया । बैठक में सर्वसम्मति से 18 मार्च को लोकनायक जयप्रकाश नारायण के छात्र आंदोलन में शहीद छात्रों के लिए शहीद दिवस के मौके पर मुंगेर बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान लगातार धरना प्रदर्शन नुक्कड़ सभा मशाल जुलूस हस्ताक्षर अभियान जैसे आंदोलन चलता रहेगा। बैठक में जिला उपाध्यक्ष प्रवक्ता मंटू शर्मा, प्रधान महासचिव डॉ शरद राय उर्फ बमबम,महासचिव सह मीडिया प्रभारी गजेंद्र कुमार हिमांशु उर्फ अरविंद, महासचिव मोहम्मद आविद हुसैन, कृष्ण कुमार सिंह उर्फ गोरेलाल जी,जिला सचिव राजेश रमन, विधि प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सरोज कुमार सिंह ,सीपीआई के छात्र नेता मसीहुद्दीन ,सीपीआई नेता बिंदेश्वरी दीन ,राजद के प्रफुल्ल गुप्ता ,मोहम्मद शकील ,प्रेम यादव आदि उपस्थित थे।
बिहार के आम बजट 2021-22 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजद के राज्य परिषद सदस्य एवं जिला राजद के उपाध्यक्ष प्रोफेसर विनय कुमार सुमन ने कहा कि विधानसभा में वित्त मंत्री द्वारा पेश आम बजट से मुंगेर की जनता मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर बड़ी आस लगाए बजट का बेसब्री से इंतजार कर रही थी । लेकिन वित्त मंत्री द्वारा जब विधानसभा में आम बजट पेश किया गया तो मुंगेर की जनता को एक बार पुनः निराशा हाथ लगी। प्रोफेसर सुमन ने कहा कि 25 सितंबर 2018 को पोलो मैदान मुंगेर में वाणिकी और इंजीनियरिंग कॉलेज के शिलान्यास के मौके पर पूर्व विधायक विजय कुमार विजय की इस मांग पर की मुंगेर प्रमंडल मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाए पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व विधायक एवं जिला प्रशासन मुंगेर को यह आश्वासन दिया था कि आप हमें जमीन चिन्हित कर बताएं मैं मुंगेर को शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज दूंगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के तीन महीनों के अंदर ही जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 2 जगहों पर निजी और सरकारी जमीन को चिन्हित कर प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा। मुंगेर की जनता को पूरी उम्मीद थी इस बार की आम बजट में मुंगेर मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर जरूर आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाएगी। पर राज सरकार ने मुंगेर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के नाम पर एक पैसा भी इस बजट में उपलब्ध नहीं कराया।
मुंगेर 23 फरवरी बिहार विधानसभा में नीतीश सरकार के उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री तारकेश्वर प्रसाद द्वारा पेश बजट पर जिला राजद अध्यक्ष डॉ देवकीनंदन सिंह, जिला प्रवक्ता मंटू शर्मा एवं महासचिव सह मीडिया प्रभारी गजेंद्र कुमार हिमांशु उर्फ अरविंद ने संयुक्त प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के बजट के तर्ज पर हीं नीतीश सरकार का बिहार बजट जुमलेबाजी का दस्तावेज है। राजद नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार जी के घटती लोकप्रियता को सुधारने के लिए बजट में लोक लुभावन घोषणाएं की गई हैं। जहां एक ओर डबल इंजन की सरकार चुनाव पूर्व 19 लाख नौजवानों को रोजगार देने की घोषणा की थी पर जब सरकार में आयें तो बजट में इसके लिए कोई कार्य योजना पर फोकस नहीं किया गया है। किसान विरोधी मानसिकता वाली सरकार कृषि मध्य में भी बजट का मात्र 2.23 प्रतिशत राशि आवंटित की गई है। जबकि जल संसाधन विभाग के लिए मात्र 3.01 प्रतिशत राशि की व्यवस्था किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में भी राशि में भारी कटौती की गई है। राजद नेताओं ने बिहार बजट को मात्र आंकड़ों का खेल बताते हुए कहा कि बिहार के सभी जिला मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोलने के लिए जब सरकार नीतिगत फैसला ले लिया है और बजट में 18 जिलों के लिए राशि भी आवंटित किया गया है तो फिर मुंगेर जिला की जनता के चित्र प्रतिक्षित मांग मुंगेर जिला मुख्यालय जो प्रमंडल मुख्यालय भी है को मेडिकल कॉलेज अस्पताल की घोषणा अबतक नहीं करना तथा बजट में इसका जिक्र नहीं करना ये मुंगेर के विकास विरोध मानसिकता को दरशाती है। साथ हीं साथ यहां की लंबित परियोजनाओं में एप्रोच पथ घोरघट पुल ,वानिकी विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण कार्य के लिए भी बहुत कम राशि का आवंटन किया गया है। जिसे मुंगेर की जनता में भारी निराशा एवं आक्रोश है।हकीकत में यह केवल लोगों को गुमराह करने के लिए साथ हीं सरकार अपनी उपलब्धियों का पीठ खुद ख थपथपा रही है राजद नेताओं ने यह भी कहा कि बिहार की नीतीश सरकार को यह भी बताना चाहिए पिछले वित्तीय वर्ष में पारित बजट की कितनी राशि अबतक खर्च हुई तथा कितनी राशि बची हुई हैं।
मेडिकल कॉलेज नहीं तो मुंगेर में नीतीश का प्रवेश भी नहीं - संजय केशरी (विरोधस्वरूप 24 को जल-सत्याग्रह) बिहार के बजट में मुंगेर में मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने का घोषणा नहीं होने से आक्रोशित एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने ऐलान किया कि मेडिकल कॉलेज की संवैधानिक घोषणा होने तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुंगेर घुसने नहीं दिया जाएगा। श्री केशरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं सांसद ललन सिंह पर मुंगेर के साथ भेदभाव एवं पूर्वाग्रह का आरोप लगाते हुए कहा कि जान-बूझकर मुंगेर को विकास की मुख्यधारा से दूर रखते हुए यहां मेडिकल कॉलेज नहीं दिया जा रहा है। श्री केशरी ने आक्रोशित शब्दों में कहा कि जिस तरह से मोदी सरकार देश के संसाधनों को अडानी-अंबानी को सौंपती जा रही है उसी तरह से नीतीश सरकार बिहार के सभी संसाधनों को नालंदा में निवेश करते जा रहे हैं जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण बिहार का बजट है। श्री केशरी ने बिहार के बजट में मुंगेर में मेडिकल कॉलेज की घोषणा नहीं करने पर बुधवार 24 फरवरी को अपने समर्थकों के साथ बबुआ घाट में "जल-सत्याग्रह" करने का ऐलान किया।
बिहार राज्य के जिला मुंगेर से अबोध कुमार ठाकुर मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि भाजपा मंडल प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने आए पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने त्रिमूर्ति पैलेस के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2021- 22 नए दशक में विश्व पटल पर उभरते आत्मनिर्भर भारत संकल्पों का योजनाबद्ध दस्तावेज है ।बजट में गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा ,बुजुर्ग कारोबारी सभी को शामिल किया गया है ।मोदी सरकार के इस बजट में बुनियादी संरचनाओं का विकास, सड़क ,परिवहन ,रक्षा से सुरक्षा सहित भारत के अर्थशक्ति बनने का सुदृढ़ आधार तक निहित है ।वन नेशन वन राशन कार्ड को 32 राज्यों में लागू किया जाएगा। स्वास्थ्य बजट में 137 फ़ीसदी बढ़ोतरी की गई है। मुंगेर से खगड़िया एप्रोच पथ जून तक में पूरा कर लिए जाएंगे ।पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया कि घोरघट के पुल के रुकावट को दूर कर लिया गया है ।बरसात मौसम के पूर्व इसे भी चालू करवा दिया जाएगा। वहीं मेडिकल कॉलेज का मुंगेर में निर्माण हेतु जमीन खोजी जा रही है ।जमीन मिलते ही मेडिकल कॉलेज बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी ।वही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव में वोटिंग ईवीएम मशीन से होगा।
शिक्षाविद प्रोफेसर अनिल कुमार भूषण ने आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बार का बजट रक्षा और स्वास्थ्य के लिए बेहतर अच्छा है।लेकिन किसान, मजदूर, बेरोजगार के लिए इस बार का बजट निराशाजनक है।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
देश का आम बजट आ चुका है और हर बार की तरह इस बार भी आम आदमी को इस बजट में अपने लिए कुछ खास नजर नहीं आ रहा है. महंगाई अपनी जगह है, नौकरियां अब भी दूर की कौड़ी नजर आ रही हैं और खेती किसानी करने वालों के हाल क्या हैं...ये तो पूरी दुनिया देख रही है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
