राजद के राज्य परिषद सदस्य शिशिर कुमार लालू ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते कहा की भारत सरकार के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया बजट से देश के तमाम बुद्धिजीवी, किसान, नौजवान, बेरोजगार,महिला के साथ साथ सभी वर्गों के लोग हताश और निराश किया है। आज भारत सरकार द्वारा देश का बजट पेश किया गया बजट देखने के बाद ऐसा लगता है कि यह बजट देश बनाने का नहीं बल्कि देश को बेचने की तैयारी जैसा है जहां इस बजट में ना तो कोई निर्माण की योजना बताई गई है वही भारत के परिसंपत्तियों को जैसे एयर इंडिया, सड़क, बिजली ,सिंचाई की योजना,बंदरगाह,उच्च शिक्षण संस्थान,जीवन वीमा एवं वेयरहाउस जैसे संस्थानों को अपनी चहते लोगों को देने की तैयारी हो रही है गौर करने की बात यह है कि जिस संसद में बिहार के 40 में से उन 39 सांसद हो वहां बिहार जैसे पिछड़ा राज्यों के लिए ना तो कोई बड़ी योजना की घोषणा किया गया हो ना ही किसानों की आमदनी बढ़ाने पर सरकार का कोई ध्यान हो ना ही बिहार को किए गए विशेष राज्य के दर्जा पर कोई चर्चा हो साथ ही साथ ना तो बिहार के लिए विशेष पैकेज की जो घोषणा की गई थी उसके बारे में वित्त मंत्री द्वारा कोई घोषणा किया गया हो उसके बावजूद बिहार एनडीए के सांसद बिहार की अनदेखी को देखते हुए भी मेज थपथपाते हैं दुर्भाग्यपूर्ण है ।इस बजट को देखने के बाद ऐसा लगा की भारत सरकार के लिए रोजगार कोई मुद्दा ही नही है ।किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बातें करने वाली सरकार पेट्रोल पर 2.5% एवं डीजल पर 4% अतिरिक्त टैक्स लगा दिया है ।इस बजट को देखने से ऐसा लगता है कि आत्मनिर्भर भारत सिर्फ जुमला है ये तो देश को बेचने की तैयारी है।इस बजट को देख हम कह सकते है की "अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता "सरकार की मंशा है।