दिव्या प्रकाश की भावनात्मक अपील कहा कि बेटी बहन बनकर क्षेत्र की सेवा करती रहूंगी। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर पूरी खबर को सुने और बने रहे मोबाइल वाणी के साथ आपका अपना सामुदायिक मीडिया चैनल सबसे आगे सबसे पहले हर पल पल की खबरें सुनते रहे 092787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी बड़ी खबर को सुनें और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया साझा करें यदि आप स्मार्टफोन उपयोग करता है तो मोबाइल वाणी ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को ऐप पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करें धन्यवाद
बिहार राज्य के मुंगेर जिला के शेहपुर से बबिता देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वह बहुत गरीब है,उनके पति बहुत कम कमाते हैं बबिता देवी हैं बताती हैं कि उनके पति मजदूरी का काम करते है और लॉकडाउन के चलते उन्हें काम नहीं मिल पा रहा है जिससे उन्हें कई दिक्कते आ रही है, साथ ही वह कहती हैं कि गरीबी के कारण वह अपने बच्चों की परवरिश भी नहीं कर पा रहीं है।
*रेलमंत्री के पत्र पर सांसद और उनके समर्थकों को भी नहीं है भरोसा - केशरी* जमालपुर रेल कारखाना के डीजल शेड को इलेक्ट्रिक शेड में बदलने के पत्र पर आम जनता को तो क्या सांसद ललन सिंह और उनके समर्थकों को भी भरोसा नहीं है यही कारण है कि रेलमंत्री पीयूष गोयल के पत्र को सत्रह दिनों के बाद पब्लिक डोमेन में लाया गया। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने एक बयान जारी करते हुए कहा। श्री केशरी ने आरोप लगाया कि लापता सांसद ललन सिंह की तेजी से बिगड़ती जा रही छवि को बचाने के लिए रेलमंत्री के आधे महीने से भी पुराने इस पत्र को झाड़-पोछकर जनता के सामने ऐसे परोसा जा रहा है जैसे कि ललन सिंह ने जमालपुर कारखाना की सभी समस्याओं का समाधान कर दिया हो। जबकि जमालपुर कारखाना के अस्तित्व को लेकर लगातार आंदोलनरत सभी आंदोलनकारी एवं चिंतित जमालपुर और मुंगेर के लोग इस तरह की राजनीतिक नौटंकी को भली-भांति समझते हैं। एनसीपी नेता संजय केशरी ने सांसद ललन सिंह को चुनौती दी कि अगर वो वास्तव में जमालपुर रेल कारखाना को निर्माण कारखाना में परिणत कराना चाहते हैं तो वो संसद के आसन्न सत्र को इस मुद्दे पर बाधित करने की घोषणा करें।
बिहार राज्य के मुंगेर जिला के छोटी केलाबारी से सुधा देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि उनके दो लड़के हैं और दोनों लड़का कोरोना के कारण घर में बैठ गए हैं,जिस कारण से उन लोगों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है और उन्हें कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है
प्रेस विज्ञप्ति मुंगेर। 28 - 05- 2021 ------------------------------- बिहार के सभी प्रमण्डलीय मुख्यालयों में मेडिकल कॉलेज अस्पताल बन गए हैं अथवा बनाए जा रहे हैं । परन्तु कभी मीर कासिम एवं राजा दानवीर कर्ण की नगरी के नाम से मशहूर ऐतिहासिक मुंगेर को अभी तक डबल इंजन की सरकार एवं मुंगेर में इनके प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं है। मुंगेर विरोधी रवैये के चलते आजतक मेडिकल कॉलेज अस्पताल मुंगेर को नहीं मिल पाया है । अंग्रेजी हुकूमत के समय से निर्मित मुंगेर सदर अस्पताल को उच्चस्तरीय हाइटेक अस्पताल बनाया जा सकता है। जबकि सदर अस्पताल में जगह भी पर्याप्त है। ये बातें राजद के वरिष्ठ नेता राज्यपरिषद सदस्य नरेश सिंह यादव जिला अध्यक्ष डॉ देवक़ीननदन सिंह उपाध्यक्ष संजय पासवान एवँ महासचिव सह मीडिया प्रभारी गजेंद्र कु हिमांशु उर्फ अरविंद ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कही। राजद नेताओं ने आगे कहा कि मुंगेर प्रमंडलीय मुख्यालय के सदर अस्पताल में प्रर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था नहीं रहने से यहां के लोगों को छोटे छोटे इलाज के लिए भी भागलपुर और पटना का चक्कर लगाना पड़ता। राजद नेताओं ने कहा कि मुंगेर में मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मांग जब राजद सहित विभिन्न राजनीतिक एवं समाजिक संगठनों के नेताओं ने किया था तो बिहार के मुख्यमंत्री ने खड़गपुर के मंच से हमलोगों के अति महत्वपूर्ण माँग को खारिज कर ये कहकर मजाक उड़ाया था कि गली कूची में मेडिकल कॉलेज खोल दें क्या? आज यदि मुंगेर में मेडिकल कॉलेज रहता तो इस कोरोना संक्रमण में मुंगेर के लोगों को इलाज के लिए अन्य जगह नहीं जाना पड़ता और इतने लोगों की मौत भी कोरोना संक्रमण से नहीं होता। मुंगेर प्रमंडलीय मुख्यालय होने के बावजूद भी यहां के अस्पताल में आज तक वेंडिलेटर शिष्टम चालू नहीं हो सका है। आरटीपीसीआर जांच मशीन भी अभी तक चालू नहीं होने से कोरोना जांच में देर होती है। कोरोना जांच का रिपोर्ट एक सप्ताह में आने में देर हो जाने से कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या में इजाफा हो जाती है और तब तक में कई लोगों की जान चली जाती है। वही मुंगेर में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की व्यवस्था भी सिर्फ कागजों में दौड़ लगा रही है।जिसके चलते यहाँ के लोगों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है।जहां लोगों को निजी अस्पतालों के द्वारा कोरोना इलाज के नाम पर भारी भयादोहन व लूट किया जाता है।इतना ही नहीं मुंगेर जिले के सभी 9 वों प्रखंड स्तर पर भी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है।सदर अस्पताल मुंगेर सहित सभी अनुमंडल व प्रखंड स्तर के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में चिकित्सकों, टेक्नीशियन, नर्स व कॉम्पोंडरों का भारी कमी है। कोरोना जाँच एवँ वैक्सीनेशन के कार्य में भी काफी धीमी गति चिंता का विषय है। जिला राष्ट्रीय जनता दल उपर्युक्त सभी विषयों पर जल्द हीं वर्चुअल बैठक बुलाकर जिले भर के साथियों से राय सुमारी कर इनसब माँगो को लेकर लॉकडॉन के बाद पुनः बड़ा आंदोलन का आगाज करेंगें। मुंगेर में मेडिकल कॉलेज अस्पताल हमारी माँग हीं नहीं बल्कि मुंगेर का हक है मेडिकल कॉलेज अस्पताल।
मुंगेर में शुक्रवार तक कुल 13701 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 13055 कोरोना पॉजिटिव मरीज हुए हैं स्वस्थ्यय - जिले में शुक्रवार तक एक्टिव केस कि कुल संख्या है 540 शुक्रवार को मिले मात्र 22 कोरोना पॉजिटिव केस - जिले में शुक्रवार तक कोरोना जांच के लिए लिया गया है कुल 525599 लोगों का सैम्पल मुंगेर, 28 मई 2021 : विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर पूरी खबर को सुने और बने रहे मोबाइल वाणी के साथ आपका अपना सामुदायिक मीडिया चैनल सबसे आगे सबसे पहले हर पल पल की खबर सुनते रहे 092787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी बड़ी खबर को सुनाएं और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया साझा करें यदि आप स्मार्टफोन उपयोग करता है तो मोबाइल वाणी ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को आप पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करें धन्यवाद
बिहार कृषि विश्वविद्यालय के "ई - उद्यान चौपाल" से जुड़े किसान पुत्र राजन कुमार मैं गौरवान्वित हूं कि मैं किसान का बेटा हूं, हम सबको अन्नदाताओं का सम्मान करना चाहिए; अभिनेता राजन कुमार बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर की ओर से आज 28 मई को तमाम किसान भाइयों के लिए "ई - उद्यान चौपाल" का आयोजन किया गया, जिससे अभिनेता राजन कुमार भी जुड़े और उन्होंने अपनी बात भी रखी। e - उद्यान चौपाल के टॉपिक पर इस ज़ूम मीटिंग के वक्ता और संयोजक डॉ अभय मानकर (उपनिदेशक प्रशिक्षण, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर) थे। इसमें कई वक्ता साइंटिस्ट भी थे। डॉ विकास दास, डॉ अमरेंद्र कुमार और डॉ तमोघणो साहा ने अपनी बातें पेश कीं। मुख्य संरक्षक डॉ आरके सोहाने, संरक्षक डॉ आर एन सिंह थे। मुंगेर बिहार के किसान पुत्र राजन कुमार ने इस विशेष चौपाल में हिस्सा लेकर अपनी बातें साझा कीं। उन्होंने बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर की प्रशंसा की। इस कोरोना काल और लॉक डाउन के दौरान इस तरह के विषय पर एक चौपाल का आयोजन करने के लिए उन्होंने डॉ अभय मानकर (उपनिदेशक प्रशिक्षण, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर) को भी मुबारकबाद पेश की। किसानों से जुड़े हुए यहां कई किस्म के ज्ञान बीएयू द्वारा दिये गए। बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में यहां के वैज्ञानिकों, अधिकारियों ने खेती की नई नई तकनीक का ज्ञान दिया। इससे बिहार में एक नई क्रांति आने में मदद मिलेगी। राजन कुमार ने कहा कि हमारे मुल्क भारत की आत्मा गांव में बसती है और गांव में किसान रहते हैं, जिन्हें अन्नदाता भी कहा जाता है। बिना अन्न के जीना मुमकिन नहीं है। मैं गौरवान्वित हूं कि मैं किसान का बेटा हूं। कृषि विज्ञानियों की चमत्कारी कोशिशों और किसानों की दिन रात की मेहनत व लगन की बदौलत आज बिहार विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। किसान और अभिनेता राजन कुमार ने आगे कहा कि अपने किसानों का सम्मान जरूर करें क्योंकि इन्ही किसानों की वजह से हम सब ज़िंदा हैं। कोरोना काल और लॉक डाउन में लोग फ्रीज या एसी खरीदने नही जा रहे हैं उन्हें अनाज, सब्जी चाहिए और यह चीजें किसान पैदा करते हैं। मुझे गर्व हैं कि मैं एक किसान का बेटा हूँ। मुझे खेतों में काम करना, खेती करना अच्छा लगता है। कुछ लोग किसानों को गांव वाला, गरीब, मजदूर, लाचार समझते हैं हालांकि इन्ही किसानों की वजह से लोगो का पेट भरता है। आज कई उद्योग बंद हो गए हैं मगर खेती जारी है और जारी रहेगी। अन्नदाताओं पर राजन कुमार की लिखी एक कविता "किसान" काफी वायरल हुई है जिसमे उन्होंने किसानों की अहमियत और उनके दर्द को बखूबी प्रस्तुत किया है। राजन कुमार लिखते हैं "किसान...देश की आन हैं, भारत की शान हैं, हमसे चलती जीवन धारा, श्रम ही है संकल्प हमारा, सादा जीवन उच्च विचार, अपने जीवन का आधार।" मैं गौरवान्वित हूं कि मैं किसान का बेटा हूं, हम सबको अन्नदाताओं का सम्मान करना चाहिए; अभिनेता राजन कुमार बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर की ओर से आज 28 मई को तमाम किसान भाइयों के लिए "ई - उद्यान चौपाल" का आयोजन किया गया, जिससे अभिनेता राजन कुमार भी जुड़े और उन्होंने अपनी बात भी रखी। e - उद्यान चौपाल के टॉपिक पर इस ज़ूम मीटिंग के वक्ता और संयोजक डॉ अभय मानकर (उपनिदेशक प्रशिक्षण, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर) थे। इसमें कई वक्ता साइंटिस्ट भी थे। डॉ विकास दास, डॉ अमरेंद्र कुमार और डॉ तमोघणो साहा ने अपनी बातें पेश कीं। मुख्य संरक्षक डॉ आरके सोहाने, संरक्षक डॉ आर एन सिंह थे। मुंगेर बिहार के किसान पुत्र राजन कुमार ने इस विशेष चौपाल में हिस्सा लेकर अपनी बातें साझा कीं। उन्होंने बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर की प्रशंसा की। इस कोरोना काल और लॉक डाउन के दौरान इस तरह के विषय पर एक चौपाल का आयोजन करने के लिए उन्होंने डॉ अभय मानकर (उपनिदेशक प्रशिक्षण, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर) को भी मुबारकबाद पेश की। किसानों से जुड़े हुए यहां कई किस्म के ज्ञान बीएयू द्वारा दिये गए। बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में यहां के वैज्ञानिकों, अधिकारियों ने खेती की नई नई तकनीक का ज्ञान दिया। इससे बिहार में एक नई क्रांति आने में मदद मिलेगी। राजन कुमार ने कहा कि हमारे मुल्क भारत की आत्मा गांव में बसती है और गांव में किसान रहते हैं, जिन्हें अन्नदाता भी कहा जाता है। बिना अन्न के जीना मुमकिन नहीं है। मैं गौरवान्वित हूं कि मैं किसान का बेटा हूं। कृषि विज्ञानियों की चमत्कारी कोशिशों और किसानों की दिन रात की मेहनत व लगन की बदौलत आज बिहार विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। किसान और अभिनेता राजन कुमार ने आगे कहा कि अपने किसानों का सम्मान जरूर करें क्योंकि इन्ही किसानों की वजह से हम सब ज़िंदा हैं। कोरोना काल और लॉक डाउन में लोग फ्रीज या एसी खरीदने नही जा रहे हैं उन्हें अनाज, सब्जी चाहिए और यह चीजें किसान पैदा करते हैं। मुझे गर्व हैं कि मैं एक किसान का बेटा हूँ। मुझे खेतों में काम करना, खेती करना अच्छा लगता है। कुछ लोग किसानों को गांव वाला, गरीब, मजदूर, लाचार समझते हैं हालांकि इन्ही किसानों की वजह से लोगो का पेट भरता है। आज कई उद्योग बंद हो गए हैं मगर खेती जारी है और जारी रहेगी। अन्नदाताओं पर राजन कुमार की लिखी एक कविता "किसान" काफी वायरल हुई है जिसमे उन्होंने किसानों की अहमियत और उनके दर्द को बखूबी प्रस्तुत किया है। राजन कुमार लिखते हैं "किसान...देश की आन हैं, भारत की शान हैं, हमसे चलती जीवन धारा, श्रम ही है संकल्प हमारा, सादा जीवन उच्च विचार, अपने जीवन का आधार।"
धरहरा(संवाददाता):-लडै़याटाड़ थाना क्षेत्र के महगामा पंचायत के पंच की ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई । महगामा पंचायत के ग्राम कचहरी के ग्यारह नम्बर के पंच अर्जुन मंडल के आकास्मिक निधन पर सरपंच संघ के प्रखंड अध्यक्ष सह महगामा के सरपंच अजय कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि ग्यारह नम्बर के पंच के आकास्मिक निधन से हमने अपने अभिवावक तुल्य व मार्ग दर्शक को खोया है जिसकी भरपाई असंभव है । उन्होने मृतक पंच के आत्मा की शांति प्रदान हेतु ईश्वर से प्रार्थना किया है ।
धरहरा(संवाददाता):-शुक्रवार को धरहरा थाना क्षेत्र के औडा़बगीचा दुर्गा स्थान के समीप एक दो पहिया वाहन दुर्धटनाग्रस्त होने से वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया ।ग्रामीणो के सहयोग से घायल का प्राथमिक उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धरहरा मे किया गया । धरहरा पुलिस घटना स्थल से वाहन को जब्त कर लिया है । धरहरा पुलिस ने घायल युवक के वाहन से जो कागजात बरामद किए गए हैं वह लक्खीसराय जिले के पीरी बाजार थाना क्षेत्र के घोघी बरियारपुर का है। वहीं गंभीर रुप से घायल युवक का पता लगाने के लिए धरहरा पुलिस तहकीकात मे लगी है ।
मुंगेर एसपी जेजे रेड्डी के निर्देश पर शुक्रवार को बरियारपुर टीनबटिया चौक पर बरियारपुर पुलिस द्वारा वाहन जांच अभियान चलाया गया।वाहन जाँच का नेतृत्व एस आई शिकेन्द्र कुमार शर्मा कर रहे थे।इस दौरान सड़क पर बेख़ौफ़ दौड़ रहे दोपहिया वाहनों की जांच की गई, कागजात, हेलमेट और किस कार्य से जा रहे हैं इसकी जानकारी ली गई। जाँच के क्रम में तीन दो पहिया चालकों से ₹1500 जुर्माना दंडस्वरूप वसूला गया।
