बिहार राज्य के मुंगेर जिले में विपिन कुमार ने रामजी प्रसाद से मोबाइल वाणी के माध्यम से साक्षात्कार लिया। रामजी प्रसाद ने बताया कि वे मजदूर है और उन्हें बिहार सरकार की ओर से मात्र चार सौ रूपया वृद्धा पेंशन मिलता है। इस महँगाई के जमाने में इस चार सौ रुपया के वृद्धा पेंशन से कुछ नहीं हो सकता है। एक समय का चाय भी इंसान नहीं पी सकता है। वे मजदूर है कमाते है तब उनका खर्च चलता है

मंगलवार को सरकार के निर्देशानुसार मेगा शिविर कोविड-19 टीकाकरण चलाया गया जिसमें जिलाधिकारी मुंगेर स्वयं जगह-जगह जाकर निरीक्षण किए और लोगों को यह बताएं कि आप लोग टीका लेना ना भूलें टीका लेना जरूरी है साथ ही साथ आंगनवाड़ी सेविका, आशा, जीविका दीदी को घर घर जाकर प्रेरित कर लोगों को टीकाकरण सेंटर पर लाने के लिए आदेश दिए ताकि सत प्रतिशत लोग टीका ले सके टीका लेने से कोई लोग ना बचे

पोषण अभियान: 01 से 30 सितंबर तक जिलाभर में मनाया जाएगा राष्ट्रीय पोषण माह -पोषण माह की सफलता को ले केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास और आईसीडीएस निदेशालय ने जारी की चिट्ठी - राष्ट्रीय पोषण माह में आंगनबाड़ी से परियोजना और जिलास्तर पर आयोजित की जाएंगी विभिन्न गतिविधियां मुंगेर, 31 अगस्त| पोषण अभियान के तहत जिलाभर में आगामी 01 से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाएगा। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र के साथ-साथ परियोजना स्तर और जिलास्तर पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी । "कुपोषण छोड़ पोषण की ओर, थामें स्थानीय भोजन की डोर" की थीम पर आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रीय पोषण माह के सफल संचालन को ले भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग के तहत समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) निदेशालय ने चिट्ठी जारी की है। 01 से 15 सितंबर तक वृद्धि निगरानी अभियान समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) मुंगेर की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) वंदना पांडेय ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान 01 से 15 सितंबर तक वृद्धि निगरानी अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान आंगनबाड़ी सेविका, आशा एवं एएनएम के साथ समन्वय स्थापित कर अपने आंगनबाड़ी केंद्र के पोषक क्षेत्र के 0 से 06 वर्ष तक के सभी बच्चों का वजन, लंबाई और ऊंचाई की माप करेंगी ताकि बच्चों के पोषण स्तर के अनुसार सामान्य, कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की पहचान की जा सके। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए पोषण परामर्श केंद्र का संचालन किया जाएगा- इसके साथ ही सम्पूर्ण पोषण माह के दौरान जिलास्तर पर सदर अस्पताल एवं जिला कार्यक्रम कार्यालय परिसर में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) की देखरेख में तथा प्रखण्ड स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बाल विकास परियोजना कार्यालय या प्रखण्ड कार्यालय परिसर में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) की देखरेख में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए पोषण परामर्श केंद्र का संचालन किया जाएगा। इस दौरान आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका,आशा, एएनएम, ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवम पोषण समिति (वीएचएस एनसी) के सदस्यों, शिक्षकों, विकास मित्र, जीविका समूह के सदस्यों के द्वारा स्थानीय वयस्क लोगों के सहयोग से पोषण रैली का आयोजन किया जाएगा। 1 से 7 सितंबर के दौरान शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए जागरुकता अभियान डीपीओ ने बताया कि 1 से 7 सितंबर के दौरान शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए जागरूकता अभियान एवम समितियों की बैठक में पोषण पर चर्चा के साथ ही जिला एवं प्रखण्ड स्तर पर पोषण संबंधी संदेशों का प्रचार- प्रसार किया जाएगा। इसके साथ हीं आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय एवम ग्राम पंचायत स्तर पर पौधरोपण एवम पोषण वाटिका का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा परियोजना स्तर पर गर्भवती महिलाओं को पोषण युक्त आहार लेने के लिए प्रेरित करने के लिए स्लोगन लेखन प्रतियोगिता, आंगनबाड़ी केंद्र पर एनीमिया पर जागरूकता के लिए सेल्फी प्रतियोगिता, परियोजना स्तर पर उत्कृष्ट पोषण वाटिका प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। 8 से 15 सितंबर के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल एवम गर्भवती, धातृ महिलाओं के बेहतर पोषण के लिए योगाभ्यास/आयुष अभ्यास उन्होंने बताया कि 8 से 15 सितंबर के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल एवम गर्भवती, धातृ महिलाओं के बेहतर पोषण के लिए योगाभ्यास/आयुष अभ्यास के जन जागरूकता अभियान के साथ-साथ 8 से 10 बच्चों के साथ विद्यालयों में पोषण कक्षा का संचालन एवं चेतना सत्र के दौरान पोषण संबंधी प्रश्नोतरी का आयोजन किया जाएगा। 16 से 23 सितंबर के दौरान जिला स्तर पर पोषण संबंधी समन्वय समिति की बैठक 16 से 23 सितंबर के दौरान जिला स्तर पर पोषण संबंधी समन्वय समिति की बैठक एवं पोषण पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बोतल से दूध पिलाने मुक्त गांव घोषित करने के अभियान के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्थानीय खाद्य सामग्री का प्रदर्शन और कृमि नाशक अभियान का भी संचालन किया जाएगा। 24 से 30 सितंबर तक दुकानों में पोषण सुरक्षा मानकों की जांच 24 से 30 सितंबर तक स्थानीय बाजार में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के द्वारा स्थानीय भोजनालयों, खाद्य सामग्रियों की दुकानों में पोषण सुरक्षा मानकों की जांच और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर रेफ़रल अस्पताल भेजने का अभियान चलाया जाएगा।

मय पंचायत के नंदलालपुर वार्ड नंबर 2 निवासी गीता देवी का कहना है कि उनके पति की मृत्यु 3 वर्ष पूर्व हो गई है। अभी तक उनको विधवा पेंशन नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसको लेकर मुखिया और ब्लाक का दौरा लगाते लगाते थक चुकी है। उन लोगों का कहना है कि लाल कार्ड नहीं होने की वजह से आपको विधवा पेंशन नहीं मिलेगा।

बिहर राज्य के मुंगेर जिला से अबोध ठाकुर मोबाइल वाणी के माध्यम से मय चंद्रटोला निवासी सोनू कुमार से कोरोना एक जिंदगी- एक था होटल कार्यक्रम के तहत साक्षात्कार लिया है। जिसमें उन्होंने बताया कि कोरोना काल की वजह से उनका बहुत नुक्सान हुआ है जो अगर वह पांच साल भी काम करेंगे तब भी भरपाई नहीं हो पायेगी।पहले वह 15 हजार कमा लेते थे और अब मुश्किल से 2 हजार से 25 सौ ही कमा पाते है और अगर तीसरी लहर आयी कोरोना की तो और नुकसान होगा

बिहार राज्य के मुंगेर जिला के नौवागढ़ी दक्षिणी पंचायत से विजय कुमार विनोद मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहते है कि नौवागढ़ी निवासी निर्मला देवी पति वकील साह को विगत 1 वर्षों से पेंशन नहीं मिल रहा है पहले इन्हें पेंशन 60 वर्ष के उपरांत मिल रहा था पर अब नहीं मिल रहा है इन्होंने पंचायत और ब्लॉक में भी गुहार लगायी परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई है ये दर दर भटक रही हैं।

दिल्ली में प्रेम विवाह कर दो बच्चों का पिता घर वापसी की बात कहकर ट्रेन में पत्नी और बच्चे को सोए हुए छोड़ रास्ते में ही फरार हो गया।इस संबंध में पीड़ित महिला ने बताया कि दास साल पहले प्रेम प्रसंग से उनकी शादी ओखला (दिल्ली) में हुई थी। घर वापसी की बात कहकर पति पत्नी सहित दोनों बच्चों को लेकर विक्रमशिला एक्सप्रेस से घर जा रहे थे कि ट्रेन पटना जंक्शन पार करते समय महिला की आंख लगी महिला जब सो कर जगि तो उनके पति ट्रेन से फ़रार हो गया।जहां भटकते हुए महिला अपने दोनों बच्चों के साथ बरियारपुर रेलवे स्टेशन आ पहुंची।जिसे बरियारपुर रेलवे स्टेशन के एक नंबर प्लेटफार्म पर देखा गया।

रविवार को मुंगेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कोरोना की जांच कराई गई जिसमें 3410 लोगा जांच लिया गया एक भी व्यक्ति नहीं पाए गए संक्रमित इसकी जानकारी सिविल सर्जन हरेंद्र कुमार आलोक ने दिए

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बिहार राज्य के मुंगेर ज़िले से विनोद के तहत मोबाइल वाणी के माध्यम से कल्याणी बता रही हैं की अगर बेटी को हम पढ़ाएंगे तो वो किसी पे आश्रित नहीं रहेगी और वो अपने बच्चों का मार्गदर्शन करेगी अपने परिस्थिति को समझेगी इसलिए बेटी को शिक्षित होना जरुरी है।