हरपुर थाना क्षेत्र के खगरोन गांव में एक लड़की के आंख में घुसा लोहे का रॉड जिस से लड़की की हालत गंभीर है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
अभी-अभी शिक्षा विभाग से आई बड़ी खबर निलंबित शिक्षकों को मिलेगा जीवन यापन भत्ता। जिला परिषद कार्यालय ने भेजा पत्र मुख्यालय होगा जिला स्थापना कार्यालय। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
युवा राजद नेता गजेंद्र कुमार हिमांशु उर्फ अरविंद यादव एवं छात्र राजद जिला अध्यक्ष ईशु यादव ने संयुक्त बयान जारी कर बिहार सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश , एवं गुजरात की सरकारें दूसरे राज्यों (कोटा) राजस्थान ,बेंगलुरु में लॉक डाउन के वजह से फँसे अपने यहाँ के हजारों छात्र, छात्राओं और मजदूरों को स्पेशल बस भेज कर अपने राज्य में बुला ले रहे हैं। बिहार की सरकार अपने बिहारी छात्र ,छात्राओं को दूसरे राज्यों में फँसे गरीब लाचार मजदूरों जो दिल्ली ,गुजरात,तमिलनाडु,महाराष्ट्र, एवं कोटा राजस्थान, बेंगलुरु में हैं,उन पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा डीडी बिहार चैनल पर मेरा दूरदर्शन मेरा विद्यालय शैक्षणिक कार्यक्रम 20 अप्रैल से वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर संपूर्ण भारत में लॉक डाउन है। इससे छात्र-छात्राओं के समक्ष पढ़ाई की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
17 अप्रैल 2020। कोरोना महामारी के कारण लॉक डाउन के दौरान स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने सभी राज्यों को स्वच्छ पीने के पानी की आपूर्ति की सलाह देते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं, विशेष रूप से ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पानी की आपूर्ति में कमीं हो और मेडिकल सैनिटाइज़र की सुविधा उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने समाज के कमजोर वर्गों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की सिफारिश की है, विशेषकर ऐसी जगहों पर लोगों का ध्यान रखने को कहा है जो राहत शिविर, अस्पताल, वृद्धाश्रम, आश्रय स्थल, समाज के गरीब तबके के निवास स्थान एवं झुग्गी-झोपड़ी आदि में रह रहे हैं। इन स्थानों में पानी की आपूर्ति और सुरक्षित एवं शुद्ध पानी मुहैय्या कराने के लिए राज्य सरकारों के सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभागों / बोर्डों / निगमों को निर्देशित किया गया है। कोविड-19 बीमारी के प्रसार से निपटने के लिए बनाई गई जिलों की सूक्ष्म योजनाओं में पीने योग्य पानी की उपलब्धता को शामिल करने को बेहद जरूरी बताया है। साफ पानी की आपूर्ति के लिए शुद्धिकरण रसायन आवश्यक- स्वास्थ्य मंत्रालय ने पानी को पीने योग्य बनाने के लिए आवश्यक शुद्धिकरण रसायन जैसे क्लोरीन की गोलियाँ, ब्लीचिंग पाउडर, सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल इत्यादि को आवश्यक बताते हुए जरूरी उपाय अपनाने को कहा है। पानी को शुद्ध करने वाले रसायनों की उपलब्धता का आंकलन करने और यदि आपूर्ति में कमी है तो इन रसायन को आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में शामिल कर आवश्यकता को तत्काल पूरा करने के लिए उनकी खरीदी करने को निर्देशित किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की जांच करने वाले किट ग्रामीणों को उपलब्ध कराने और उन्हें प्रशिक्षित करने की सलाह भी दी है। चौबीस घंटे पानी की आपूर्ति, व्यक्तिगत सुरक्षा का करें प्रबंध - चौबीस घंटे पानी की आपूर्ति हो इसे सुनिश्चित करने के साथ ही पानी की आपूर्ति में लगे लोगों की व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रबंध जैसे मास्क, सैनिटाइटर आदि पीएचईडी के अधिकारियों को प्रदान किए जाने को निर्देशित किया गया है। पानी की आपूर्ति या प्रबंधन करने वाले कर्मी यदि संक्रमित हो जाते हैं, तो वैकल्पिक व्यवस्था करने, ऐसे लोगों जिन्हें कुछ दूर सार्वजनिक नल से पीने का पानी लाना पड़ता हो उन स्थानों पर सामाजित दूरी का पालन कराने और पानी की आपूर्ति का समय बढ़ाए जाने की सिफारिश की गई है। पानी आपूर्ति में ना आए रूकावट- पीने के पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित कर उसका निवारण करने को कहा गया है। कोवि़ड-19 से संबंधित अन्य निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है।
शिवपुरी के खनिया दाना से समीर खान अपनी आप बीती आप के साथ साझा कर रहें हैं , इन्होंने ने कहा केवल हिम्मत से कोरोना से जंग जीत जा सकता है, लेकिन उठाये कड़े सवाल मीडिया और स्वास्थ्य विभाग पर, स्वास्थ्य विभाग के अनदेखी का सामना करना पड़ा था इस कोरोना संक्रमित मरीज को बाद में सोशल मीडिया पर अपना वीडियो प्रसारित किया जिसे अन्य चैनल द्वारा प्रसाशन तक पहुंचाया गया और फिर मिली सहायता। आप भी सुनिए और सबक हासिल कीजिए।
लॉकडाउन के कारण दिहाड़ी मजदूरों को दो जून की रोटी जुटाना मुश्किल हो गया है। पांच किलोग्राम फ्री राशन अभी तक नहीं मिला है। राशन कार्डधारियों को भी लॉक डाउन के प्रथम फेज समाप्त होने के बाद भी अब तक स्थानीय डीलर द्वारा अनाज वितरण नहीं किए जाने का कई जगहों से समाचार प्राप्त हो रहा है। शुक्रवार को प्रखंड के नोना जी पंचायत के डांगरा महादलित टोला की महिलाओं ने थालीपीठ कर सिस्टम का विरोध जताया।
एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के मिलने बाद से ही प्रशासन अलर्ट हो गयी है। पुरे क्षेत्र को सील निगरानी रखी जा रही है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
कोरोना रूपी इस महामारी मे लोग कोरोना से कम और भूख से ज्यादा परेशान है।ऐसा ही कुछ धरहरा प्रखंड के बंगलवा पंचायत के लकङकोला गाँव मे देखने को मिल रहा है,यहाँ के ग्रामीण कोरोना वायरस की महामारी से तो नही बल्कि भूख से जरूर मर जायेंगे।यहाँ के ग्रामीणों ने बताया कि न तो जनप्रतिनिधि के द्वारा ही गरीब,मजदूर वर्ग के लोगों को खाधान्न सामग्री मुहैया कराई जा रही है और न ही पदाधिकारियों के द्वारा ही कोई पहल की जा रही है और जन-वितरण प्रणाली के माध्यम से मिलने वाला खाधान्न सामग्री भी अभी तक नही मिला है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
कोरोना के चेन को तोड़ने में जुटी प्रशासन तीन दर्जन संदिग्ध को भेजा मुंगेर। पुरे क्षेत्र में की जा रही है कड़ी निगरानी। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
