कोरोना वायरस की महामारी से आवाम की रक्षा करने को लेकर धरहरा के प्रशासनिक पदाधिकारीयो ने मानगढ़ मस्जिद के आस-पास के लोगो से बाहर से आने जाने बाले लोगो की जानकारी प्राप्त कर सुचित करने का निर्देश दिया।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

सोमवार को कोरोना वायरस की महामारी को लेकर धरहरा थानाध्यक्ष रोहित कुमार सिंह ने वाहनो का सघन जाँच अभियान चलाया।इस दौरान एक दर्जन से अधिक वाहनो से सत्रह हजार रूपये का चलान काटा गया।सघन वाहन चेकिंग अभियान धरहरा मुख्य बाजार एवं दशरथपुर मे चलाया गया था।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने विश्व भर में आपातकालीन स्थिति पैदा कर दी है. धीरे-धीरे संक्रमण का प्रसार देश के साथ बिहार में बढ़ने लगा है. इसकी रोकथाम एवं पीड़ितों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने की दिशा में सरकार हर संभव प्रयास भी कर रही है. अब इस महामारी को मात देने के लिए जीविका कार्यकर्ता भी जुट गए हैं. कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार द्वारा मास्क के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है. अचानक मास्क की मांग बढ़ने के कारण बाजारों में मास्क की कमी भी देखने को मिल रही है. इसलिए जीविका ने इस दिशा में पहल की है. राज्य के सभी जिलों में जीविका दीदियाँ सक्रिय होकर मास्क बनाने में जुट गयी हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी जीविका समूहों के माध्यम से चिन्हित कर उनकी मदद की जाएगी. जागरूकता का उठाया बीड़ा: कोविड-19 के वैश्विक महामारी घोषित होने पर जीविका ने पहल करते हुए कोरोना पर आईईसी मटेरियल तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया, ताकि आम लोगों को इस रोग के बारे में जागरूकता फ़ैलाने और इससे निपटने की तैयारियों में मदद कर सके. जीविका अपने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अधिकतम परिवारों तक पहुँचने का प्रयास कर रही है एवं हैण्ड वाशिंग, क्वारंटीन, सामजिक दूरियाँ एवं आईसोलेशन जैसे महतवपूर्ण मुद्दों पर आम जागरूकता फैला रही है. जीविका ने अब तक 1 लाख से अधिक सामुदायिक सदस्यों के मोबाइल नंबर एकत्रित किये हैं और कोविड-19 के बारे में वॉयस मैसेज जारी करने के लिए मोबाइल वाणी मंच का उपयोग कर रहा है और उसी के माध्यम से समुदाय के प्रश्नों का उत्तर भी दे रहा है. साथ ही कोरोना पर जागरूकता बढ़ाने के मकसद से विडियो एवं गानों का भी सहारा लिया जा रहा है. जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें जीविका समूह का मिलेगा सहयोग: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता के नाम संदेश देते हुए बताया बिहार के सभी राशन कार्ड धारकों को सरकार द्वारा 1000 रूपये की सहायता राशि दी जा रही है. इसके अंतर्गत अब तक 94.85 लाख कार्ड धारकों को सहायता राशि आवंटित की जा चुकी है. शेष कार्ड धारकों के खाते में भी शीघ्र की राशि भेज दी जाएगी. साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नही हैं, उन्हें भी जीविका समूहों द्वारा चिन्हित कर उनकी मदद की जाएगी. इसके लिए ऐसे लोगों की पहचान करने का कार्य जीविका द्वारा प्रारंभ कर दिया गया है तथा शीघ्र ही इन परिवारों की पहचान कर उनकी भी मदद की जाएगी. कोरोना को हराने में जीविका का हो सकता है महत्वपूर्ण योगदान: अन्य राज्यों की तुलना में अभी बिहार में कोरोना के कम मामले सामने आए हैं. लेकिन धीरे-धीरे राज्य में भी कोरोना का प्रसार देखने को मिल रहा है. ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि सामुदायिक स्तर पर अधिक से अधिक लोगों को कोरोना संक्रमण के बारे में जानकारी दी जाए एवं उन्हें इस गंभीर रोग से बचने की उचित सलाह दी जाए. जिसमें जीविका की भूमिका अहम् हो सकती है. राज्य के सभी जिलों में जीविका महिला स्वयं सहायता समूह बनाये गए है, जो महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त करने का कार्य कर रहा है. कोरोना काल में जीविका समूह द्वारा लोगों को कोरोना पर जागरूक करने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है.

धरहरा (संवाददाता):धरहरा प्रखंड के माताडीह पंचायत के विभिन्न जन-वितरण प्रणाली के दुकानों पर जाकर धरहरा प्रखंड विकास पदाधिकारी डां प्रभात रंजन ने व धरहरा अंचलाधिकारी अबुल हुसेन ने राशन वितरण मे हो रही है धांधली की जाँच की। आपको बता दे कि माताडीह पंचायत के ग्रामीणों के द्वारा लगातार प्रखंड विकास पदाधिकारी को शिकायत मिल रही थी कि जन-वितरण बिक्रेताओ के द्वारा राशन देने मे धांधली की जा रही है तथा विरोध करने पर उदंडतापूर्ण बात की जाती है।इसी शिकायत पर आज सोमवार को माताडीह पंचायत के विभिन्न डीलरो के दुकानों पर जाकर स्वंय प्रखंड विकास पदाधिकारी डां प्रभात रंजन व धरहरा अंचलाधिकारी अबुल हुसेन ने जांच किया

हवेली खरगपुर के बहिरा पंचायत के भदौरा गांव की 9 नंबर वार्ड में सिया चरण सिंह जो दूसरे राज्य से किसी तरह अपना घर भाग कर आया था उसको जगत के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं प्रशासन उसके घर पर आया लेकिन वह घर से भाग चुका था आज उसका पुत्र को सर्दी खांसी बुखार आ गया है बच्चा बुखार से तरप रहा है मुखिया प्रतिनिधि कृष्ण मुरारी सिंह ने जब स्वास्थ्य विभाग टीम को कॉल किया प्रशासन को कॉल किया तो होने से पीछे हट रहा है डॉक्टर ने बताया कि paracetamol tablet Azithromycin tablet देने के लिए कहा मुखिया जी उसके घर पर दवाई पहुंचा दिया गांव में हड़कंप मचा हुआ है हर जगह उसी का चर्चा हो रहा है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

पुलिस लोगों का दिल जीते।

बिहार में सोमवार से लॉक डाउन में कुछ छूट के साथ कई काम शुरू हो जाएंगे. खास कर रोजगार से जुड़े कार्य. दूसरी और सभी सरकारी दफ्तरों में भी काम-काज प्रारंभ हो जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्रालाय के दिशा-निर्देश के तहत सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्य शुरू किए जाने हैं।कोरोना संक्रमण को देखते हुए देश में 22 मार्च को लागू एक दिवसीय जनता कर्फ्यू के बाद से ही कई कार्य बंद थे. इसके अगले दिन यानी 23 मार्च से बिहार सरकार ने राज्य में 31 मार्च तक लॉक डाउन की घोषणा कर दी थी. वहीं, 24 मार्च की आधी रात से देश में लॉकडाउन लागू है. इसके बाद भी हालांकि स्वास्थ्य, पुलिस, आपदा प्रबंधन, कृषि आदि विभागों में कार्य इन दौरान भी युद्ध स्तर पर चल रहे थे. लेकिन, सोमवार से उनको फिर से सक्रिय करने की कवायद शुरू कर दी गई है. राज्य सरकार के सभी विभागों और कार्यालयों में 20 अप्रैल से काम शुरू होगा. इस बाबत सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया है. इसके मुताबिक वर्ग क और ख के सभी पदाधिकारी प्रतिदिन कार्यालय में आएंगे. वहीं वर्ग ग और इसके नीचे के तथा संविदा कर्मी एक तिहाई की संख्या में कार्यालय आएंगे. अर्थात कुल कर्मियों के 33 प्रतिशत कर्मी उपस्थित होंगे. समूह बांटने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रधान को दी गई है. लॉकडाउन में मालवाहक वाहनों का सुगमता से परिचालन हो सके, इसको लेकर राज्य सरकार ने एनएच और एसएच पर के ढाबे और रेस्टूरेंट को खोलने की अनुमति दी है. इसको लेकर सभी जिलों के डीएम-एसपी को भी निर्देश दिया गया है. हर 15 किलोमीटर पर एक ढाबे-रेस्टूरेंट खोलने की अनुमति है. ताकि मालवाहक वाहनों को चलाने वाले और उसके सहायक को भोजन आदि की दिक्कत नहीं हो. सोमवार से मनरेगा के तहत काम शुरू कर दिए जाएंगे. ताकि मजदूरों को रोजगार मिल सके. लॉकडाउन में रोज कमाने खाने वाले लोगों को दिक्कत नहीं हो. इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सभी विभागीय पदाधिकारियों को जिलों के डीएम-एसपी को निर्देश दिया है. बाहर से आये मजदूरों को भी मनरेगा से लिंक करने का निर्देश उन्होंने दिया है. इसके अलावा सात निश्चय के कार्यक्रम हर घर नल का जल, पक्की गली-नालियॉ, शौचालय का निर्माण, तालाबों/पोखरों का जीर्णोद्धार कार्य शुरू करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं. इसी प्रकार मुख्य और ग्रामीण सड़कें, पुल-पुलिया आदि निर्माण कार्य भी शुरू किए जाएंगे। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

सरकार ने कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए लोगों से घरों में रहने की तो अपील कर दी है। लेकिन अगर ग्रामीणों को मुलभुत सुविधाएँ मुहैया नहीं होगी तो लोग अपना जीवनयापन कैसे करेंगे। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

• नवजात शिशु के स्तनपान एवं शिशु आहार को लेकर दिशानिर्देश जारी • 6 माह तक सिर्फ स्तनपान करने वाले शिशुओं में डायरिया से 11% एवं निमोनिया से 15% तक कम मृत्यु की होती है संभावना • शिशु जन्म के 1 घन्टे के भीतर शिशुओं को स्तनपान कराने से नवजात मृत्यु दर में 20% की लायी जा सकती है कमी • सावधानी बरतकर संक्रमित माताएं भी करा सकती हैं शिशु को स्तनपान पटना/ 18 अप्रैल: कोरोना संक्रमण के कारण नवजात शिशु एवं छोटे बच्चों के पोषण को बाधित होने से बचाने का भी प्रयास किया जा रहा है. इसको लेकर बाल स्वास्थ्य के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. विजय प्रकाश राय ने सभी सिविल सर्जन को पत्र लिखकर कोरोना महामारी के दौरान नवजात शिशु के स्तनपान एवं छोटे बच्चों के आहार को लेकर चिकित्सक एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी( स्टाफ नर्स, एएनएम, आरएमएनसीएच प्लस ए काउंसलर, ममता एवं आशा) के लिए दिशानिर्देश जारी किया है. स्तनपान एवं संपूरक आहार देता है बेहतर स्वास्थ्य: बाल स्वास्थ्य के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. विजय प्रकाश राय ने बताया शिशु जन्म के 1 घन्टे के भीतर शिशुओं को स्तनपान कराने से नवजात शिशु मृत्यु दर में 20% की कमी लायी जा सकती है. वहीँ 6 माह तक सिर्फ स्तनपान करने वाले शिशुओं में डायरिया से 11% एवं निमोनिया से 15% तक कम मृत्यु की संभावना होती है. 6 माह तक शिशुओं को सिर्फ स्तनपान कराना चाहिए एवं 6 माह के बाद शिशु को संपूरक आहार देना शुरू कर देना चाहिए. साथ ही शिशु के बेहतर विकास के लिए कम से कम 2 साल तक शिशु को स्तनपान कराना जारी रखना चाहिए. संपूरक आहार से बच्चे का उपयुक्त शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है तथा बच्चा कुपोषणजनित कई तरह के बीमारियों से बचा रहता है. इसलिए यह जरुरी है कि कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सक के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मी नवजात शिशुओं के स्तनपान एवं शिशुओं के संपूरक आहार की जरूरत के विषय में आम-जनता को जागरूक एवं जानकारी प्रदान करें. 1 घंटे के भीतर स्तनपान की शुरुआत एवं 6 माह तक केवल स्तनपान जरुरी: • शिशु जन्म के 1 घन्टे के भीतर स्तनपान कराना जरुरी होता है. साथ ही 6 माह तक बच्चे को सिर्फ स्तनपान ही कराना चाहिए. माँ का दूध शिशु को कई तरह के संक्रमण से बचाव करता है • माँ के दूध में एंटीबॉडी होते हैं जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं • स्वास्थ्य संस्था में या किसी स्वास्थ्य कर्मी के द्वारा दूध की बोतलें, निप्पल या डमीज को बढ़ावा न दें माँ में बुखार, खाँसी या सांस लेने में कोई तकलीफ़ जैसे लक्षण दिखने पर • तुरंत चिकित्सक से सलाह लें • बच्चे के संपर्क में आने पर मास्क पहनें. खांसते या छींकते समय मुँह को रुमाल या टिश्यू पेपर से ढकें • छींकने या खांसने के बाद, दूध पिलाने से पहले एवं बाद हाथों को पानी एवं साबुन से 40 सेकंड तक धोएं • किसी भी तरह के सतह को छूने के बाद हाथों को पानी एवं साबुन से 40 सेकंड तक धोएं या अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें माँ यदि स्तनपान नहीं करा सकती हैं तो ये करें: • अपना दूध कटोरे में निकाल लें. इसके लिए हाथों को साबुन या अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर से 40 सेकंड तक साफ़ करें. जिस कटोरी में दूध निकालें उसे अच्छी तरह गर्म पानी एवं साबुन से धो लें • अपना निकला हुआ दूध पिलाने से पहले भी मास्क का इस्तेमाल करें. साथ ही चम्मच को भी अच्छी तरह साफ़ कर लें यदि माँ कोविड 19 से संक्रमित है या उसकी संभावना है: • कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बच्चे को जन्म के पहले घंटे एवं 6 माह तक केवल माँ का ही दूध पिलायें • शिशु को संक्रमित माता से 6 फीट की दूरी पर रखा जाए जबतक कि माँ का टेस्ट दो बार नेगेटिव न आ जाए • शिशु की देखरेख एवं स्किन टू स्किन संपर्क के लिए घर की किसी स्वस्थ महिला का सहयोग लिया जा सकता है 6 महीने पूरे होने के बाद बच्चे को दें संपूरक आहार: शिशु के 6 महीने पूरे होने के बाद उनके बेहतर मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए स्तनपान के साथ संपूरक आहार की जरूरत होती है. 6 माह के बाद स्तनपान के साथ संपूरक आहार शिशुओं को देना चाहिए. साथ ही शिशु को 2 साल तक स्तनपान करवाना जारी रखना चाहिए. इसके लिए बच्चे को अलग से कटोरी में खाना खिलाना चाहिए. खाना बनाने, खिलाने या खाने से पहले 40 सेकंड तक पानी एवं साबुन से हाथ धोना जरुरी है. 6 महीने के बच्चे को 2-3 चम्मच खाना दिन में 2 से 3 बार. 6 से 9 महीने के बच्चे को आधा कटोरी खाना दिन में 2 से 3 बार. 9 से 12 महीने के बच्चे को आधा कटोरी खाना दिन में 2 से 3 बार. 1 से 2 साल तक के बच्चे को 1 कटोरी खाना दिन में 3 से 4 बार देना जरुरी है.

मुंगेर जिला पदाधिकारी राजेश मीणा ने बताया कि शुक्रवार को कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों के 46 संबंधियों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था । सभी का रिपोर्ट नेगेटिव पाया गया। यह मुंगेर वासियों के लिए सुखद का क्षण है ।उन्होंने बताया कि अभी तक 442 सैंपल जांच में भेजा जा चुका है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।