देश के चर्चित शिशु रोग विशेषज्ञ डा० कफील खान पर रासुका लगाकर यूपी के जेल में बंद करने के खिलाफ अविलंब उनकी रिहाई की मांग को लेकर रविवार को राज्यव्यापी प्रतिरोध दिवस के तहत प्रखण्ड के मोतीपुर वार्ड-10 में भाकपा माले के बैनर तले शारीरिक दूरी बनाकर धरना का आयोजन किया गया. मौके पर कार्यकर्ता अपने हाथों में मांगों से संबंधित नारे लिखे तख्तियां लेकर लोकतंत्र के गलाघोटू मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने की. मौके पर राजदेव प्रसाद सिंह, विष्णुदेव कुमार, रामबाबू सिंह, विजय कुमार, मोतीलाल सिंह, बासुदेव राय समेत अन्य माले सह किसान कार्यकर्ता उपस्थित थे. कस्बेआहर में प्रभात रंजन गुप्ता एवं मुकेश कुमार गुप्ता, फतेहपुर में मनोज सिंह, रामापुरं महेशपुर में सोनिया देवी एवं अनीता देवी, हरिशंकरपुर बधौनी में जीतेंद्र सहनी एवं सुनील पासवान, रहिमाबाद में सुशील पासवान एवं धर्मेन्द्र पासवान, शाहपुर बधौनी में इनौस जिलाध्यक्ष आशिफ होदा, पंसस नौशाद तौहीदी, मो० एजाज, अरशद कमाल बबलू, संतोष कुमार, ताजपुर बाजार में मो० अबुबकर, अधिवक्ता मो० अनवर, संतोष कुमार, आधारपुर में अजीत कुमार समेत भाकपा माले, आइसा, इनौस, इंसाफ मंच के कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में करीब एक सौ से अधिक घरों में धरना देकर डा० कफील खान की रिहाई की मांग की गई. वार्ड, पंचायत से लेकर प्रखण्ड एवं सोशल साइट्स तक कार्यक्रम जोरदार चर्चा का विषय बना हुआ है। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें। 

राणा राजीव के याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

बघडा में शिवकृष्ण के प्रतिमा का किया गया अनावरण

मोहनपुर एवं मोहिउद्दीननगर में सतर लोगों की हुई कोरोना संक्रमण की जांच

कोविद-19 काल में समस्तीपुर में कोरोना महामारी नियंत्रण से बाहर हो चुका है। कोई ऐसा दिन नहीं जब 30 से 40 लोग पॉजिटिव नहीं हों,18 जुलाई को तो बिस्फोट हीं हो गया एक साथ 96 पॉजिटिव, जिले का कोई भी गली-मोहल्ला संक्रमण से अछूता नहीं है। बस अब संख्या इसलिए बढ़ता दिखाई दे रहा है क्योंकि लोग खुद से कोरोना जांच केंद्रों में अपना सेम्पल देने लगे हैं। लोगों में असल डर तो अब हीं दिख रहा है जब अपने बीच के लोगों में कोरोना पॉजिटिव देखा। यही सावधानी यदि शुरुआत में करते तो शायद यह नौबत नहीं आती।सरकार नें भी मानो अपने हाथ खड़े कर ली है। कोरोना होने पर भी अस्पताल जाने से ज्यादा सुरक्षित लोग अपने घर में हीं प्राकृतिक घरेलू नुख्से और इलाज करवाकर महसूस कर रहे है। बड़ी बड़ी हस्तियों की हालत देख आम लोग यह सोचने को मजबूर हुए हैं कि क्या आम और क्या खास, इस महामारी नें सबको एक हीं प्लेटफार्म पर खड़ा कर दिया है।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, समस्तीपुर,के जिलाध्यक्ष डॉ मिथिलेश कुमार ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी(मध्याहन भोजन योजना),ज़िला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी समस्तीपुर को पत्र लिख कर लॉकडॉन की अवधि में प्राथमिक व मध्य विद्यालय को खोलकर छात्रों अथवा अभिभावकों को चावल बांटने की जगह पर मध्याह्न भोजन योजना के अन्तर्गत चावल की राशि एवं परिवर्तन मूल्य की राशि सीधे छात्रों के खाते पर स्थानांतरित करने का निवेदन पदाधिकारियों से किया हैं। एक तरफ पूरे बिहार में कोरोना संक्रमण को समुदाय में फैलने से रोकने हेतु लॉकडॉन लगाया गया दूसरी तरफ निदेशक, मध्याह्न भोजन योजना के निर्देशानुसार वर्ग एक से पांच तक आठ किलोग्राम एवं वर्ग छः से आठ तक बारह किलोग्राम चावल वितरित करने तथा परिवर्तन मूल्य की राशि छात्रों के खाता पर स्थानांतरित करने का तुगलकी फरमान निर्गत हुआ है।राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का स्पष्ट मन्तव्य है कि मेधासॉफ्ट के माध्यम से छात्रों के खाता से संबंधित सभी विवरण विभाग के पास पूर्व से उपलब्ध है तथा नए नामांकित छात्रों का भी डीबीटी करने का निर्देश प्राप्त है।ऐसे में विभाग द्वारा जिला स्तर से ही चावल की निर्धारित सरकारी दर की राशि एवं परिवर्तन मूल्य की राशि एन0 आई0सी0 के माध्यम से सीधे छात्रों अथवा अभिभावकों के खाता पर स्थानांतरित किया जाए। ज्ञातव्य हो कि... 01. बिहार में वैश्विक महामारी COVID - 19 कोरोना का प्रकोप काफी तेजी से बढ़ रहा है जिसके रोकथाम के लिए बिहार सरकार द्वारा 16 जुलाई से 31 जुलाई तक लॉकडाऊन की घोषणा की जा चुकी है। 02. ऐसे में अभिभावकों/छात्रों को विद्यालय में बुलाना उचित नहीं होगा क्योंकि कोरोना संक्रमण समुदाय में तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ है। चावल वितरण की सूचना मिलते ही विद्यालय में छात्रों और अभिभावकों की भीड़ लग रही हैं। जिस कारण सोशल डिस्टेंसीग का पालन कराने में भारी समस्या हो रही हैं। 03. विद्यालय विगत तीन महीनों से बंद होने के कारण विद्यालय में अवशेष खाद्यान्न (चावल) की गुणवत्ता अब मानव के खाने लायक नहीं है। 04. बिहार में लॉकडाऊन लागू होने के कारण सार्वजनिक परिवहन पर रोक लगा हुआ है।जिस कारण बहुत से ऐसे दूर- दराज के शिक्षक जो सार्वजनिक यातायात के माध्यम से ही विद्यालय पहुंचते हैं उन्हें लॉकडाऊन में विद्यालय पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता हैं। लॉकडाऊन की स्थिति में शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों को विद्यालय में बुलाना काफी खतरनाक है जो कोरोना संक्रमण फैलाव का बहुत बड़ा कारण बन सकता है।राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ इसका पूर्ण रूप से विरोध करता है।किसी भी तरह की दुर्घटना की सारी जबावदेही संबंधित विभाग की होगी। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, समस्तीपुर माँग करता हैं कि वर्तमान लॉकडाऊन की स्थिति में विद्यालय के सभी कार्य लॉकडाऊन समाप्त होने के पश्चात ही कराया जाए। चावल की राशि भी परिवर्तन मूल्य की राशि के साथ ही जिला स्तर से एन0 आई0 सी0 के माध्यम से सीधे छात्रों अथवा अभिभावकों के खाते पर स्थानांतरित किया जाए।

समस्तीपुर :- शनिवार का दिन समस्तीपुर जिले के लिए काला साबित हुआ, आज दिन भर में रिकॉर्ड स्तर पर नए 96 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं जो अब के एक दिन में मिलने वाले मरीजों की संख्या में सबसे अधिक है। समस्तीपुर जिले में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 694 पर पहुंच चुकी है। आपको बता दें कि बिहार में समस्तीपुर जिला कोरोना का नया हाॅटस्पाॅट बनते जा रहा है। हर रोज कई दर्जन नये मरीजों का मिलना जारी है। आज सबसे अधिक रिकार्ड 96 नये कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि जिला प्रशासन ने की।

समस्तीपुर जिले में कोरोना वायरस से संक्रमण की रफ्तार काफी तेज हो गयी है। शुक्रवार को 42 नये कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये। इनमे जिला प्रशासन ने 39 मरीज और तीन मरीज मिलने की जानकारी रेल प्रशासन के द्वारा दिया गया है। इसके साथ ही जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 655 हो गयी है। डीपीआरओ ऋषभ कुमार ने बताया कि कुल 39 नये पॉजिटिव मरीज मिले हैं, इसमें समस्तीपुर के 18, दलसिंहसराय में सात, कल्याणपुर में दो, खानपुर, उजियारपुर, वारिसनगर और ताजपुर के एक-एक मरीज शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक 18 मरीज केवल समस्तीपुर शहर व आसपास के हैं। जिसमे में बारह पत्थर, आदर्शनगर, मूसापुर, शेखटोली, बंगाली टोला, अंबेदकरनगर के अलावे विशनपुर, जितवारपुर के मरीज हैं। शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद कंटेनमेंट जोन में लोग बेपरवाह बने हुये हैं। संबंधित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।

इंटर नामांकन में निबंधन 22 जुलाई तक

समस्तीपुर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि