इ किसान भवन को बनाया गया आइसोलेशन
Transcript Unavailable.
समस्तीपुर सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ आर.आर. झा स्वस्थ हैं, यह जानकारी अभी सीनियर कंपाउंड राजकुमार सिंह ने दी है इधर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गलत अफवाह फैलाने की कोशिशें की जा रही है ऐसे असामाजिक तत्वों के बातों पर ध्यान नहीं देने की आवश्यकता है. ऐसे तत्वों के खिलाफ आवश्यकता पड़े तो पुलिस की सूचना दें ताकि गलत सूचना व्हाट्सएप और खबरों के माध्यम से नहीं दिया जा सके और जिला को बदनाम करने से बचाया जा सके. कुछ असामाजिक तत्व पोर्टल के माध्यम से और फेसबुक के माध्यम से गलत सूचना का संचार कर रहे हैं जिससे 24 घंटे से लोग परेशान नजर आते हैं.
माइकिंग के सहारे लाकडाउन को प्रभावी बनाने में जुटे अधिकारी
समस्तीपुर में कोरोना ने एक बार फिर धमाका किया है। बिहार स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार कोरोना का पहला अपडेट आ गया है. जिसमें एक साथ 1385 मामले सामने आए हैं. इससे जिले में कोरोना की कुल संख्या अब बढ़कर 21558 हो गया है. स्वास्थ्य विभाग ने जो अपडेट दिया है उसके अनुसार राजधानी पटना में रिकॉर्ड 378 मामले सामने आए हैं. जबकि भागलपुर में 55, समस्तीपुर में 31,भोजपुर में 54, मुजफ्फरपुर 68 में लखीसराय में 45, सिवान में 63 मामले सामने आए है. बिहार के 38 जिलों में से 36 नए मामले सामने आए हैं. वहीं स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 13533 अबतक ठीक हो चुके हैं.
*बिहार में फैली कोरोना की दहशत, सिर्फ 24 घंटे में 14 लोगों की मौत से मचा हड़कंप* बिहार में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. 24 घंटे में कोरोना से 14 लोगों की मौत हो गई है. इस तरह से कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 157 पर पहुंच गई है. जबकि इस वायरस के संक्रमण से संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 20173 हो गई है.स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान पटना में पांच, गया एवं मुंगेर में दो-दो और औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, नवादा एवं सारण जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत के साथ प्रदेश में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढकर 157 हो गई.
केंद्र और राज्य सरकार राशन कार्ड के नाम पर जनता को धूल झोंकना बंद करें: पासवान समस्तीपुर::- बिहार प्रदेश भारतीय पार्टी लोकतांत्रिक के सचिव चंद किशोर पासवान ने केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पूरा देश प्रदेश के गरीब लोग राशन कार्ड के लिए मोहताज हैं और सरकार राशन कार्ड के लिए अखबारी घोषणा कर पब्लिक को ठगने की काम ही नहीं करते बल्कि आंख में धूल झोंकने का काम करते हैं, जिसकी निंदा भारतीय पार्टी लोकतांत्रिक के प्रदेश कमेटी मांग करती है कि तमाम गरीबों को 3 महीने का राशन के साथ-साथ नगद ₹10000 शीघ्र प्रदान करें ताकि मजदूर किसान छात्र बेरोजगार नौजवान मौत के गाल नहीं पहुंच सके पूरा बिहार काम के नाम पर सुन्नी स्थिति में है .श्री पासवान ने कहा कि मनरेगा में पूरे बिहार लूट के अलावे कोई काम नहीं हो रहा. मनरेगा के अधिकारी कर्मचारी के बैंक खाता जांच कराई जाए तथा नियुक्ति से लेकर अब तक आए की जांच की जाए तो लाखों लाख में अवैध संपत्ति की अर्जित की गई है.
समस्तीपुर कोरोना अपडेट : आज 41 नए कोरोना मरीज मिले जो निम्नलिखित हैं - समस्तीपुर :- 12 वारिसनगर :- 6 कल्याणपुर :- 7 रोसड़ा :- 5 उजियारपुर :- 1 ताजपुर :- 10 टोटल पॉजिटिव :- 533 एक्टिव :- 146 रिकवर्ड :- 383 डेथ :- 8
5000+ बच्चों को करवाई सरकारी नौकरी की तैयारी, फीस के बदले करवाते हैं 18 पौधारोपण! अक्सर हमारे यहां कोई जन्मदिन हो या फिर विवाह समारोह हो, तो अपनी साख ऊँची रखने के लिए हम महंगे से महंगा तोहफ़ा लेकर जाते हैं। किसी बड़ी शख्सियत से मिलना हो या फिर कहीं मंच पर किसी को सम्मानित करना हो तो फूलों का शानदार गुलदस्ता देना हमारी आदत है। लेकिन ये महंगे गिफ्ट्स बहुत बार सिर्फ़ शो-पीस बनकर रह जाते हैं और गुलदस्ते दो दिन में ही मुरझा जाते हैं। इसलिए बिहार के राजेश कुमार सुमन जब भी ऐसे किसी समारोह में जाते हैं तो दिखावटी चीज़ों की जगह पौधे उपहारस्वरूप देते हैं। नीम का पौधा, आम का पौधा, अमरुद का पौधा आदि उनके द्वारा दी जाने वाली साधारण भेंटे हैं। इतना ही नहीं, जब भी उन्हें पता चलता है कि उनके आस-पास के किसी इलाके में शादी हो रही है तो वे बिन बुलाये मेहमान की तरह पहुँच जाते हैं। लेकिन कुछ खाने-पीने नहीं, बल्कि वहां पर मौजूद लोगों को मुफ़्त में पौधे बाँटने और उन्हें पर्यावरण के प्रति सजग बनाने के लिए। 32 वर्षीय राजेश कुमार सुमन जब 6 साल के थे, तब से पौधारोपण कर रहे हैं। और यह गुण उन्होंने अपने पिता से सीखा। उनके पिताजी उनसे हर जन्मदिन पर पौधारोपण करवाते थे और उन्हें हमेशा पर्यावरण को सहेजने के लिए प्रेरित करते। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा के पूर्ववर्ती छात्र समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड के ढरहा गाँव के रहने वाले राजेश कुमार सुमन अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी में लग गये। उन्हें उनकी पहली नौकरी राजस्थान में मिली थी फिर विदेश मंत्रालय,भारत सरकार में कुछ दिन सेवा किया। पर बिहार के प्रति उनका प्रेम और आदर कुछ इस प्रकार था कि जैसे ही उन्हें मौका मिला वे बिहार वापस आ गये। “पर्यावरण के प्रति तो मन में प्रेम और करुणा थी ही, लेकिन एक और बात थी जो हमें खलती थी कि हमारी कोई बहन नहीं है। हम जब भी दूसरे परिवारों को अपनी बेटियों की पढ़ाई, शादी-ब्याह में खर्च करते देखते तो लगता कि हम तो इस सुख से वंचित ही हैं। इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न समाज में गरीब तबके की बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा दिया जाये,” साल 2008 में गरीब तबके के बच्चों के उत्थान के उद्देश्य से उन्होंने बी.एस.एस क्लब की शुरुआत की। क्लब का नाम उन्होंने अपने मामाजी के नाम पर रखा। “बचपन में जब घर के आर्थिक हालात थोड़े ठीक नहीं थे, तो मामाजी ने हमारा काफ़ी सहयोग किया। लेकिन बहुत ही कम उम्र में वे दुनिया से चले गये। इसलिए जब हम समाज के लिए कुछ करना चाहते थे, तो हमने उनके नाम से ही शुरुआत करने की सोची।” इस क्लब के अंतर्गत उन्होंने पौधरोपण और ज़रूरतमंद बच्चों को मुफ़्त में शिक्षा देने की मुहीम छेड़ी। दसवीं कक्षा पास कर चुके बच्चों को वे सरकारी नौकरियों की परीक्षा के लिए तैयार करते हैं। अपनी इस पाठशाला को उन्होंने ग्रीन पाठशाला का नाम दिया है। महात्मा गाँधी और स्वामी विवेकानन्द को अपना आदर्श मानने वाले राजेश कहते हैं, “मेरा उद्देश्य समाज के अंतिम तबके के अंतिम बच्चे तक शिक्षा पहुँचाना है। 11वीं-12वीं कक्षा से भी अगर ये बच्चे छोटी-मोटी सरकारी नौकरी की तैयारी करें, तो भी निजी इंस्टिट्यूट वाले लाखों में फीस ले लेते हैं। और घर की आर्थिक स्थिति खस्ताहाल होने के करण बहुत से बच्चे चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते।” पर ग्रीन पाठशाला में बिना किसी फीस के बच्चों को हर रोज़ सुबह-शाम कोचिंग दी जाती है। राजेश की टीम में उनकी पत्नी सहित 5 अन्य अध्यापक हैं, जो इस कार्य में उनका साथ देते हैं। हर सुबह 6 बजे से 8 बजे तक और शाम में 5 से 6 बजे तक कुल 100 बच्चे पढ़ने आते हैं। “जो भी बच्चे मेरे पास आते हैं, उनसे मैं फीस की जगह 18 पौधे लगाने का संकल्प करवाता हूँ। हर एक बच्चे को अपने घर, घर के बाहर या फिर खेतों पर, जहाँ भी वे चाहें, 18 पौधे लगाने होते हैं और फिर लगातार 3-4 सालों तक उनकी देखभाल करनी होती है। इसके पीछे मेरा इरादा सिर्फ़ इतना है कि हमारा ग्रीन कवर बढ़े और किसी भी बहाने आने वाली पीढ़ी पौधारोपण का महत्व समझे।” पूरे समस्तीपुर में और आस-पास के इलाकों में राजेश कुमार को ‘पौधे वाले गुरु जी ट्रीमैन ’ के नाम से जाना जाता है। अब तक ग्रीन पाठशाला के माध्यम से वे लगभग 5, 000 बच्चों शिक्षा दे चुके हैं और इनमें से 400 से भी ज़्यादा बच्चों को अलग-अलग विभागों में सरकारी नौकरियाँ प्राप्त हुई हैं। बाकी बच्चे भी इस काबिल बनें हैं कि वे प्राइवेट संस्थानों में काम करके अपना निर्वाह कर सकें। ग्रीन पाठशाला की छात्रा रहीं ममता कुमारी आज गवर्नमेंट रेल पुलिस में कार्यरत हैं और उनका कहना है कि अगर राजेश कुमार सुमन ने उनकी और उनके जैसे अन्य गरीब बच्चों की शिक्षा का ज़िम्मा न उठाया होता तो वे शायद यहाँ तक न पहुँच पाती। “गाँव में लोग कहते थे कि लड़की हो, क्या करोगी इतना पढ़-लिख कर। पर राजेश सर हमेशा हौसला बढाते और कहते कि किसी की बातों पर ध्यान मत दो और अपनी ज़िंदगी का फ़ैसला खुद करो। उनकी बदौलत आज बहुत से गरीब बच्चे अपने पैरों पर खड़े हैं,” ममता ने बताया। ग्रीन पाठशाला के अलावे राजेश के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिए "सेल्फी विथ ट्री" अभियान चलाया जा रहा है। सुमन के नेतृत्व में युवाओं की एक टोली गाँव-गाँव जाकर लोगों को जन्मदिन, शादी, शादी के सालगिरह, उपनयन संस्कार, जनेऊ व श्राद्ध कर्म सहित अन्य प्रमुख अवसरों पर इको फ्रेंडली उपहार के रूप में पौधा भेंट करती है और वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करती है। सुमन इसके साथ साथ बेटी और वन को बचाने के लिए प्रतिदिन सुबह सुबह हर घर के दरवाजे पर बेटी के सम्मान में बेटी के नाम से फलदार पौधरोपण करते हैं। समस्तीपुर के अलावा उनका यह नेक अभियान दरभंगा, खगड़िया,मुजफ्फरपुर,पूर्वी चमापारण और बेगुसराय जिले सहित बिहार के लगभग सभी जिला में पहुँच चुका है। जगह-जगह लोग पेड़ लगाते हैं और अपने पेड़ के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं। पौधारोपण के साथ उनका जोर पौधों की देखभाल पर भी रहता है। इसलिए वे हर एक व्यक्ति से गुज़ारिश करते हैं कि वे अपने पौधों की लगभग 3 साल तक लगातार देखभाल करें क्योंकि 3-4 साल में कोई भी पेड़ प्राकृतिक रूप से निर्वाह करने के लायक हो जाता है। देशवासियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए सुमन नाक में ऑक्सीजन मास्क और पीठ गैलन में पौधा लादकर सांकेतिक डेमोंस्ट्रेशन देते हैं।इस डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से पीठ पर लटकी पौधा से ऑक्सीजन निकलती है और मास्क के माध्यम से सुमन के नाक तक जाती है। इस डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से सुमन देशवासियों को चेताना चाहते हैं कि अगर हम लोग अभी नहीं सुधरे तो आने वाले समय में शुद्ध प्राणवायु की कमी होगी, जिससे हमारे बच्चों को पीठ पर ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चलना होगा। इस पूरे अभियान में वे अपनी कमाई का लगभग 60% हिस्सा खर्च कर देते हैं। उन्हें चाहे बच्चों से वृक्षारोपण करवाना हो, कहीं समारोह में जाकर पौधे भेंट करने हो, या फिर गरीब बच्चों के लिए प्रतियोगिता की किताबों का बंदोबस्त करना हो, वे अपने वेतन से ही करते हैं। उन्होंने अपने संगठन को कोई एनजीओ या संस्था नहीं बनने दिया है, जो कि दुसरों से मिलने वाले फण्ड से चले। उन्होंने जो बीड़ा उठाया है उसकी पूरी ज़िम्मेदारी भी उन्होंने खुद पर ही ली है। अब तक वे 100000 से भी ज़्यादा पेड़-पौधे लगवा चुके हैं। अपने इस कार्य में आने वाली चुनौतियों के बारे में राजेश कहते हैं कि पर्यावरण को सहेजने का काम लगातार चलने वाला काम है। इस काम के लिए आप किसी से जबरदस्ती नहीं कर सकते। जब तक लोग पर्यावरण के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी नहीं समझेंगें, वे इसे कभी बचा भी नहीं पायेंगें। वे अक्सर अपने साथियों के साथ किसी भी शादी समारोह में बिन बुलाये मेहमान के तौर पर चले जाते हैं। बहुत बार वहां पर उन्हें दुत्कारा जाता है कि क्या पेड़-पेड़ लगा रखा है, शादी की रस्में रुक गयीं और ज़रूर इसमें उनका कोई फायदा होगा आदि। “लेकिन जहाँ अपमान मिलता है, वहीं समाज में ऐसे लोग हैं जो ख़ास तौर पर अपने यहाँ शादियों में, समारोह में हमें बुलाते हैं और हमारे साथ मिलकर पौधारोपण करते हैं।” शादी के निमंत्रण पत्रों पर भी लोग पेड़ लगाने और पेड़ बचाने की गुहार करते हुए स्लोगन लिखवाते हैं, जैसी कि “सांसे हो रही हैं कम, आओं पेड़ लगायें हम।” अंत में राजेश सिर्फ़ इतना ही कहते हैं कि पर्यावरण का संरक्षण सही मायनों में तब होगा, जब हम इसे अपने जीवन, अपनी संस्कृति का हिस्सा बनायेंगें। पेड़ों की, नदियों की पूजा से पहले पेड़ लगाना और नदियों का बचाना हमारे रिवाज़ में होना चाहिए। यदि आप चाहते हैं कि आने वाले समय में धरती पर जीवन बचे तो आपको खुद ज़िम्मेदारी लेनी होगी। राजेश कुमार सुमन जी से संपर्क करने के लिए 7004460412, वाट्सअप नंबर 9576036317 डायल करें! ईमेल-rajeshsuman10@gmail.com सुमन के फेसबुक से जुड़ने के लिए नीचे क्लिक करें https://www.facebook.com/profile.php?id=100002656766301
बिहार सरकार के विकास योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के महीसारी, गावपुर,बेलारी, पतैली,हरपुर रेवाड़ी,लोहगीर,मालती,लखणीपुर महेश्पत्ती आदि अलग अलग पंचायतों के बैठक सह जनसंपर्क अभियान को संबोधित करते हुए जदयू नेत्री स्वीटी प्रिया ने कहा कि विकास पुरुष माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास कार्यों की इतनी बड़ी लकीर खींची है जिसके आगे विपक्ष पूर्ण रूपेण धाराशाई हो गया है।विरोधी आज चुनाव में जाने तक से कतरा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित पार्टी कार्यकर्ताओं से विकास पुरुष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 15 वर्षों के बेमिसाल उपलब्धियों को घर घर पहुंचाने के लिए अपनी ताकत झोंकने का आह्वान किया।उन्होंने नीतीश राज के उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार का ऐसा विकास किया जिसकी चर्चा देश और विदेश तक में जारी है।विकास पुरुष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिहार मॉडल को अपनाने के लिए केन्द्र सरकार भी विवश है।उन्होंने कहा कि बिहार का चौतरफा विकास कर विकसित राज्य की श्रेणी में लाने के लिए हम सब कृत संकल्पित है ।अपने बहुआयामी कृषि आधारित बजट सहित विकास योजनाओं एवं आधारभूत योजनाओं के कारण बिहार बहुत जल्द विकसित राज्य की श्रेणी में गिना जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास पुरुष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय योंजनाओं हर घर बिजली,हर घर नल जल,हर घर शौचालय,शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवास योजनाएं,मुख्यमंत्री सड़क संपर्क योजना,जलवायु परिवर्तन के उद्देश्य से जल जीवन हरियाली सहित अनेक विकास योजनाओं को जमीन पर उतार कर सूबे बिहार का काया कलप कर दिया और अगले पांच वर्ष में हर खेत में पानी पहुंचाने के उद्देश्य से अलग से विद्युत फीडर एवं कनेक्शन देने की तैयारी हो गई है जिससे सूबे बिहार के किसान अधिक से अधिक अपने फसल को उपजाकर लागत मूल्य से ज्यादा अपने फसलों में मुनाफा कर पाएंगे।इसके लिए किसानों के फसलों को रख रखाव के लिए सरकार ने भारतीय खाद्य निगम के तहत प्रत्येक पंचायतों में गोदाम एवं विक्रय केंद्र की योजना बना रही है।उन्होंने कहा कि बिहार में जारी निर्वाध विद्युतीकरण के कारण अब हमारी सरकार उद्योग धंधों का जाल बिछा देगी ,जिससे कि रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मजदूरों का बाहर पलायन थम जाएगा।इस दिशा में हमारी सरकार ने कदम आगे बढ़ा दिया है। उन्होंने उपस्थित जन समूह को लालू राबड़ी के पन्द्रह वर्षों के जंगल राज की यादें ताजा कराते हुए कहा कि साधु सुभाष की गुंडागर्दी अपहरण,हत्या,लूट,बलात्कार सहित घोटालों से आम जन जीवन पूर्ण रूपेण त्रस्त था।अमन और विकास की नीव रखकर विकास पुरुष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां के लोगों की जिंदगी को पटरी पर लौटाई। जदयू नेत्री स्वीटी प्रिया के साथ बैठक सह जनसंपर्क अभियान में उजियारपुर प्रखंड के अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष वरुण साह, महादलित प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष राम दास रजक,पंचायत अध्यक्ष अमित कुमार,प्रवीण कुमार सिंह,दिनेश राम,सुरेश सिंह,यशवंत कुमार,गणेश राय,गोपाल साह ,राम शंकर सहनी,अनिल सिंह,बेलारी पंचायत के मुखिया राम किशोर महतो, एस प्रवीण,रमेश कुमार साह,क्रांति सहनी,मुकुल सिंह,विजय कुमार सिंह, नारायण पासवान,देव नारायण राय,राजन कुमार,पप्पू कुमार आदि नेता एवं कार्यकर्ता आदि मौजूद थे।
