सदर अस्पताल में लापरवाही से मरे कोरोना पीड़ित काशीपुर के अधिवक्ता कृष्ण मुरारी प्रसाद मामले की जांच एवं कारबाई की मांग के साथ तमाम सरकारी अस्पताल में बेहतर जांच एवं ईलाज की व्यवस्था करने की मांग को लेकर बुधवार को माले द्वारा घोषित जिला व्यापी प्रतिवाद दिवस के तहत पूसा के मोरसंड में भाकपा माले नेता महेश सिंह ने अपने आवास पर मांगों से संबंधित नारे लिखे कार्डबोर्ड अपने हाथों में लेकर धरना दिया. इस आशय की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से देते हुए माले नेता ने बताया कि एम्स, पीएमसीएच, एनएमसीएच से लेकर सदर अस्पताल तक बेड खाली नहीं है. निजी अस्पताल में कोरोना जांच एवं ईलाज काफि महंगा है. अब ईलाज के आभाव में बचने वाले पेसेंट भी मर रहे हैं. ऐसी स्थिति में सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल, अनुमंडल, सदर यहाँ तक कि निजी अस्पताल का अधिग्रहण कर कोरोना की जांच एवं ईलाज की व्यवस्था कराकर महामारी से मरते लोगों को बचाएं.
कोरोना संक्रमण के कारण आर आर झा की मौत
नल जल योजना में घटिया व अधूरा निर्माण को लेकर बी डी ओ को दिया आवेदन
पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने सोमवार को कहर बरपाया। प्रखंड में लगातार बारिश से कई गरीबों के घर उजड़ गए व कुुुछ कच्चे मकान ध्वस्त हो गए जिसमे गरीब बेघर हो गए। उनका आशियाना उजड़ गया। रहने का कोई ठौर ठिकाना नहीं बचा है। ग़नीमत है कि जान माल की क्षति नहीं हुई है। ऐसे में प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता की जरूरत है। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें।
बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य धीरज यादव ने लिखा पीएम को पत्र
डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कृषि विशेषज्ञ डॉ गोपाल सिंह एवं नोडल पदाधिकारी डॉ ए सत्तार ने किसान भाइयों के लिए समसामयिक सुझाव जारी किए है। किसान भाइयों. किसान भाइयों पिछले दिनों में उतर बिहार में भारी से अतिभारी वर्षा हुई है जिसके कारण खेतों में पानी का जमाव हो गया है। अतः सबसे पहले अपने खेतों से पानी के निकास की उचित व्यस्था करे। मौसम पूर्वानुमान की अवधि में वर्षा की संभावना को देखते हुए आम के पौधों की उम्र ( १० वर्ष से अधिक ) के अनुसार फलन समाप्त होने के बाद अनुशंसित उर्वरको जैसे १५-२० किलोग्राम सड़ी गोबर की खाद , १.२५ किलोग्राम नेत्रजन , ३००-४०० ग्राम फॉसफोरस , १.० किलोग्राम पोटाश , ५० ग्राम बोरेक्स तथा १५-२० ग्राम थाइमेट प्रति पौधा प्रति वर्ष के अनुसार उपयोग करें । जिससे अगले वर्ष पौथे फलन में आ सके तथा उनका श्वास्थ अच्छा बना रहें । वर्षा ऋतु में उमस एवं जलजमाव के कारण बिमारियों जैसे गलघोटु , लंगड़ी बुखार , सर्रा बबेसियोसिस , पी ० पी ० आर ० , दस्त , निमोनिया इत्यादि होने की संभावना बढ़ जाती है । इनसे बचने के लिए टिकाकरण करावें एवं पशुओं को दुषित पानी या बाढ़ के पानी में भिगें चारा या दाना नहीं दें । पशुओं के पैरों को पोटाशियम परमैंगनेट या फिटकीरी के घोल से धोएँ । दुथारु पशुओं को अत्यधिक चारा दाना नहीं दें अन्यथा दस्त होने की संभावना रहती है । गाभीन गाय - भैंसो को खनिज मिश्रण ५० ग्राम प्रतिदिन दें । सर्पदंश से बचने के लिए वाड़े ( पशु गृह ) में रोशनी की समुचित व्यवस्था करें ।
डा ० राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के कृषि मौसम विभाग एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जारी आगामी 22 से 26 जुलाई तक के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वानुमानित अवधि में उत्तर बिहार के जिलों में भारी वर्षा की सम्भावना कम है । अनेक स्थानों पर अगले 24-48 घंटों में मध्यम वर्षा हो सकती है। इसके बाद वर्षा की सक्रियता में कमी आ सकती है , जिसके कारण उत्तर बिहार के जिलों में पूर्वानुमानित अवधि तक कहीं - कहीं हल्की वर्षा हो सकती है । इस अवधि में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है । पूर्वानुमानित अवधि में पूरवा हवा चलने का अनुमान है । औसतन 10 से 12 कि मी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। सापेक्ष आर्द्रता सुबह में 85 से 60 प्रतिशत तथा दोपहर में 65 से 70 प्रतिशत रहने की संभावना है
लगातार भारी बारिश एवं कोरोना महामारी के कारण और लॉकडाउन होने से श्रावण की तीसरी सोमवारी का उत्साह रहा फिका
विभूतिपुर हाट बाजार में उड़ रही है सोशल डिस्टेंस की धज्जियां समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के हाट बाजार में लोगों के द्वारा कोविड-19 के सभी नियमों की ताक पर रखते हुए सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ाई जा रही है और मटरगस्ती करते नजर आ रहे हैं एक बाइक पर तीन तीन लोग घूमते नजर आ रहे हैं लेकिन पदाधिकारी और प्रशासन मौन है दिन व दिन संक्रमितों की संख्या बढ़ते ही जा रहे हैं लॉक डाउन का कोई असर ही नहीं देखा जा रहा है चौक चौराहे पर प्रतिबंधित दुकानें भी खुल रहे हैं। हाट बाजार में न ही क्रेता मास्क पहनते हैं और ना ही विक्रेता। इस तरह की स्थिति में कैसे कोरोना पर विजय प्राप्त होगा । बुजुर्गों का कहना है कि ऐसी परिस्थिति में करोना और भयावह रूप धारण कर लेगा यदि इस पर पदाधिकारी और प्रशासन पहल नहीं करे तो।
घर से निकलते समय एसएमएस याद रखें- टी.बी. सिंह समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड के यूथ मोटिवेटर सह मैथ जंक्शन के संचालक टीबी सिंह ने लोगों से आग्रह करते हुए कहा है कि घर से निकलते समय एसएमएस याद रखे यानी एसएमएस का मतलब सैनिटाइजर, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जब भी किसी आवश्यक काम से निकलें तो सैनिटाइजर, मास्क और सोशल डिस्टेंस का पालन करें। ये कोरोना काल मानव जाति के अस्तित्व के लिए खतरनाक है, इस खतरनाक वायरस से बचाव के लिए एक ओर सभी देशों के बड़े बड़े वैज्ञानिकों, अनुसंधान केंद्रों ने वैक्सीन की खोज करने के लिए अपनी एड़ी चोटी एक कर दी है तो दूसरे ओर बिहार के ग्रामीण इलाकों में सुदूर देहात में लोगों में इसके प्रति जागरूकता की कमी है, आज लोग बगैर मास्क और सैनिटाइजर के मार्केट में बेवजह घूम रहे हैं। हॉस्पिटल की स्थिति को देखते हुए ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि आने वाले निकट समय में यदि कोई बेहतर व्यवस्था नहीं की गई तो बिहार में कोरोना को सम्भाल पाना मुश्किल हो जाएगा। बिहार में जब कोरोना के कम संख्या में मरीज़ था तो लोग भयभीत थे, इससे बचाव के लिए घरों में रहते थे लेकिन जब आज पूरे भारत में कोरोना से प्रभावित की संख्या दस लाख से अधिक हो गया है और तो बिहार के लोगों में इसके प्रति भय समाप्त होते हुए देख सकते हैं। खासकर बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में हाट, सब्जी मंडी, और दुकानों में कोरोना से बचाव के लिए सिर्फ खाना पूर्ति किया जा रहा है। अधिकांश लोग बैगैर मास्क के देखे जा सकते हैं। कोरोना के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पुनः लॉक डाउन करने का निर्णय लिया लेकिन लॉक डाउन पूर्णतः फैल साबित हो रहा है। प्रशासन लॉक डाउन को लागू करवाने में पूर्णतः कमजोर साबित हो रहीं हैं।
