स्व० सुशांत सिंह राजपूत के पिता श्री के०के० सिंह द्वारा पटना में स्व० सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित दर्ज कराए गए मामले की सी०बी०आई० से जांच कराने हेतु राज्य सरकार ने अनुशंसा भेज दी है।

बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों के लिए युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने के बदले सरकार चुनाव की तैयारी में लगी है. ऐसी चुनावबाज सरकार को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में जनता सत्ता से बेदखल कर देगी. समस्तीपुर शहर के विवेक- विहार मुहल्ला में अपने आवास पर भाकपा माले के राज्यव्यापी कार्यक्रम के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने कहा.

*#बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आमलोगों के रहने-सहने और भोजन-पानी के मामले में त्राहीमाम मचा हुआ है :- माले ।* *#बाढ़ में सरकार की उदासीनता के खिलाफ माले कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का फूंका पुतला ।* बाढ़ में सरकार की उदासीनता व बाढ़ प्रभावितों को पर्याप्त सरकारी राहत मुहैया न कराने से नाराज भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने मोरसंड के पंचायत चौक पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत शारीरिक दूरी बनाकर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। अध्यक्षता भाकपा-माले प्रखंड सचिव अमित कुमार ने की। आंदोलनकारी कोरोना लॉक डाउन से तबाह मज़दूर-किसानों के ऊपर आयी दूसरी बड़ी तबाही को देखते हुए सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को 25-25 हज़ार रुपये की सहायता राशि तत्काल देने, पानी से घिरे गांव-टोलों और ऊंची जगहों पर शरण लिए परिवारों के लिये ड्राई फ़ूड पैकेट्स और पानी की व्यवस्था करने, मवेशियों के लिये पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने, नाव पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराने, उत्तरी और पूर्वी बिहार के सभी जिलों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने,सभी किसानों और बटाईदारों को 20 हज़ार रुपये प्रति एकड़ फसल क्षति मुआबजा देने, सभी खेत मज़दूरों, ग्रामीण मज़दूरों और प्रवासी मज़दूरों को मासिक 7500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता देने, बाढ़-सूखा की लगातार तबाही झेल रहे उत्तर - पूर्वी बिहार के लोगों के लिए बाढ़-सूखा मुक्ति के लिये मुकम्मल योजना बनाने की मांग कर रहे थे। मौके पर सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले प्रखंड सचिव अमित कुमार ने कहा कि दरभंगा, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर में गांव के गांव जलमग्न हो गए हैं। लोग जान बचाने के लिए घर का सामान और मवेशी छोड़ हाईवे और दूसरे ऊंचाई वाले स्थानों पर शरण ले रहे हैं। नदियां रौद्ररूप दिखा रही है। बाढ़ व बारिश के दौरान टूटे व क्षतिग्रस्त घरों को अब कैसे खड़ा करेंगे की चिंता विस्थापित परिवारों को सताने लगी है। बाढ़ से घिरे गांव व विस्थापित परिवारों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। एक ओर जहां शौचालय, पेयजल की समस्या है, वहीं दूसरी ओर भर पेट भोजन नसीब नहीं हो रहा है। लोगों में पर्याप्त राहत सामग्री नहीं मिलने से आक्रोश व्याप्त है। इन्हें सामुदायिक रसोईघर के माध्यम से तीन वक्त का भोजन कराया जाना चाहिए साथ ही अन्य सुविधाएं भी यथाशीघ्र मिलनी चाहिए। मौके पर प्रखंड कमिटी सदस्य महेश सिंह, रविन्द्र सिंह ,अखिलेश सिंह समेत राजाराम सिंह , रामविलास पासवान, रामभरोस राय, संजय कुमार,आइसा प्रखंड अध्यक्ष रौशन कुमार इत्यादि मौजूद थे। **

साल भर से जारी लोकतान्त्रिक अधिकारों पर हमला व दमन के खिलाफ जम्मू काश्मीर की जनता के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने को लेकर अपने देशव्यापी अभियान के तहत शहर के मालगोदाम चौक पर सोमवार को भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने एकजुटता धरना दिया गया

रक्षाबंधन एवं बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस के अवसर पर वीआईपी युवा नेता ने वृक्ष को रक्षा सूत्र बांधा।

सावन के अंतिम सोमवारी को महादेव पर जलाभिषेक किया गया। कोरोना का खौफ तो है लेकिन शिव भक्तों ने श्रद्धापुर्वक पुजा अर्चना भी की। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

बिहार राज्य के पंचायत हरदिया प्रखंड सिनिया जिला समस्तीपुर से मोहम्मद आबिद मोबाइल वाणी के माध्यम से यह कहते हैं कि राशन तो दिया जाता है। लेकिन राशन देने के बाद पैसे भी लिए जाते हैं। वह सरकार से अनुरोध करते हैं कि इसकी जाँच कर इस पर कार्रवाई की जाए

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कोरोना के शुरूआती लक्षण दिखने पर मैंने टेस्ट करवाया और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मेरी तबीयत ठीक है परन्तु डॉक्टर्स की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो रहा हूँ। मेरा अनुरोध है कि आप में से जो भी लोग गत कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आयें हैं, कृपया स्वयं को आइसोलेट कर अपनी जाँच करवाएं।

सरकार के द्वारा मिलने वाली सहायता राशि तत्क्षण लोगों को दी जाएगी