झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से सोनू कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण,स्वास्थ्य,शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाएं चलाती है।प्रमुख योजनाओं में सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना,उज्ज्वला योजना,महिला समृद्धि योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनाएं शामिल हैं।ये योजनाएं महिलाओं को आर्थिक सहायता,सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करती है।
विष्णुगढ़ प्रखंड के विष्णुगढ़ नीचे मोहल्ला में एवं चानो क्षेत्र में संत शिरोमणि रविदास की 649 वीं जयंती पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन पुष्प अर्पित किया गया।
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विष्णुगढ़ पुलिस प्रशासन ने अवैध रूप से नकली शराब बनाकर बाजार में बेच रहे गिरोह का किया भंडाफोड़ दो अभियुक्त हुए गिरफ्तार इस संबंध में थाना कांड संख्या 18/ 2026 भारतीय दंड संहिता के विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को भूमि में अधिकार नहीं मिलनसे से कई तरह समस्या होती है। भारत में महिलाओं को भूमि अधिकार ना मिलने के यह कारण हैं कि पारम्परिक पित्रसतात्मक, सामाजिक रीति रिवाज और कानूनी जागरूकता की कमी है। जमीन अमूमन पिता से पुत्र को दिया जाता है जिससे अस्सी प्रतिशत से अधिक कृषि का कार्यो में योगदान के बावजूद महिलाएं भूमिहीन रहती हैं। इससे उन्हें आर्थिक संतरता, ऋण और सरकारी कृषि सब्सिडी से वंचित होना पड़ता है। जिससे वे अधिक असुरक्षित है। अभी लगभग अस्सी प्रतिशत महिलाएं खेती पर निर्भर रहती हैं फिर भी उन लोगों को भूमि का अधिकार नहीं मिलता है। इसलिए उन लोगों को भूमिहीन माना जाता है। इसके कारण महिलाओं को लोन ,योजनाओं का लाभ और सब्सिडी भी नहीं मिल पाता है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कृषि में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद भूमि पर मुख्य रूप से अधिकार पुरुषों के पास ही हैं ।जिससे सरकारी योजनाओं और आर्थिक सशक्तिकरण तक महिलाओं की पहुँच सिमित हो जाती है
विष्णुगढ़ प्रखंड के खरकी पंचायत अंतर्गत बलकमक्का राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शनिवार को सेवानिवृत शिक्षक दशरथ महतो का भावभीनी विदाई समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया श्री महतो 23 वर्षों तक हुए विद्यालय में सेवा दिए इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से पंचायत समिति सदस्य विनोद सोरेन वार्ड सदस्य निरंजन महतो वार्ड सदस्य प्रतिनिधि प्रेमचंद महतो समाजसेवी दिलचंद महतो स्कूल अध्यक्ष बलदेव महतो प्रधानाध्यापक बैजनाथ राम कामेश्वर पांडे चुरामन महतो फूलचंद गंझू अर्जुन ठाकुर सोनाराम मांझी सुरेश हांसदा सुरेंद्र महतो समेत बड़ी संख्या में विद्यालय कमी छात्र-छात्राएं व ग्रामीण मौजूदथे।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग से गीता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि किसानों का शहरों की ओर पलायन कम आय, शिक्षा और स्वास्थ्य समस्याओं से उपजी समस्या है, जबकि गाँव में ही कृषि का विकल्प,जैसे- फूड प्रोसेसिंग, जैविक खेती, पशुपालन,इत्यादि खोजना एक दीर्घकालिक और बेहतर समाधान है। लेकिन,अचानक खर्चे के लिए पैसे चाहिए और इस जरूरत के लिए मौसमी पलायन भी जरूरी हो जाता है। कृषि का विकल्प गाँव में खोजना एक स्थायी समाधान हो सकता है। कम पानी वाली फसलों को लगाया जा सकता है। गाँव के पास ही कृषि से जुड़े छोटे उद्योग (जैसे- दूध डेयरी, अचार-पापड़, जूट लगा सकते हैं। मछली पालन, मधुमक्खी पालन, या जैविक खेती भी किसानों के लिए एक उत्तम विकल्प है।
झारखंड राज्य के हजारीबाग जिला से पिंकी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि हमें जल के महत्व को समझना चाहिए और इसे बचाने के उपाय करने चाहिए। छोटी-छोटी आदतें जैसे नल को बंद रखना, वर्षा जल संचयन करना, गंदा पानी न बहाना ये सब मिलकर जल संकट को कम करने में सहायक हो सकते हैं। बर्तन धोने और नहाने में पानी की कम मात्रा का उपयोग। वर्षा जल संचयन पानी बह जाने से बचने के लिए बर्तनों और गमलों में पानी जरूरत के अनुसार भरेंसमुदाय में तालाब, झील और जलाशयों का संरक्षण करना जरुरी है ।पेड़ लगाकर भी पानी की बर्बादी रोकी जा सकती है।
झारखंड राज्य के हजारीबाग जिला से पिंकी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि भीषण गर्मी या ठंड से फसल को बचाने के लिए स्मार्ट सिंचाई बेहद असरदार है। जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई से कम पानी में अधिक समय तक मिट्टी की नमी बनाए रखी जा सकती हैफसलों की जरूरत के अनुसार समय पर सिंचाई करें और जल का कुशल उपयोग करें। शाम के समय पानी देने से अधिक लाभ मिलता है।वर्षा जल संचयन तालाब और जल निकाय बना कर बारिश का पानी बचाया जा सकता है सर्दियों में पाले और ठंड से सब्ज़ियों को बचाने के लिए पौधों को ढकना, हल्की सिंचाई और उपयुक्त संरक्षण जैसे टनल तकनीक अपनाएं जा सकते हैं फसल पर कीट या रोग के शुरुआती लक्षण तुरंत पहचान कर जैविक या नियंत्रित कीटनाशक का उपयोग किया जा सकता है
