झारखंड राज्य के हजारीबाग जिला से पिंकी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि बेमौसम बारिश से फसल खराब हो जाते हैं। बारिश के कारण मिट्टी में नमी बहुत बढ़ जाती है। जलभराव के कारण सब्जी के पौधों की जड़ों पर फंगस लग रहा है। खेतों में पानी भरने से आलू में झुलसा रोग हो रहा है। पौधे पीले होकर सूख रहे हैं। मटर की फसल भी बारिश से प्रभावित हुई है। फसलों को बचाने के लिए जल निकासी की व्यवस्था पर ज्यादा ध्यान दिया है इसके बाद एक लीटर पानी में 2 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का घोल बनाकर सब्जी के पौधों की जड़ों में डाला है।

विष्णुगढ़ प्रखंड कांग्रेस कमेटी के द्वारा एक अहम बैठक किया गया बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष अब्बास अंसारी ने किया एवं संचालन मांडू के पूर्व विधायक प्रतिनिधि गुरु प्रसाद साव ने किया। इस बैठक में मुख्य रूप से पार्टी को जमीनी स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर चर्चा किया गया।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से पियूष मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि घर खरीदते समय होम लोन पर ब्याज दरें एक महत्वपूर्ण कारक होती हैं और इनमे महिलाओं को सबसे अधिक लाभ मिलता है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला के नाम पर सम्पत्ति तभी फायदेमंद होगी जब उनकी अपनी आय हो।अगर किसी और का आय हो और उन महिला के नाम पर सम्पत्ति या जमीन हो तो उस स्थिति में फायदेमंद नही होगा।दूसरा ,तलाक की स्थिति में पत्नी का प्रॉपर्टी के अपने हिस्से पर कानूनी अधिकार होता है। तीसरा, पैतृक संपत्ति में भी बेटियों को बेटों के समान जन्म से अधिकार है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जमीन महिलाओं के नाम पर होने के कई फायदे हैं। जैसे - सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा,आर्थिक और क़ानूनी सुरक्षा,टैक्स में लाभ,सामाजिक सशक्तिकरण,इत्यादि।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से रौशन यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कई राज्यों में महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर पुरुषों की तुलना में कम शुल्क 4% -6 % तक लगता है। उनको बैंक लोन लेने पर ब्याज दरों में 0 .50 % तक की छूट मिलती है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से मयंक कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि अब शादीशुदा बेटियों को पिता की संपत्ति में हिस्सा मिलेगा। माता - पिता के देहांत के बाद मायके में महिलाओं को कोई अधिकार नहीं मिलता है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कई महिलाएं खेती करती हैं लेकिन उनको जमीन में अधिकार नहीं दिया जाता है। 80 % जमीन पुरुषों के नाम होती है। इसका मुख्या कारण पितृसत्ता है। समाज में यह धारणा रही है कि वंश पुरुष के नाम से चलता है इसलिए संपत्ति बेटों को दिया जा रहा है। महिलाओं के ससुराल जाने के कारण उनको मायके में अधिकार नहीं दिया जाता है ताकि सम्पाती का विभाजन न हो सके। समाजिक दबाव के कारण पहले महिला अपने अधिकार के लिए दावा नहीं कर पाती थी लेकिन हिन्दू उत्तराधिकारी अधिनयम 2005 के संसोधन के बाद पुत्र के तरह पुत्रियों को भी अधिकार दिया गया है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि वसीयत नामों के माध्यम से इस प्रक्रिया में संपत्ति का स्वामी एक वसियत लिखकर यह बताता है कि उनकी संपत्ति उसके कानूनी उत्तराधिकारियों को किस प्रकार से हस्तांतरित की जाएगी और बिना वसियत के उत्तराधिकार -इसमें जब कोई व्यक्ति बिना वसियत छोड़े मृत्यु को प्राप्त होता है तो उसके संपत्ति उत्तराधिकार कानूनों के अनुसार उसके विधिक उत्तराधिकारियों में बाँट दी जाती है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से महिला भूमि अधिकार पर अपनी राय साझा किया।राजकुमार मेहता ने बताया कि श्वेता सिंह द्वारा लिखे गए लेख में संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में मानने से सम्बंधित विस्तृत जानकारी दी गई है। साथ ही मौलिक अधिकार से संवैधानिक अधिकार के रूप में मान्यता प्राप्त करने तक समपत्ति के अधिकार के विकास का विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया है। इसके अतिरिक्त इसमें संविधान सभा द्वारा इस अधिकार को भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत मौलिक अधिकार के रूप में शामिल करने के कारणों और सरकार द्वारा इसे हटाकर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 300 A के अंतर्गत संवैधानिक अधिकार के रूप में पुनः वर्गीकृत करने के कारणों का भी उल्लेख किया गया है