आयर नमस्ते अभी आप लोग सुन रहे हैं मधुबानी मोबाइल बानी मधुबानी मोबाइल बानी राजार जरांजू कुमार की रिपोर्ट मेरे पास है श्रोता मुझे गाँव की आजीविका के बारे में जानकारी मिलती है और हम मधुबानी मोबाइल वेलकम टू पानी दीदी प्रोग्राम करते हैं । जोई देवी घर का आये दीदी राज मर हरा पच सोल दीदी अपनी आजीविका कमाने के लिए आप क्या काम करते हैं मोटमनी प्रिंटिंग कितना भी से करते है अब बीस साल बीस साल से तो दीदी कुछ बदलाव पा कपड़े अच्छा हूं पहले देखे जाते हैं । और कुछ डिज़ाइन बंता था अभी का और डिज़ाइन बंता है आ दीदी तो आपकी ट्रेनिंग वगैरह गया और आपकी ट्रेनिंग गया और आपकी ट्रेनिंग गया और आपकी ट्रेनिंग गया और आपकी लोग सीखेंगे नहीं ट्रेनिंग गया और हमें ट्रेनिंग है , हमें भी बच्चे , हमें लोगों को को कोई प्रशिक्षण है , हमें प्रशिक्षण है , हाँ , प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण । वे ऐसा भी करते हैं और कलाकार को सामान बनाने के लिए देते हैं । प्रशिक्षण के बाद , वे पैसे पाने के लिए अपना सामान भी देते हैं । हम कम करते हैं हम दीदी क्या चीज आप बना लेते हैं सारी पतस पेपर रोप्ता सब बनात है ।

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बिहार राज्य के मधुबनी जिला से प्रमोद झा मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि दैनिक जागरण का "दहेज़ को ना कहे अभियान" का व्यापक असर समाज में देखने को मिल रहा है।इस अभियान से पुरे समाज में एक नई जागृति उत्पन्न हो रही है।इस अभियान से सिर्फ समाज के लोगों की ही नहीं बल्कि पुलिस वर्गों में भी बदलाव के आसार देखने को मिल रहे हैं।अभियान के तहत छात्राओं के बीच विचारगोष्ठी के दौर में पुरुष वर्ग भी आगे आ रहे हैं।दहेज विरोधी मशाल लेकर जागरण रथ आज अपराह्न मधुबनी जिला में पहुँचेगा।रथ आगमन को ले कर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा जा रहा है ।सोमवार को यह रथ जिला मुख्यालय

मधुबनी जिला के बिस्फी प्रखंड से दिवाकर लाल दास जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रबंधन में आवासीय कस्तूरबा विद्यालय के छात्राओं द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई।प्रबंधक ने बताया कि ये प्रभात फेरी सघन मिशन इन्द्र धनुष के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए की गई है।इस कार्यक्रम के तहत जन्म से दो साल तक के ऐसे बच्चे एवं गर्भवती महिलाएं जो टीकाकरण से वंचित हैं, उन्हें 7 नवम्बर से 18 नवम्बर तक प्रत्येक केंद्रों पर टीकाकरण करवाया जायेगा।सरकार ने इस कार्यक्रम को मिशन के रूप में लिया है।

जिला मधुबनी से रामानंद सिंह जी मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि मधुबनी जिले की हर सड़को पर प्रतिदिन हर घंटे लगने वाले जाम को देखते हुए जिला अधिकारी शीर्षक कपिल अशोक ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया था। इसी निर्देश के अनुपालन करते हुए नगर परिषद ने तत्काल प्रभाव से जेसीबी मशीन लेकर जाम हटाने का निर्णय लिया और जाम हटाओं अभियान चलाया।सड़क के दोनों तरफ लगे अस्थायी रूप से जो दुकान चल रही थी उसे हटाकर अतिक्रमण मुक्त कराया गया।कल बुधवार से ही जलधारी चौक से कुछ दुकानों पर बुलडोजर चलकर हटाया गया जिसका विरोध दूकानदार कर रहे थे।पर उनकी एक नहीं सुनी जा रही है ,क्योंकि अभियान में नगर परिषद के नगर अभियंता , थानाध्यक्ष सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे।

जिला मधुबनी,प्रखण्ड खुटौना से चंदेश्वर राम चंदू जी मोबाईल वाणी के मध्यम से बता रहे है कि यूँ तो हमारे देश में और समाज में अनेक समस्या चुनौती बनकर खड़ी है।लेकिन इसमें दहेज़ प्रथा एक गंभीर समस्या है। लेकिन यह प्रथा समाज में विकराल रूप धारण करती जा रही है। यह प्रथा सदियों पहले शुरू हुई थी।शुरुवात में इसे धन के नाम से जाना जाता था। इस धन को पिता अपनी बेटी को ससुराल जाते समय अपनी ख़ुशी से दहेज़ के रूप में देता था।लेकिन धीरे-धीरे यह प्रथा समाज के लिए कलंक बन चुकी है।इसे रोकने के लिए सरकार ने 1971ई. में कानून लागु कर दहेज़ को कानूनन अपराध घोषित किया।लेकिन दहेज़ को रोकने के लिए जितने कानून बनते गए उतनी ही यह प्रथा बढ़ती गयी। आलम यह हुआ की आये दिन दहेज़ के लिए बहुओं को जलाने और प्रताड़ित करने की खबरे अखबारों में सुर्खियाँ बनने लगी।विडंबना यह है की दहेज़ के लिए बहु को जलाने के बाद फिर इसी समाज के लोग दहेज़ देकर अपनी बेटी की शादी उसी लड़के से कर देते है जबकि लोगो को ऐसे लड़के का सामाजिक बहिस्कार करना चाहिए।

जिला मधुबनी प्रखंड खुटौना से चंदू जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि स्वत: जागरूक होने की जरुरत है ,इस वर्ष गाँधी जयंती के अवसर पर देश के करोडो लोगो ने सफाई के संकल्प को दोहराया। 2014 में मोदी सरकार ने सफाई अभियान की शुरुआत की थी जिसे आम लोगो का भारी समर्थन मिला लेकिन जितना समर्थन मिलना चाहिए था उतना नहीं मिला।सफाई के प्रति देश को जागरूक करने के लिए सरकार ने हर संभव प्रयास किया।प्रधानमंत्री ने मन की बात में भी सफाई को लेकर बार बार चर्चा की लेकिन लोगो के मन से सफाई के प्रति उदासीनता इतनी आसानी से जाने वाली नहीं है।फिर भी अब जो सफलता मिली है उससे उम्मीदें बढ़ी है।सफाई को प्रोत्साहित करने ले लिए सरकार को आगे आकर ज्यादा प्रयास करने होंगे साथ ही स्वयं सेवी संगठनो को भी प्रयत्नशील रहना पड़ेगा।

जिला मधुबनी प्रखंड खुटौना से चंदू जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि माँ और बेटियों को दे सम्मान। नवरात्री में शक्ति स्वरुप माँ दुर्गा की पूजा पुरे देश में बड़े हर्षो उल्लास से की गयी पर हम अपने घर में माता,पत्नी और बेटियों को कितना सम्मान कर रहे है,यह एक सोचनीय विषय है।बाल विवाह ,दहेज़ प्रथा और ना जाने कितने ही सामाजिक कुरीतियों की शिकार से शक्ति स्वरूपा अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।नवरात्री में देवी की शक्ति का बखान कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है।लेकिन वास्तव में क्या हमलोग देवी स्वरूप नारी को वो सम्मान दे रहे है जिसकी वो असल में हकदार है।नारी की पूजा कर उन्हें सम्मान देना है, ना की मिट्टी की मूर्ति बना कर पूजा करना मात्र उद्देश्य है।नवरात्री में कन्या पूजन के लिए बालिकाओं को जब ढूँढा जाता है तो लड़किया कम दिखाई पड़ती है यह संकेत है की हम लड़कियों को संरक्षित रखे।त्रेता युग के रावण को नहीं वरण हमें अपने अंदर के राक्षस को मारना चाहिए।दहेज़ ,बाल विवाह भ्रूण हत्या जैसे जन- धन अपराध ना करने का संकल्प ही सही मायने में देवी की आराधना है।

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