जिला मधुबनी प्रखंड खुटौना से चंदू जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि माँ और बेटियों को दे सम्मान। नवरात्री में शक्ति स्वरुप माँ दुर्गा की पूजा पुरे देश में बड़े हर्षो उल्लास से की गयी पर हम अपने घर में माता,पत्नी और बेटियों को कितना सम्मान कर रहे है,यह एक सोचनीय विषय है।बाल विवाह ,दहेज़ प्रथा और ना जाने कितने ही सामाजिक कुरीतियों की शिकार से शक्ति स्वरूपा अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।नवरात्री में देवी की शक्ति का बखान कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है।लेकिन वास्तव में क्या हमलोग देवी स्वरूप नारी को वो सम्मान दे रहे है जिसकी वो असल में हकदार है।नारी की पूजा कर उन्हें सम्मान देना है, ना की मिट्टी की मूर्ति बना कर पूजा करना मात्र उद्देश्य है।नवरात्री में कन्या पूजन के लिए बालिकाओं को जब ढूँढा जाता है तो लड़किया कम दिखाई पड़ती है यह संकेत है की हम लड़कियों को संरक्षित रखे।त्रेता युग के रावण को नहीं वरण हमें अपने अंदर के राक्षस को मारना चाहिए।दहेज़ ,बाल विवाह भ्रूण हत्या जैसे जन- धन अपराध ना करने का संकल्प ही सही मायने में देवी की आराधना है।