सुगौली प्रखंड के भारगांवा पंचायत के बढेयां गांव में मारपीट में जख्मी एक अधेड महिला की मौत हो गई। मृतका बढेया निवासी दर्शन पडित की पत्नी मराछी देबी 62 वर्ष बताई गई है। जमीनी विवाद में दो पक्षों में मारपीट हुई थी। जिसमें मृतका जख्मी हो गई थी। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

*प्रखंड संसाधन केंद्र पिपराही के चापाकल खराब को पीएचईडी ने किया चालू* शिवहर जिला के प्रखंड संसाधन केंद्र पिपराही के चापाकल खराब के सूचना मिलते ही तुरंत पीएचडी के एसडीओ धर्मेंद्र कुमार द्वारा चापाकल को चालू कराया गया। जिस में उपस्थित प्रशांत प्रखंड संसाधन केंद्र प्रभारी कुंदन कुमार पीएचडी के जूनियर इंजीनियर वसीम रजा मिस्त्री नंदकिशोर इकबाल कौशल किशोर मौजूद थे। इस कोरोनावायरस जैसी महामारी में अधिकारियों की चुस्ती डियूटी पर से लोग कायल हैं। सूचना मिलते ही खराब चपाकल कौन ठीक कराने हेतु पहुंच गए पिपराही प्रखंड संसाधन केंद्र और बंद चपाकल को करा दिया चालू हरिकांत गुप्ता

‌‌‌चमकी वार्ड के डॉक्टरों को मिला जेई और एईएस पर प्रशिक्षण - लक्षण आधारित ईलाज करने की दी सलाह - एमओआइसी मेडिकल ऑफिसर को देगें प्रशिक्षण सीतामढ़ी।29 मई जिले में चमकी और जेई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला समाहरणालय के सभागार में सदर तथा चमकी वार्ड के डॉक्टरों को शुक्रवार को प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण सह समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन ने की । प्रशिक्षण केयर के डॉ मेंहदी हसन ने दिया। प्रशिक्षण में मेंहदी हसन ने एईएस के इलाज में तकनीकी पक्ष को रखा। वहीं संचारी रोग रोकथाम नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार यादव ने बैठक में डाक्टरों को बताया कि किस तरह वे लक्षण आधारित ईलाज करें। उन्होंने बताया कि अगर उनके स्वास्थ्य केंद्र पर कोई भी मरीज आए तो उनका लक्षण आधारित ईलाज की करें। अगर उन्हें बुखार है या चमकी है या हाइपोग्लेसेमिया है तो उनका लक्षण आधारित ईलाज करें। ईलाज में पूरी तरह से प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करें। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर सभी एमओआइसी अपने स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर को प्रशिक्षण देगें। प्रशिक्षण में डीएस डॉ शकील अंजुम, डॉ हिमांशु शेखर, डॉ पियुष राज, डॉ विनय कुमार सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एमओआईसी उपस्थिति थे। क्या हैं चमकी बुखार के लक्षण? चमकी नाम की बीमारी में शुरुआत में तेज बुखार आता है. इसके बाद बच्चों के शरीर में ऐंठन शुरू हो जाती है. इसके बाद तंत्रिका तंत्र काम करना बंद कर देता है. इस बीमारी में ब्लड शुगर लो हो जाता है. बच्चे तेज बुखार की वजह से बेहोश हो जाते हैं और उन्हें दौरे भी पड़ने लगते हैं. जबड़े और दांत कड़े हो जाते हैं. बुखार के साथ ही घबराहट भी शुरू होती है और कई बार कोमा में जाने की स्थिति भी बन जाती है. अगर बुखार के पीड़ित को सही वक्त पर इलाज नहीं मिलता है तो मौत तय है. अगर चमकी बुखार हो जाए तो क्या करें? बच्चों को पानी पिलाते रहे, इससे उन्हें हाइड्रेट रहने और बीमारियों से बचने में मदद मिलेगी. तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से पोछें. पंखे से हवा करें या माथे पर गीले कपड़े की पट्टी लगायें ताकि बुखार कम हो सके. बच्चे के शरीर से कपड़े हटा लें एवं उसकी गर्दन सीधी रखें. बच्चों को पारासिटामोल की गोली व अन्य सीरप डॉक्टर की सलाह के बाद ही दें. अगर बच्चे के मुंह से लार या झाग निकल रहा है तो उसे साफ कपड़े से पोछें, जिससे सांस लेने में दिक्कत न हो. बच्चों को लगातार ओआरएस का घोल पिलाते रहें. तेज रोशनी से बचाने के लिए मरीज की आंख को पट्टी से ढंक दें. बेहोशी व दौरे आने की अवस्था में मरीज को हवादार जगह पर लिटाएं. चमकी बुखार की स्थिति में मरीज को बाएं या दाएं करवट लिटाकर डॉक्टर के पास ले जाएं. अगर आपके बच्चे में चमकी बीमारी के लक्षण दिखें तो सबसे पहले बच्चे को धूप में जाने से रोकें. बच्चा तेज धूप के संपर्क में आया तो उसे डिहाईड्रेशन की समस्या होगी, जिससे बीमारी की गंभीरता बढ़ती है. बच्चों को दिन में दो बार स्नान कराएं. गर्मी के समय बच्चों को ओआरएस अथवा नींबू-पानी-चीनी का घोल पिलाएं. रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं. चीनी-नमक का घोल, छाछ, शिकंजी के अलावा तरबूज, खरबूज, खीरे जैसी चीजों का खूब सेवन करें.

हरसिद्धि। पूर्व कृषि और किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह के सौजन्य से हरसिद्धि में बूथ के सभी सप्त ऋषियों, पैक्स के निर्वाचित सदस्यों एवं जिला कार्यसमिति सदस्यों के लिए दिए गए कोरोना वायरस से बचाव हेतु सुरक्षा कीट प्रदान किया गया। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

सुगौली थाना क्षेत्र के सुगांव निवासी भोजपुरी साहित्य के शान, अखिल भारतीय भोजपुरी परिषद के पूर्व अध्यक्ष सह विख्यात कवि अश्वनी कुमार आंशू का निधन शुक्रवार के सुबह हृदय गति रुकने से हो गई। जो कि लंबे समय से लंबे समय से बीमार चल रहे हैं।सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें। 

12 नए संक्रमितों सहित पूर्वी चंपारण में संक्रमितों की साँझय 96

प्रखंड भ्रमण के क्रम में जिला अधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने बाढ़ निरोधात्मक कार्यों का अवलोकन किया। वहीं भ्रमण के क्रम में मैट्रिक परीक्षा 2020 में राज्य में नौवें स्थान प्राप्त शुभम कुमार को सफलता हेतु हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी। पूरी खबर के लिए ऑडियो सुनें।

बिहार मैट्रिक बोर्ड ने आज रिजल्ट जारी कर दिया है. इसमें रोहतास के हिमांशु राज बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा के टॉपर बने हैं. हिमांशु ने 96.20 फीसदी अंक हासिल किए हैं. उन्हें 481 नंबर मिले हैं. टॉपर बनने के बाद हिमांशु ने कहा कि कोचिंग के साथ पापा भी पढ़ाई कराते थे. घर में 14 घंटे की पढ़ाई करते थे. जिसके बाद आज वह टॉप आए है. हिमांशु ने कहा कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं. इसको लेकर वह आगे भी कड़ी मेहनत करेंगे.किसान का बेटा हैं हिमांशु फर्स्ट बिहार से बातचीत में हिमांशु ने कहा कि पापा किसान है. वह दूसरे के खेत लेकर खेती करते हैं. कई बार तो पढ़ाई के दौरान आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण परेशानी भी हुई, लेकिन किसी तरह से पढ़ाई जारी रहा. खुद बाजार में बेचे सब्जी हिमांशु ने कहा कि वह कई बार अपने पिता के साथ बाजार में सब्जी भी बेचा करते थे. जिससे पिता की मदद हो सके. इनके बाद वह पढ़ाई पूरे मन से पढ़ाई करते थे. यही कारण है  कि आज टॉप आया हूं. परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है. हिमांशु रोहतास जिले के जनता हाई स्कूल तेनुगंज का स्टूडेंट हैं।

10वीं का रिजल्ट जारी, बिहार बोर्ड ने रचा इतिहास पटना  । बिहार बोर्ड ने दसवीं के रिजल्ट जारी कर दिया हैं। कई दिन से आ रही इंतजार की घड़ियां खत्म करते हुए बिहार बोर्ड ने आज मंगलवार 26 मई को मैट्रिक के रिजल्ट घोषित किए। इस परीक्षा में हिस्सा लेने वाले बिहार के 15 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स अपने रिजल्ट बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर चेक कर सकते हैं। रिजल्ट जारी करते ही बिहार ने इतिहास रच दिया। बिहार कोरोना काल में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे जारी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। एसएमएस भेजकर बिहार बोर्ड का रिजल्ट पाने के लिए छात्रों को BSEB10 -space- ROLL NUMBER टाइप करके 56263 पर भेजना होगा। इसके बाद छात्रों को अपना रिजल्ट मिल जाएगा। पिछले हफ्ते से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि कभी भी रिजल्ट आ सकता है। कॉपियों की चेकिंग पूरी होने के बाद टॉपर्स का वेरीफिकेशन किया गया। वेरीफिकेशन के लिए बोर्ड द्वारा एक पैनल बनाया गया था, जिसमें विभिन्न विषयों के एक्सपर्ट्स रखे गए थे।

मोतिहारी के मोतीझील में फेंके गए लगभग एक सौ राशन कार्ड की खबर पर डीएम ने संज्ञान लिया है और सदर एसडीओ को इस मामले की जांच का आदेश दिया है। पूरी खबर के लिए ऑडियो सुनें।