अखिलेश कुमार की शिक्षा गरीबी के कारण अधूरी रह गई। लॉकडाउन के बाद अभी रोजगार हैं.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

सुप्पी ससौला अस्पताल में लगातार तीन दिनों से आशा बैठी थी हड़ताल पर आज काले बादल के जैसे गरज पड़ी आशा

पश्चमी चंपारण जिला के बथुवरिया थाना मे दुर्गा पूजा को लेकर थानाध्यक्ष के द्वारा शांति समिति की बैठक बुलाई गई। जिसमे पूजा को लेकर चर्चा की गई। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।

सुप्पी प्रखंड क्षेत्र के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण माह के तहत बाल भोज का आयोजन किया गया है। जिसमें सभी बच्चों को पोषण से युक्त भोजन कराया गया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

कालाजार उन्मूलन अभियान के तहत सुप्पी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांव में दवा का छिड़काव किया गया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

सुप्पी पीएचसी में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं का हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहा। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।

कोरोना महामारी में दुकानदारों को बहुत ज्यादा असर पड़ा।

जानिए लॉकडाउन में दुकान का असर क्या रहा?

जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में आज जिले के सभी थानों में भूमि विवाद के मामलों पर त्वरित सुनवाई को लेकर अंचलाधिकारियों एवम थानाध्यक्षो द्वारा शानिवारिय बैठक कर सुनवाई की गई,एवम कई मामलों का ऑन स्पॉट निष्पादन किया गया। गौरतलब हो जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया था कि भूमिविवाद प्रशसन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिये।उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सीओ एवम थानाध्यक्ष प्रत्येक शनिवार को अनिवार्य रूप से भूमिविवाद को लेकर बैठक कर मामलों का त्वरित निष्पादन करेगे एवम ससमय प्रतिवेदन भेजेंगे। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद समीक्षा बैठक में कहा था कि भूमि विवाद को लेकर ही अपराध की ज्यादातर घटनाएं होती है,साथ ही कई बार विधिव्यवस्था की भी समस्या उत्पन्न हो जाती है। प्रत्येक शनिवार को भूमि विवाद को लेकर आयोजित बैठक का सकरात्मक परिणाम भी नजर आने लगा है। अब तक जिले में भूमिविवाद को लेकर प्राप्त आवेदनों में कई आवेदनों का ऑन स्पॉट निपटारा किया जा चुका है।डीएम-एसपी ने स्वयं समाहरणालय में संयुक्त रूप से बैठक कर भूमिववाद के कई मामलों का निष्पादन किया है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

बिहार राज्य के चम्पारण जिला से मोनू कुमार और इनके साथ एस के सिंह हैं। मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि वे एक्स्चूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत है। इनका कहना है कि आज भी शहरों गाँवों में बच्चियों को ज़्यादा पढ़ाया नहीं जाता है। क्योंकि लोगों की मानसिकता में कोई बदलाव नहीं आया है। कई घरों में लोग लड़कों और लड़कियों में भेदभाव करते है। जो की सरासर गलत है। हमें दोनों को एक रूप से सम्मान देना चाहिए तथा शिक्षा के क्षेत्र में दोनों को आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए