उत्तरप्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के औराई प्रखंड के नरथुआ ग्राम से ज्योति देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि ये गाय पालन कर रही है। इनका पहले एक गाय था पर अब तीन गाय हो चूका है। इनका दिनभर में पांच लीटर दूध हो जाता है। महीना का लगभग पांच हज़ार जैसा लाभ कमा लेते है। ग्राम वाणी से बहुत अच्छा से व्यापार करने की सलाह मिली
उत्तरप्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के औराई प्रखंड के नरथुआ ग्राम से सुशीला देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं का नाम जमीन में होना चाहिए। साथ ही जमीन के माध्यम से सरकारी सहायता भी ले सकते है
उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से 25 वर्षीय रूपा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो सिलाई करती है
उत्तर प्रदेश राज्य के झांसी जिला के से स्वामी प्रसाद मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि महिलाओं का नाम जमीन में होना अनिवार्य है
उत्तर प्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के औराई ब्लॉक से गोविंद प्रसाद ने आशा देवी से बातचीत की जिसमें गुड़िया देवी ने जानकारी दी की वो समूह से जुड़ी हैं और पंद्रह हजार रूपये ले कर बकरी पालन कर रही हैं और पैसे ले कर इस रोजगार को बढ़ाना चाहते हैं। समूह बहुत अच्छा है महिलाओं को किसी भी परिस्थिति में मदद मिल जाती है। जिससे वो अपना रोजगार कर पाती हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के डीग ब्लॉक से रानी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि वो खुद का रोजगार करना चाहती हैं
उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला से आज़ाद यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं के नाम जमीन होना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला से सुजीत मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं को जमीन में उनका अधिकार मिलना चाहिए। ताकि वो खेती बाड़ी कर के अपने आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकती है
उत्तर प्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के औराई ब्लॉक से सुशीला देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि बिजली की वो बकरी पालन करती हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के औराई ब्लॉक से 35 वर्षीय सीमा जानकारी देती हैं कि वो पहले कोई रोजगार नहीं करती थी। पति काम करते थे। लेकिन स्थायी रूप से काम नहीं मिलने के कारण परेशानी होती थी। उन्हें फिर ग्रामवाणी के बारे में पता चला और वो इसकी मीटिंग में गई और यही से प्रेरणा ले कर खेती का काम शुरू किया। अब उनके घर में खाने पीने की चीजें आसानी से पुरे साल का उपजने लगा। इसके साथ ही कुछ अनाज बेच कर पैसे भी मिल जाते थे और अपने घर के राशन के भी पैसे बचने लगे है
