उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान की जरूरत हमारे देश को क्यों है यह एक विचारणीय विषय है। लड़कों के लिए कोई आंदोलन क्यों नहीं चलाया जाता है। क्योंकि पुरुषों को आज भी हमारे समाज में महिलाओं से ज्यादा महत्व दिया जाता है। लड़को को पढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास और खर्च किये जाते हैं। लेकिन बेटियों को आगे बढ़ने का मौका बहुत कम ही मिल पाता है

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं की आजीविका और आय में सुधार के लिए कई कार्य हुए है। इसके साथ ही सक्रिय रूप से ट्रेड यूनियन का निर्माण भी किया गया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जब आधी आबादी अर्थव्यवस्था में भाग नहीं ले रही तो समावेशी विकास की बात करना सही नहीं है। घरेलू उत्पाद में सत्रह प्रतिशत पर भारतीय महिला का आर्थिक योगदान वैश्विक औसत के आधे से भी कम है और इसकी तुलना प्रतिकूल रूप से चालीस प्रतिशत से की जाती है। यदि पचास प्रतिशत महिलाएं कार्यबल में शामिल होती हैं, तो भारत अपनी वृद्धि दर डेढ़ प्रतिशत अंकों से बढ़ाकर 9 प्रतिशत प्रति वर्ष कर रहा है। भारत को अपनी विकास क्षमता का एहसास करने और भारत की सफलता की कहानी लिखने के लिए इस प्रवृत्ति को उलटने की आवश्यकता है।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को समान काम के लिए पुरुषों के समान वेतन नहीं मिलता है। इसे लैंगिक वेतन अंतर कहा जाता है बच्चों या वृद्ध रिश्तेदारों की देखभाल के लिये महिलाओं द्वारा कार्य से अवकाश लेने या पार्ट-टाइम कार्य करने की संभावना अधिक होती है, जिससे उनके करियर के रास्ते में रुकावट आती है और कुल कमाई कम हो जाती है। दुनिया भर में महिलाएं खेतों और घरों में काम करती हैं जिस पर किसी का ध्यान नहीं जाता है और इसके लिए इन्हें कोई पैसे भी नहीं मिलते हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमें आधुनिक युग में प्रवेश तो कर गए हैं। लेकिन हमने अभी तक सामाजिक संबंधों के निर्माण के लिए एक आधुनिक दृष्टिकोण विकसित नहीं किया है। संबंधों की शुरुआत आज भी दहेज देने और लेने से होती है, जबकि दहेज लेने और देने के खिलाफ कानून है। समाज का कोई भी वर्ग दहेज को ना नहीं कहता है। हमारा ध्यान दहेज के मामले की ओर तब जाता है, जब एक लड़की दहेज़ के लिए हिंसा का शिकार होती है या जब दहेज़ के लिए उसकी बलि चढ़ा दी जाती है। आँकड़ों के मुताबिक औसतन एक घंटे में एक महिला की हत्या दहेज़ के लिए कर दी जाती है

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला कभी माँ, बहन और पत्नी की भूमिका में अपने संबंधों को पालन पोषण करती हैं। नारी सशक्त नागरिक एक मजबूत समाज और एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभाती है। एक महिला, कभी माँ के रूप में और कभी बेटी के रूप में भगवान द्वारा दी गई एक अमूल्य संपत्ति है। लेकिन कन्या भ्रूण हत्या और दहेज अभिशाप बन कर आज भी मौजुद है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से नीलू ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमें प्रदुषण से बचन चाहिए। प्रदुषण के कारण हम बीमार पद सकते है। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदुषण से बचने के लिए हमें पेड़ लगाने चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से पूजा यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जल जीवन मिशन पर मुख्यमंत्री ने लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप। उन्होंने केंद्रीय सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जल जीवन मिशन अभियान पर भरी भ्रष्टाचार हुआ है

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से पूजा यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पानी हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, इसे हमारे जीवन का आधार मन जाता है। इसके अंतर्गत सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरुआत की थी