राॅंची।झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक 2023 सदन से पास हो गया। झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण के उपाय) विधेयक, 2023 में कुछ मामूली संशोधन के साथ ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है। पहली बार कदाचार करने पर 3 साल की जगह 1 साल की सजा और दूसरी बार कदाचार करते पकड़े जाने पर 7 साल की जगह 3 साल की सजा होगी।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग क्या है? रेन वाटर हार्वेस्टिंग खेती का एक नया और आधुनिक तरीका है। इसे वर्षा जल संचय भी कहते है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग क्या है ? तथा इसके फायदे क्या क्या है? जैसा कि आप सभी जानते हैं, पृथ्वी पर जल स्तर में लगातार कमी होती जा रही है। हमारे देश में कई क्षेत्रों में अधिक वर्षा होने के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। वहीं कई क्षेत्रों में भयंकर सूखा होने के कारण एक-एक बूंद के लिए हमें संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में पानी की कमी की समस्या को दूर करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग एक बेहतर विकल्प है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर क्या है रेन वाटर हार्वेस्टिंग क्या हैं और इसके क्या फायदे हैं? अगर आप अभी तक इन सवालों के जवाब से अवगत नहीं हैं तो द रुरल इंडिया के इस लेख में रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से जानें। रेनवॉटर हार्वेस्टिंग बारिश के पानी को जमा करने का एक तरीका है। जिसका इस्तेमाल बाद में खेती के लिए किया जाता है। इस विधि में जल का सरंक्षण किया जाता है। इससे धरती में पानी का स्तर भी बढ़ जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो रेन वाटर हार्वेस्टिंग विधि के द्वारा वर्षा के जल को संरक्षित किया जाता है। वर्षा के जल को अपनी आवश्यकता के अनुसार हम विभिन्न कार्यों में उपयोग कर सकते हैं। कृषि क्षेत्र में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के क्या फायदे हैं? सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं होने पर या सूखे की स्थिति में हम वर्षा के संरक्षित जल के द्वारा पौधों की सिंचाई कर सकते हैं। वर्षा के जल से फसलों की सिंचाई करने पर सिंचाई के लिए पानी पर होने वाले खर्च में कमी आती है। पशुओं के पीने के लिए भी हम वर्षा के संरक्षित जल का प्रयोग कर सकते हैं। पशुओं को नहलाने के लिए वर्षा के जल का उपयोग किया जा सकता है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के फायदे वर्षा के संरक्षित जल का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में कर सकते हैं। वर्षा के जल को संरक्षित कर के घर की साफ-सफाई, स्नान करना, कपड़े धोना, बरतन साफ करना जैसे कई घरेलु कार्य भी किए जा सकते हैं। वर्षा के पानी को भूमि के अंदर भेजकर हम जमीन के अन्दर मौजूद मीठे पानी के स्तर को बढ़ा सकते हैं। वर्षा का जल प्रयोग करने से सप्लाई का पानी या भूमि के अंदर के पानी की बचत होती है।

रांची। बड़ी खबर यह है कि रांची के मेन रोड में स्थित 184 साल पुराने जिला स्कूल में गुरुवार को आग लग गई। ऊंची लपटों ने स्कूल के लगभग सभी कमरों को अपनी चपेट में ले लिया इससे स्कूलों में अफरा तफरी फैल गई जब आग लगी उस समय छात्र कमरे में ही थे शिक्षकों ने सभी छात्रों को कमरों से बाहर निकाला इसके बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई। 1 घंटे बाद पहुंचे दमकल के वाहनों ने आग को बुझाया स्कूल में जब आग लगी तो लपटें इतनी ऊंची उठ रही थी कि पूरा विद्यालय परिसर धुएं से भर उठा पहले एक कमरे में आग लगी थी और फिर वह फैल गई इससे चारों कक्षाएं छठी ,सातवीं, आठवीं और नौवीं कक्षाएं जलकर खाक हो गई। जिन कमरों में आग लगी सभी सामग्री क्लासरूम में थे और इनमें लगे प्रोजेक्टर क्षतिग्रस्त हो गए आग को बुझाने में लगभग 4 घंटे से अधिक का समय लगा आग क्यों लगी इसके कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया है समझा जाता है शार्ट सर्किट इसकी वजह है। आप सभी को बताते चलें कि जिला स्कूल रांची का स्थापना अंग्रेजी शासनकाल में 1839 में हुई थी। इस स्कूल में केवल एलिट परिवार के बच्चे पढ़ा करते थे यह स्कूल उसे समय झारखंड बिहार के नाम चिन्ह स्कूलों में हुआ करता था।

झारखंड में लगातार बारिश कम हो रहा है डीप डिप्रेशन का असर, खेतों में दिखा पानी तो खिले किसानों के चेहरे। रांची। झारखंड में मानसून अब मजबूत हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में तीन दिनों से हुई बारिश ने थोड़ी राहत दी है। किसानों को थोड़ी राहत मिली है सूखे खेतों में पानी पहुंचा है। पिछले 24 घंटे से बारिश हो रही है। राज्य के कई हिस्सों में धान की बुआई भी शुरू हो गयी है। रांची में दिन और रात के तापमान में भी महज दो डिग्री का अंतर दर्ज किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक आनंद के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन झारखंड से गुजर रहा है। नदियों में बढ़ा पानी सबसे अधिक बारिश बुधवार को हुई डीप डिप्रेशन गुरुवार की सुबह तक छत्तीसगढ़ पहुंच जाएगा। पूरे सीजन में रांची में सबसे अधिक बारिश बुधवार को 32.4 मिमी दर्ज की गई। जबकि राज्य में सर्वाधिक बारिश 148.4 मिमी पश्चिमी सिंहभूम में हुई। इधर, भारी बारिश के कारण नदिया भी उफनाने लगी हैं। जमशेदपुर में खरकाई नदीं शाम 4 बजे खतरे के निशान तक पहुंच गई। मंगलवार की रात से स्वर्णरेखा-खरकाई नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी थी। जिला प्रशासन ने तेज बहाव को देखने और सेल्फी लेने वालों को नदी किनारे जाने से मना किया है। एनडीआरएफ को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है। कैसा है तापमान बुधवार को रांची का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री, न्यूनतम 23.5 डिग्री, जबकि बारिश 32.4 मिमी, जमशेदपुर का अधिकतम 27.4 डिग्री, न्यूनतम 26 डिग्री और बारिश 33 मिमी, डालटेनगंज का अधिकतम 29.4 डिग्री, न्यूनतम 24.5 डिग्री और बारिश 15 मिमी रिकॉर्ड किया गया है। डीप डिप्रेशन का असर आज से कम होगा मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, गुरुवार से डीप डिप्रेशन का असर झारखंड में कम हो जाएगा। उसके बाद राज्य में मध्यम दर्जे की बारिश होगी। हालांकि, कहीं-कहीं भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। वहीं, गर्जन और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। चाईबासा, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, चतरा कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। 3 अगस्त को सामान्य बादल छाए रहेंगे और मध्यम दर्जे की बारिश होगी। अधिकतम तापमान 27 डिग्री, न्यूनतम 23 डिग्री रहने का अनुमान है। वहीं 4 और 5 अगस्त को गर्जन के साथ यो बारिश होगी। सामान्य बादल छाए रहेंगे।

रांची। रांची के सांसद संजय सेठ नई दिल्ली में केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान सांसद ने उन्हें रांची सहित पूरे झारखंड में रेल परियोजनाओं की सौगात के लिए धन्यवाद दिया हटिया और पिस्का स्टेशन के लिए पुनर्विकास की योजना स्वीकृति के लिए भी जनता के तरफ से आभार जताया इस दौरान उन्होंने ज्ञापन दिया चुटिया के कृष्ण पुरी में बनने वाले फ्लाईओवर और इसकी जरूरत से उन्हें अवगत कराया साथ ही साथ खलारी मैक्लुस्कीगंज में फ्लाईओवर निर्माण तथा कई एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव के बारे में ज्ञापन दिया। इस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने सकारात्मक पहल करने की बात कही।

मां का दूध है शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार । इस खास हफ्ते में लोगो को स्तनपान से जुड़े फायदे और जरूरत के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है इस बार होने वाले वार्षिक उत्सव में भारत समेत अन्य 120 से भी ज्यादा देश के लोग भाग ले रहे हैं दुनिया भर में हर साल 1 अगस्त से लेकर के 7 अगस्त तक वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग यानी विश्व स्तनपान दिवस मनाया जाता है। स्तनपान को प्रोत्साहित करने और दुनिया भर में शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए हर साल 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। यह स्तनपान की सुरक्षा, प्रचार और समर्थन के लिए सरकारी नीति निर्माताओं, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ और अन्य संगठनों द्वारा अगस्त 1990 में हस्ताक्षरित इनोसेंटी घोषणा की याद दिलाता है। स्तनपान शिशुओं को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करने का सबसे अच्छा तरीका है। डब्ल्यूएचओ जन्म के एक घंटे के भीतर शिशु के 6 महीने का होने तक विशेष स्तनपान शुरू करने की सलाह देता है। इसके बाद 2 साल या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखते हुए पौष्टिक पूरक आहार शामिल करना चाहिए। विश्व स्तनपान सप्ताह 2023 का मुख्य उद्देश्य स्तनपान को सक्षम बनाना - कामकाजी माता-पिता के लिए एक बदलाव लाना इस वर्ष की थीम स्तनपान और रोजगार/कार्य पर केंद्रित होगी। यह स्वयं माता-पिता के नजरिए से स्तनपान पर सवैतनिक अवकाश, कार्यस्थल समर्थन और उभरते पालन-पोषण मानदंडों के प्रभाव को प्रदर्शित करेगा। सरकारों, नीति निर्माताओं, कार्यस्थलों, समुदायों और माता-पिता सहित लक्षित दर्शकों को महामारी के बाद के कामकाजी जीवन में परिवारों को सशक्त बनाने और स्तनपान के अनुकूल वातावरण बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में शामिल किया जाएगा। यह थीम WBW-SDG 2030 अभियान के विषयगत क्षेत्र 4 के अनुरूप है। कोविड-19 महामारी ने बेरोजगारी और आजीविका के नुकसान के जोखिम को बढ़ाकर, और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में प्रसवपूर्व, प्रसवोत्तर और आगे स्तनपान सहायता और सेवाओं तक पहुंच को बाधित करके प्रसूति महिलाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। हमें महामारी के दौरान सीखे गए सबक को ध्यान में रखना होगा और माता-पिता की सामाजिक सुरक्षा नीतियों को अद्यतन करना होगा जो वर्तमान स्थिति का समाधान करेगी। स्तनपान के लिए समर्थन की गर्म श्रृंखला वार्म चेन अभियान माँ-बच्चे के रिश्ते को मूल में रखता है। यह पहले 1000 दिनों के दौरान देखभाल की निरंतरता प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य, समुदाय और कार्यस्थल क्षेत्रों में विभिन्न अभिनेताओं को जोड़ने का प्रयास करता है। इष्टतम शिशु और छोटे बच्चे के आहार (आईवाईसीएफ) प्रथाओं के लिए डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ की सिफारिश जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान की शुरूआत जीवन के पहले छह महीनों तक विशेष स्तनपान छह महीने में पोषण संबंधी पर्याप्त और सुरक्षित पूरक (ठोस) खाद्य पदार्थों की शुरूआत के साथ, दो साल या उससे अधिक उम्र तक स्तनपान जारी रखें

कोल इंडिया कामगारों के एरिया भुगतान का आदेश जारी कर दिया है। इससे कोल इंडिया में कार्यरत रिटायर कामगारों को लाभ होगा एरियर का भुगतान एक किस्त भी किया जाएगा । कोल इंडिया के जीएम गौतम बनर्जी ने 2 अगस्त को सभी सहायक कंपनियों के सीएमडी को इसकी जानकारी दी है जानकारी हो कि कोयला कामगारों के 11 वें वेतन समझौता पर 20 मई 2023 को हस्ताक्षरहुए थे। वेतन समझौता लागू होने से अब तक अवधी का एरियर मिलना था यहां करीब 23 महीने का है इस अवधि का एरियर 2.50 लाख से 7 लाख रुपए तक का होगा। जीएम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कामगारों को सितंबर 2023 में देय अगस्त 2023 के वेतन के साथ एरियर का भुगतान किया जाएगा । इस बाबत सक्षम पदाधिकारी की मंजूरी मिल गई है। जीएम ने कहा है कि पात्र कार्यरत पृथक और सेवानिर्वित कामगारों के बकाया भुगतान की सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद यथाशीघ्र भुगतान किया जा सकता है बाकी राशि का भुगतान सभी लागू कटौतियां करने की बाद की जा सकती है।

रांची। झारखंड वासियों खुश हो जाओ।राजधानी रांची का हटिया रेलवे स्टेशन बहुत जल्द मॉडल होगा। केंद्र की मोदी सरकार इस पर 355 करोड़ रूपए खर्च करेगी। इसके अलावा पिस्का रेलवे स्टेशन को भी विकसित करने के लिए 27₹ करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 6 अगस्त को दिल्ली से ऑनलाइन इन दोनों प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे। बता दे की हटिया रेलवे स्टेशन राजधानी रांची का प्रमुख रेलवे स्टेशन है। भारतीय रेलवे के दक्षिण पूर्वी रेलवे जोन से संबंधित है यह स्टेशन देश के अधिकांश प्रमुख शहरों के रेलवे संजाल से जुड़ा है। हटिया स्टेशन रांची राउरकेला रेलवे खंड पर है हटिया स्टेशन को स्मार्ट सिटी रांची के मेन जंक्शन के रूप में विकसित किया जाना है इसलिए 6 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी इस रेलवे स्टेशन का शिलान्यास करेंगे।

Transcript Unavailable.

सास बहू पति सम्मलेन का आयोजन किया गया