बिहार राज्य के जमुई जिला से राजीव जीविका मोबाइल वाणी के द्वारा बताते हैं कि सिकंदरा प्रखंड के मंजोस पंचायत के कोनन ग्राम में जीविका की बैठक में दीदी ने जानकारी दी की पिछले एक साल में गाँव में जीविका के माध्यम से काफी बदलाव आया है।ग्रामीणों में बदलाव और प्रगति दोनों ही देखा गया।यहाँ की गरीब महिलायें जीविका से लोन ले कर रोजगार और अन्य तरह के कार्य कर गरीबी को मुँह तोड़ जवाब दिया है।जिन घरों में गरीबी के कारण अंधकारमय जीवन होता था।वही महिलायें अब जीविका की मदद से अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही हैं।

बिहार राज्य के जमुई जिला के गिद्धौर प्रखंड से भीम राज मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि बुधवार शाम को अचानक चली तेज आँधी और बारिश से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।तेज आँधी से कई जगहों पर बिजली के तार टूट कर गिर गए जिसके कारण गिद्धौर पॉवर ग्रिड से बिजली आपूर्ति नहीं की जा सकी।जिससे लोगों को काफी समस्या और अँधेरे का सामना करना पड़ा।गुरुवार को देर रात बिजली आपूर्ति पुनः शुरू की गई।

बिहार राज्य के जिला जमुई के गिद्धौर प्रखंड से संजीवन कुमार सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि तकनीक ने कितना विकसित कर लिया है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। जैसे घर बैठे दूर दराज वस्तुओं को हम आप ऑनलाइन के माध्यम हासिल कर लेते है। ठीक वैसे ही आपकी हमारी, बच्चों की सारी गतिविधियों की जानकारी मात्र एक क्लिक और मोबाइल के माध्यम से हो सकेगी। बिहार सरकार भी अब मोबाइल जैसे तकनीक के माध्यम से स्कूली बच्चों, स्कूलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक एप का इस्तेमाल करने जा रही है।प्रदेश के प्रारंभिक स्कूलों की मॉनिटरिंग 16 अप्रैल से बेस्ट मोबाइल एप के माध्यम से शुरू हो रही है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने मोबाइल एप से स्कूल मॉनिटरिंग को लेकर जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। 16 अप्रैल से एप में स्कूल निगरानी से जुड़ी जो जानकारिया दर्ज होंगी उन्हें वास्तविक मानते हुए सरकार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। पत्र में सकुल समन्वयक, प्रखड साधन सेवी, प्रखड ससाधन केंद्र समन्वयक और जिला स्तरीय शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा गया है कि घोषित तिथि से वे मोबाइल एप के जरिए स्कूल की वास्तविक मॉनिटरिंग का काम शुरू करें।इस मोबाइल एप में प्रारंभिक स्कूलों का पूरा विवरण और कई प्रश्न पहले से सुरक्षित किए गए हैं।मॉनिटरिंग अफसर सबधित स्कूल में जाएंगे और स्कूल के हेडमास्टर से सारे प्रश्नों के जवाब लेकर उसमें दर्ज करेंगे।स्कूलों में शिक्षक-छात्र उपस्थिति, मध्याथ् भोजन की गुणवत्ता, शिक्षकों की कुल सख्या, स्कूल मुआयने के दिन मौजूद छात्रों की सख्या के साथ ही स्कूल से जुड़ी अन्य जानकारिया सरकार को समय पर मिले इसके लिए एप विकसित किया गया है।

बिहार राज्य के जिला जमुई के गिद्धौर प्रखंड से संजीवन कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापन कार्यों में लगे अप्रशिक्षित शिक्षकों के प्रशिक्षण मानकों में सरकार ने बदलाव कर दिए हैं। पूर्व में सिर्फ टीईटी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर अप्रशिक्षित शिक्षकों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालयों में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश मिल जाता था, परन्तु अब ऐसा नहीं होगा। शिक्षा विभाग ने नियमों में किए गए बदलाव के संबंध में आदेश जारी कर दिया है।आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2018-20 में प्रशिक्षण के लिए नामांकन के लिए सामान्य अभ्यर्थियों की न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता इंटर या प्लस टू होगी, वह भी कम से कम पचास फीसद अंकों के साथ। इसमें अनुसूचित जाति, जनजाति और निश्शक्त व्यक्तियों को पांच प्रतिशत छूट दी जाएगी।एनसीटीई द्वारा आवंटित कुल सीट में से तीन प्रतिशत सीटें निश्शक्त अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। जबकि उर्दू विषय के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत सीटें क्षैतिज रूप से आरक्षित रहेंगी। आवंटित सीट का पचास प्रतिशत विज्ञान तथा पचास प्रतिशत कला एवं वाणिज्य अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेगा।जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालयों में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में चयन का आधार 10वीं और 12वीं के प्राप्तांकों का प्रतिशत होगा। 10वीं और 12वीं में प्राप्तांकों के प्रतिशत का औसत निकालते हुए नामांकन के लिए मेधा सूची तैयार की जाएगी। यदि किसी अभ्यर्थी के प्राप्तांक के औसत समान रहते हैं तो ऐसी स्थिति में अधिक उम्र वाले शिक्षक अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी।

बिहार राज्य के जिला जमुई के गिद्धौर प्रखंड से से संजीवन कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बाल विवाह करना महंगा सौदा साबित होगा। कानून का अनुपालन सख्ती से करने की प्रशासनिक कवायद तेज कर दी गई है। राज्य सरकार ने एक और सख्त कदम उठाते हुए शादी कार्ड छपवाने के लिए प्रिंटिंग प्रेस वालों को वर-वधू का जन्म प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य किया गया है। शादी का कार्ड छपने से लेकर विवाह भवन, बैंड बाजे, कैटरिंग की बुकिंग तक के लिए जन्म प्रमाण पत्र देना होगा।इतना ही नहीं मंदिरों में होने वाली शादियोंं में भी दोनों पक्षों को उम्र से संबंधित प्रमाणपत्र को अनिवार्य किया गया है। नियम को कारगर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जांच अभियान चलाया जाएगा। उल्लंघन का मामला सामने आने पर सेवा देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार इस नियमावली का अनुपालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मंशा समाज में वर्षों से जारी दहेज प्रथा व बाल विवाह को जड़ से समाप्त करने की है। इसके तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन जबतक नियमों को सख्त नहीं किया जाता रोक संभव नहीं है। विभाग ने नियमावली के साथ कुछ तर्क भी दिए हैं। दरअसल राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य संगठन द्वारा किए गए सर्वेक्षण के बाद जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 26 प्रतिशत से अधिक बालिकाओं की शादी 18 वर्ष से कम उम्र में कर दी जाती है। बाल विवाह प्रथा को रोकने के लिए हर स्तर पर तैयारी आवश्यक है।लिहाजा होटलों, शादी कार्ड सहित अन्य सेवा प्रदाताओं को अपनी सेवा देने से पहले यह जानना आवश्यक है कि वर-वधू की शादी सही उम्र पर हो रही है। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र को अनिवार्य किया गया है।

बिहार राज्य के जिला जमुई के गिद्धौर प्रखंड से संजीवन कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा मैट्रिक वार्षिक परीक्षा-2019 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रारंभ होने की प्रस्तावित तिथि 20 मई को बढ़ाने की मांग बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने की है। महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि शैक्षणिक सह अवकाश कैलेंडर के अनुसार 22 मई से 16 जून तक सूबे के राजकीयकृत तथा परियोजना माध्यमिक विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश है। 20 मई से रमजान का महीना भी शुरू हो रहा है। ऐसे में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का काम बाधित होना स्वभाविक है। कहा कि अवकाश की तिथियों का बिना अवलोकन किए पंजीयन, परीक्षा तथा मूल्याकन आदि की तिथिया निर्धारित कर दी जाती हैं। इससे प्रशासनिक तथा शैक्षणिक कठिनाइया उत्पन्न हो रही हैं। रमजान को देखते हुए तिथि 16 जून के बाद निर्धारित करने की मांग की गई है।

बिहार राज्य के जिला जमुई से रंजन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किसान प्रकृति की मार झेल रहे है,दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश और आंधी ने किसानो की कमर तोड़ दी है। पिछले दिनों बारिश और आंधी ने गेंहू और चना की फसलों को बर्बाद कर दिया है। पिछले वर्ष भी किसानो को काफी क्षति उठानी पड़ी थी। बिहार के किसान लगातार प्रकृति की मार झेल रहे है। ऐसे में किसान दिन प्रति दिन कर्ज के दलदल में फंसते जा रहे है। ऐसी स्थिति में सरकार को किसानो को उचित मुआबजा देना चाहिए।

बिहार राज्य के जमुई जिला से रूद्र पंडित मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी देते हैं कि पूर्वी भूमिडीह के कैवाल गाँव में खेती अब भी भगवान के भरोसे ही होती हैं। बारिश के समय भी धना की खेती वर्षा पर ही निर्भर होती है।बारिश अगर नहीं हुई तो पूरी जमीन परती ही रह जाती हैं।क्यूँकि कैवाल गाँव में ऐसा कोई तलाब नहीं हैं ,जिसमे हमेशा पानी रहता हो,जिसके कारण सिंचाई के लिए पूरी तरह से किसान वर्षा पर ही निर्भर रहते हैं।

बिहार राज्य के जमुई जिला से गोपाल मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी देते हुए कहते हैं कि आजकल के बच्चे मोबाइल के इतने शौक़ीन हो गए हैं की हमेशा मोबाइल में कीड़े की तरह व्यस्त रहते हैं।मोबाइल में हमेशा काटूर्न मोटु-पतलू ,छोटा भीम देखते रहने से वो उन्हीं की तरह व्यवहार भी करने लगते हैं।बच्चों के ऊपर मोबाइल का पड़ते नकारात्मक प्रभाव के लिए अभिभावक ही जिम्मेदार हैं।बच्चों को खिलौनो से खेलने की उम्र में मोबाइल की आदत डलवा देते हैं।यह उम्र बच्चों के खेलने और पढ़ने की है।इन्हें मोबाइल नहीं देना चाहिए।

बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं कि मोबाइल वॉलेट के प्रयोग से कैशलेश पेमेंट को बढ़ावा मिल रहा है।मोबाइल वॉलेट की खूबियाँ भी हैं,जिनसे आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।मोबाइल वॉलेट एक तरह डिजिटल पर्स है,जिसे हम अपने साधरण पर्स की तरह ही पैसों का लें-देन इंटरनेट के माध्यम से कर सकते हैं।मोबाइल वॉलेट प्रयोग करने का फायदा यह भी है की इसे कोई चुरा नहीं सकता है,हमारे साधारण पर्स की तरह क्युँकि मोबाइल वॉलेट का प्रयोग करने के लिए एक अकॉउंट बनाना होता है,जिसका एक पासवर्ड होता है,इस पासवर्ड के बिना मोबाइल वॉलेट का प्रयोग नहीं किया जा सकता है।मोबाइल वॉलेट का प्रयोग मोबाइल,टेबलेट,और लैपटॉप के द्वारा इंटरनेट के द्वारा आसानी से किया जा सकता है