बिहार राज्य के जिला जमुई के गिद्धौर प्रखंड से संजीवन कुमार सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि तकनीक ने कितना विकसित कर लिया है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। जैसे घर बैठे दूर दराज वस्तुओं को हम आप ऑनलाइन के माध्यम हासिल कर लेते है। ठीक वैसे ही आपकी हमारी, बच्चों की सारी गतिविधियों की जानकारी मात्र एक क्लिक और मोबाइल के माध्यम से हो सकेगी। बिहार सरकार भी अब मोबाइल जैसे तकनीक के माध्यम से स्कूली बच्चों, स्कूलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक एप का इस्तेमाल करने जा रही है।प्रदेश के प्रारंभिक स्कूलों की मॉनिटरिंग 16 अप्रैल से बेस्ट मोबाइल एप के माध्यम से शुरू हो रही है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने मोबाइल एप से स्कूल मॉनिटरिंग को लेकर जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। 16 अप्रैल से एप में स्कूल निगरानी से जुड़ी जो जानकारिया दर्ज होंगी उन्हें वास्तविक मानते हुए सरकार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। पत्र में सकुल समन्वयक, प्रखड साधन सेवी, प्रखड ससाधन केंद्र समन्वयक और जिला स्तरीय शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा गया है कि घोषित तिथि से वे मोबाइल एप के जरिए स्कूल की वास्तविक मॉनिटरिंग का काम शुरू करें।इस मोबाइल एप में प्रारंभिक स्कूलों का पूरा विवरण और कई प्रश्न पहले से सुरक्षित किए गए हैं।मॉनिटरिंग अफसर सबधित स्कूल में जाएंगे और स्कूल के हेडमास्टर से सारे प्रश्नों के जवाब लेकर उसमें दर्ज करेंगे।स्कूलों में शिक्षक-छात्र उपस्थिति, मध्याथ् भोजन की गुणवत्ता, शिक्षकों की कुल सख्या, स्कूल मुआयने के दिन मौजूद छात्रों की सख्या के साथ ही स्कूल से जुड़ी अन्य जानकारिया सरकार को समय पर मिले इसके लिए एप विकसित किया गया है।