बिहार राज्य के जमुई जिला से गोपाल मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी देते हुए कहते हैं कि आजकल के बच्चे मोबाइल के इतने शौक़ीन हो गए हैं की हमेशा मोबाइल में कीड़े की तरह व्यस्त रहते हैं।मोबाइल में हमेशा काटूर्न मोटु-पतलू ,छोटा भीम देखते रहने से वो उन्हीं की तरह व्यवहार भी करने लगते हैं।बच्चों के ऊपर मोबाइल का पड़ते नकारात्मक प्रभाव के लिए अभिभावक ही जिम्मेदार हैं।बच्चों को खिलौनो से खेलने की उम्र में मोबाइल की आदत डलवा देते हैं।यह उम्र बच्चों के खेलने और पढ़ने की है।इन्हें मोबाइल नहीं देना चाहिए।
