अब सदर अस्पताल की चिकत्सीय प्रबन्धन से लेकर व्यवस्था प्रबन्धन पर निगरानी के लिये एक समिति बनायी जायेगी। यह समिति सीएस के द्वारा गठित की जाएगी। इस प्रबन्धन समिति अस्पताल की व्यवस्था व चिकित्सक के द्वारा देखे जा रहे मरीज दवा की उपलब्धता पोर्टल के माध्यम से सरकार को देगी। बताया जाता है कि अस्पताल में और बेहतर सुधार के लिये राज्य स्वास्थ्य समिति ने कई निर्देश जारी किया है। जारी निर्देश के अनुसार मधुमेह के रोगी, प्रसूता व ब्लड प्रेशर के मरीजों को एकबार में कम से कम एक महीना का और प्रसुता को आयरन की गोली पूरी खुराक एक बार दिया जाएगा। साथ ही सरकार के द्वार देय दवा अगर किसी कारण दवा स्टोर में नहीं है तो उस दवा की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।किसी भी हालत में डाक्टर के द्वारा लिखी गयी जेनरिक दवा मरीज नहीं खरीदेगा। नहीं देने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गयी है। मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल दवा स्टोर सहित सेंट्रल स्टोर में सरकार के द्वारा देय 112 प्रकार की दवा हर हाल में स्टॉक में रखने को कहा गया है। दवा स्टोर में मानक नियम के अनुसार दवा का भंडारण करना है ताकि दवा की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़े। इसके लिये फ्रीज, एसी सहित अन्य उपकरण रखने के लिये कहा गया है। इसके अलावा टेलीमेडिसिन को बढ़ावा देने और निर्धारित स्वास्थ्य केंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर दिखाने आये मरीजो का नाम पता सरकार के ई संजीवनी पोर्टल पर ऑनलाइन करने का निर्देश दिया गया है। आशा कार्यकर्ता व मोबलाइजर के मानदेय का भुगतान एक सप्ताह में करने को कहा गया है। एक साल से कई का मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। जिसको राज्य स्वास्थ्य समिति ने गम्भीरता से लिया है। भुगतान नहीं होने पर लेख प्रबन्धक पर कार्रवाई करने के लिये सीएस से कहा गया है। सीएस ने बताया कि सरकार का निर्देश का पालन होगा।

किसानों के हितों की रक्षा के लिए वे हर कुर्बानी देने को तैयार हैं।इसके लिए सरकार से लड़ना भी पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे।बिहार के पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह रविवार को जिले के गोरगांवा झंडा मैदान में किसान पंचायत को संबोधित कर रहे थे। पूर्व मंत्री ने कहा कि वे सड़क मार्ग से आये हैं। सुशासन पटना से चलकर गांवों में पहुंचने से पहले गुम हो जाता है। बिहार गरीब राज्य नहीं है। यहां के नेताओं ने इसे गरीब बनाया है। सुधाकर सिंह ने कहा कि आज की सरकार से बेहतर सोच अंग्रेजों की थी। बिहार में युवा शक्ति भी है। यहां की मिट्टी उपजाऊ है, पर हमारा योगदान देश के जीडीपी में कितना है, यह विचारणीय है। पूर्व मंत्री ने कहा कि बिहार के स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, जो हैं वे पढ़ाते नहीं हैं। विद्यालयों में भवन नहीं है। महात्मा गांधी द्वारा स्थापित बुनियादी विद्यालय की भी यही दुर्दशा है। आज किसानों को खाद नहीं मिल रही है। सारा खाद तस्करी होकर नेपाल चला जाता है। पूर्व कृषि मंत्री ने किसानों से संघर्ष करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह गांधी की कर्म भूमि है। गांधीजी के सत्याग्रह के आगे अंग्रेजों को झुकना पड़ा था। अब आपके भी जगने का समय आ गया है। उपस्थित लोगों ने भी अपनी समस्याओं को पूर्व मंत्री के समक्ष रखा। सभा को संजीव सिंह, बसंत सिंह आदि ने भी संम्बोधित किया। अध्यक्षता शंभू सिह व मंच संचालन राजेश कुमार ने किया।

देश के आर्थिक निर्माण में खेत मजदूरों की बड़ी भूमिका है, लेकिन सरकार की उपेक्षा के कारण देश में खेत मजदूरों की स्थिति अत्यंत खराब है। उक्त बातें शनिवार को बैरिया में सीपीआई के द्वारा आयोजित खेत मजदूर के अंचल सम्मेलन मे जिला मंत्री ओमप्रकाश क्रांति ने कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण खेत मजदूर का जीवन बदहाल होते जा रहा है। बेरोजगारी भ्रष्टाचार महंगाई के कारण खेत मजदूर काफी दयनीय जीवन जी रहे हैं। मनरेगा योजना में लूट एवं मशीनों का उपयोग होने से खेत मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। जिससे बड़े पैमाने पर खेत मजदूरों का पलायन हो रहा है। सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के कारण खेत मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इसके लिए भारत सरकार पूरी तरह जिम्मेवार है। सभी किसानों को एकजुट होकर अपने अधिकार के लिए लड़ना पड़ेगा। इनके साथ ही केदार चौधरी, ज्वालाकांत द्विवेदी, गुलाब प्रसाद, हरिशंकर साह, चंद्रिका प्रसाद, विरेंद्र राव, बबलू दुबे, अच्छेलाल चौधरी, राजेंद्र साह, पन्नालाल प्रसाद ने संबोधित किया।

जाति आधारित गणना के दूसरे चरण की तैयारी शुरू हो गयी है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से शुरुआत होने की संभावना है। हालांकि अभी इसके लिए कोई तारीख तय नहीं है। दूसरे चरण की गणना के अंतर्गत पहले चरण में चिह्नित किए गए सभी घरों और परिवारों की जाति के अलावा आर्थिक और सामाजिक स्थिति का भी जायजा लिया जाएगा। इसके लिए लोगों से करीब दो दर्जन प्रश्न पूछकर एक निर्धारित फॉर्मेट में भरे जायेंगे। ये सभी जानकारियां ऑनलाइन भी अपलोड की जाएंगी। ताकि आम लोग भी इसे देख सकें। दूसरे चरण के गणना कार्य के लिए 13 करोड़ से अधिक फॉर्म को छपवाने की योजना है। दो दर्जन से अधिक प्रश्नों वाले फॉर्मेट को सरकार के स्तर पर अंतिम रूप दिया जा रहा है। पहले चरण की गणना के बाद प्राप्त आंकड़ों को 9 फरवरी से वेबसाइट पर अपलोड करने का सिलसिला शुरू होगा। ये आंकड़े प्रगणक खंड या ब्लॉक के आधार पर दर्ज किए जाएंगे। यानी एक प्रगणक ने जिस क्षेत्र में मकान और परिवार को गिनने का कार्य किया है, उनके क्षेत्र या नजरी नक्शा के आधार पर दिये इलाके के आधार पर आंकड़ों को अपलोड किया जाएगा। इस तरह से डाटा अपलोड करने के कार्य को बिना किसी त्रुटि के करने के लिए आईटी प्रबंधकों से लेकर डाटा इंट्री ऑपरेटरों तक को ट्रेनिंग दी जा रही है। इस बाबत सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव ने सभी जिलों के डीएम को खासतौर से पत्र लिखा है। इसमें ट्रेनिंग से लेकर इस कार्य को सही तरीके से करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए गये हैं। आईटी प्रबंधकों का 4 फरवरी को एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण हुआ। 5 एवं 6 फरवरी को आईटी प्रबंधक और डाटा इंट्री ऑपरेटरों का दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं पोर्टल पर इंट्री का अभ्यास होगा। 8 फरवरी को प्रशिक्षण के बाद फीडबैक के आधार पर पोर्टल में जरूरी संशोधन होंगे। 9 फरवरी को पोर्टल पर लोकेशन मास्टर के आयात की कार्रवाई होगी। 9 फरवरी से पोर्टल पर डाटा इंट्री ऑपरेटर का कार्य शुरू होने के साथ ही डाटा अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सभी आंकड़ों को अपलोड करने के बाद इनका प्रिंट ऑउट निकाला जाएगा। इसका मिलान अपने-अपने क्षेत्र के चार्ज अधिकारी उपलब्ध आंकड़े से करेंगे। कोई गड़बड़ी होने पर इनमें सुधार किया जाएगा। सभी तरह से आंकड़े का मिलान करने के बाद ही इसे वेबसाइट पर अंतिम रूप से जारी किया जाएगा। इस कार्य की निगरानी मुख्यालय स्तर पर की जाएगी।

एसएसबी 47 वीं वाहिनी सशस्त्रत्त् सीमा बल रक्सौल पंटोका के तत्वावधान में नागरिक कल्याण कार्यक्रम-2022-23 के तहत सेनुवरिया बॉर्डर अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती क्षेत्र के बीस चयनित युवाओं का पंद्रह दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण का शुभारम्भ किया गया। खटिया मटिया पंचायत भवन के परिसर में अनेंद्र मणि सिंह कार्यवाहक कमान्डेंट के दिशा निर्देश में टीएच बसंता सिंह उप कमांडेंट व मुखिया तबरेज आलम, सरपंच गोरख पटेल सरपंच व जितेन्द्र कुमार सरेटा डारेक्टर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उप कमाडेंट श्री सिंह ने बताया कि पंद्रह दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण के दौरान बकरी की नस्ल, पालन, उनमें होने वाली बीमारियों व उनसे बचाव करने के उपाय इत्यादि के बारे में प्रशिक्षण दिया जायेगा। ताकि इससे बेरोजगार युवकों को उन्नत बकरी पालन में लाभकारी रोजगार प्राप्त हो सके। एसएसबी की ओर से सभी प्रशिक्षुओं को किताब, कलम व आवश्यक सामग्री भेंट की गयी व उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि एसएसबी देश की सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के विकास की दिशा में ऐसे अनेक कार्यक्रम चलाती है जो आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करती है। यह इसलिए भी कि सीमा क्षेत्र के बेरोजगार युवक मुख्यधारा से कटकर कहीं विरोधी कार्यों में ना लगे।

मोतिहारी रेलखंड के जीवधारा एलसी गेट संख्या 157 ए पर बंद गेट को खोलने के लिए गेटमैन को हथियार दिखाकर धमकी देने वाले स्कॉर्पियो चालक पर आरपीएफ थाने में एफआईआर दर्ज की गयी है। आरपीएफ एएसआई बिजेन्द्र सिंह व राकेश कुमार को गेटमैन दीपू कुमार ने बताया कि ड्यूटी के दौरान रात करीब 12.30 बजे उक्त गेट बंद था। उसी समय पश्चिम दिशा से एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो आकर रुकी। खोलने के लिए जीवधारा के स्टेशन मास्टर से अनुमति लेना चाहा। इतने में स्कोर्पियो चालक गाड़ी से उतरकर गाली देते हुए उसके करीब आ गया और हथियार दिखाकर जान मारने की धमकी देने लगा। हल्ला सुनकर चंद्रहिया बस्ती के कुछ लोग इकट्ठा हो गए और वाहन चालक को समझा-बुझाकर वहां से हटाया गया। इस मामले में गेटमैन के आवेदन पर चंद्रहिया निवासी स्कॉर्पियो चालक नरेश राम पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।

विश्व कैंसर दिवस पर सदर हॉस्पिटल के ओपीडी में जन जागरूकता व परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित लोगों के कैंसर की संभावित लक्षणों की जांच करने के साथ ही चिकित्सकों द्वारा इससे सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक परामर्श भी दिए गए। लोगों को यह जानकारी दी गई कि कैंसर जैसी भयावह बीमारी भी अब लाइलाज नहीं है। समय पर इसकी पहचान होने से इसका इलाज संभव है। आईडीए के केंद्रीय परिषद के सदस्य दंत चिकित्सक डॉ. प्रेम कुमार ने कहा आजकल बाजार में पाए जा रहे अधिकतर खाद्य पदार्थ ज्यादातर केमिकल्स के मिश्रण से बना होता है। इन खाद्य पदार्थों के अधिक इस्तेमाल कैंसर को बढ़ावा देने का काम करता है। इसके अलावा बहुत से लोग धूम्रपान व तम्बाकू का सेवन करते हैं जो मुंह कैंसर का कारण है। डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में भारत में कैंसर मरीजों की संख्या लगभग 25 लाख से ज्यादा है। नेशनल हेल्थ प्रोफाइल रिपोर्ट 2019 के अनुसार हर साल करीब 70 हजार लोगों की मौत कैंसर की वजह से होती है। जिनमें से 80 प्रतिशत मौतें लोगों की उदासीन रवैये के कारण होती है। कैंसर से बचाव के लिए लोगों को संतुलित खान-पान का सेवन करना चाहिए । इसके अलावा नियमित व्यायाम और शरीर का सन्तुलित वजन भी कैंसर होने से बचाए रखने में सहायक होता है। हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. गंगाधर तिवारी ने कहा कि सरकार द्वारा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित गैर संचारी रोग (एनसीडी) क्लीनिक में लोग अपने कैंसर की जांच करा सकते हैं । रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर उसे बेहतर चिकित्सा के लिए उत्कृष्ट मेडिकल अस्पताल भेजा जाता है। सचिव डॉ.संजीव कुमार ने कहा कि समय पर इलाज सबसे महत्वपूर्ण है। दांत रोग विशेषज्ञ डॉ अनिल झा, डॉ रवि रंजन कुमार ने बताया कि सर्वे के अनुसार जिला का 5 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू व बीड़ी का सेवन करती हैं।15 प्रतिशत युवा सिगरेट व तम्बाकू सेवन करते हैं।14 प्रतिशत व्यस्क तम्बाकू का सेवन करते हैं। नतीजतन मुंह का कैंसर जिले में बढ़ रहा है। इसको लेकर सरकार को जगरूकता अभियान चलाना चाहिये। सीएस डॉ. अंजनी कुमार ने बताया कि कैंसर दिवस पर जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर 4 से 10 फरवरी तक कैंसर जांच शिविर चलेगा। एनसीडी के सभी केंद्र पर जांच चलेगा। इस दौरान मिले कैंसर के मरीज को जांच व इलाज के लिये हायर सेंटर भेजा जाएगा। अध्यक्षता एसोसिएशन के ज़िला अध्यक्ष डॉ.अनूप कुमार ने की। इस अवसर पर आईडीए के ज़िला उपाध्यक्ष डॉ.इपशिता, डॉ.वत्सल निधि, डॉ. जार्यब,डॉ. डॉ. अमरेश महर्षि,डॉ गौरव,अमेंद्र उपाध्या,शांकर राय,उपेन्द्र आदि उपस्थित थे।

विगत उन्नीस-बीस में सम्पन्न बींसवी पशुगणना के आंकड़े बताते हैं कि जिले में कुल तेईस लाख पैंतालीस हजार चार सौ पैंतीस पशु हैं। जबकि विगत दो हजार सात में सम्पन्न अठारहवीं पशुगणना में जिले में मात्र अठारह लाख पशु थे। साथ ही दो हजार बारह में हुई उन्नीसवीं पशुगणना के अनुसार कुल चौदह लाख चौरानबे हजार दो सौ पचपन पशु थे। बीसवी पशुगणना के मुताबिक जिले के तेईस लाख पैंतालीस हजार चार सौ पैंतीस कुल पशुओं में गोे जाति के पशु तीन लाख बानबे हजार सत्तर तथा भैंस जाति के पशुओं की संख्या तीन लाख छियासठ हजार चार सौ सैंतीस है। एक हजार तीन सौ चौदह भेड़,आठ लाख सड़सठ हजार छह सौ छियानबे बकरियां,नौ सौ तिहत्तर घोड़े,नौ सौ इकहत्तर खरगोश, छह हाथी आदि शामिल हैं। वहीं उन्नीसवीं पशुगणना में जिले में गो जाति के देशी व संकर नस्ल के पशुओं की कुल संख्या तीन लाख अड़सठ हजार आठ सौ चौहत्तर थी। भैंस जाति के पशु तीन लाख चौवालीस हजार एक सौ तेईस तथा बकरियों व बकरों की संख्या सात लाख छप्पन हजार नौ सौ सत्तासी थी। हर पांच साल पर होती है पशुओं की गणना डीएचओ डा.प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पशुगणना प्रत्येक पांच साल पर होती है। इक्कीसवीं पशुगणना अगले वर्ष जनवरी में संभावित है। सरकार के द्वारा अभी तक किसी प्रकार की कोई सूचना जिला पशुपालन विभाग को नहीं दी गयी है।

उधार दिया हुआ रुपया मांगने पर एक युवक को उठाकर अपने घर ले जाकर रस्सी से बांधकर जमकर पिटाई कर दी। मामले में पीड़ित युवक के आवेदन पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। मामला रघुनाथपुर ओपी थाना के भलुआ गांव का है। जख्मी उक्त गांव का सन्नी कुमार है। पुलिस को जख्मी ने बताया है कि गांव के ही एक व्यक्ति के दरवाजे पर बैठा था। उसने पांच हजार रुपये गांव के ही अनिल सहनी व ढोड़ा सहनी को उधार दिया था। जब वह पैसा मांगा तो उनलोगों ने कहा कि तुम्हारा पैसा नही देंगे। जब उसने जिद्द किया तो दोनों उसे उठाकर अपने घर ले गये। जान मारने की नीयत से रस्सी से हाथ पैर बांध लोहे के रॉड से मारकर जख्मी कर दिया। चिल्लाने पर ग्रामीणों ने आकर उसकी जान बचाई। ओपी प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि एससी एसटी सहित अन्य धाराओं में चार पर प्राथमिकी की गई है। र आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

बाइक चलाना सीख रहा था नाबालिग, सामने से आ रही बाइक ने मारी टक्कर, दोनों घायल।