फेनहारा प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फेनहारा में गुरुवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 80 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच डॉक्टर अमित कुमार के द्वारा किया गया वहीं सभी महिलाओं को जांच के बाद दवा दिया गया और मौके पर डॉक्टर नवीन कुमार पांडे सुशांत, नवल किशोर प्रसाद, मोहम्मद फारूक अशरफ, मोहम्मद इमरान, सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे

फेनहारा थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांव से फेनहारा पुलिस ने छापेमारी कर दो शराब तस्कर को 5 लीटर देशी चुलाई शराब के साथ गिरफ्तार किया, गिरफ्तार शराब तस्कर मधुरापुर निवासी दिलीप कुमार है, दिलीप कुमार के पास से 5 लीटर देसी चुलाई शराब बरामद हुआ, वहीं दूसरा शराब तस्कर बिशुनपुर बसन्त निवासी धुरूप सहनी को गिरफ्तार किया,जिस पर फेनहारा थाना में एक शराब तस्करी का मामला दर्ज है जिसमें वह फरार चल रहा था थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि दोनों शराब तस्कर को मोतिहारी जेल भेज दिया गया है छापेमारी में जमादार राजीव रंजन कुमार सहित अन्य पुलिस बल शामिल थे

सरकारी स्कूलों में चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू होगा। इसके लिए कक्षा एक से 12वीं तक के बच्चों को आईडी नंबर मिलेगा। उसमें बच्चों का पारिवारिक और पढ़ाई के इतिहास का ब्योरा दर्ज होगा। इससे एक क्लिक से पता किया जा सकेगा कि बच्चे ने कहां-कहां पढ़ाई की व उसके परिवार के लोग क्या करते हैं। यू-डायस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) में सभी स्कूलों को कक्षावार प्रत्येक बच्चे की पूरी जानकारी देनी है। इसमें बच्चे का नाम, उम्र, माता-पिता का नाम, पेशा आदि शामिल होंगे। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय द्वारा सभी स्कूलों में चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। सभी बच्चों को एक आईडी नंबर मिलेगा:बच्चों को जो आईडी नंबर मिलेंगे वह उसके आईकार्ड पर दर्ज होंगे। ऐेसे में अगर कोई बच्चा एक स्कूल छोड़ कर दूसरे में नामांकन लेता है तो उसकी पूरी जानकारी प्राप्त करना आसान होगा। इसके अलावा अगर कोई बच्चा स्कूल से ड्रॉपआउट हो जाता है तो भी इसकी जानकारी मिल जाएगी। स्कूल छोड़ने के बाद अगर बच्चे ने किसी अन्य स्कूल में नामांकन नहीं लिया है, तो इसकी भी जानकारी प्राप्त हो जायेगी। अब सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा निजी और सरकारी स्कूल प्रशासन से यू-डायस में बच्चे की पूरी जानकारी भरवाई जाएगी। ज्ञात हो कि अभी तक यू-डायस पर स्कूल की मूलभूत सुविधाओं, शिक्षकों की जानकारी के साथ बच्चों की संख्या दर्ज होती थी। लेकिन अब हर बच्चे का पूरा परिचय भी दर्ज होगा। सभी स्कूलों को 15 फरवरी तक यू-डायस पर ब्योरा देना है।

जिले में धान खरीद में धान मिलिंग के लिए राइस मिलर की संख्या कम पड़ रही है।राइस मिलों की संख्या अधिप्राप्ति की तुलना में कम पड़ने से पैक्स को मिलिंग के लिए धान आपूर्ति में काफी परेशानी हो रही है। सहकारिता विभाग के दावे के अनुसार करीब छह दिनों बाद राइस मिलरों को समितियों के द्वारा अपने वाहन से धान आपूर्ति का नंबर आ रहा है। जबकि सूत्रों के अनुसार समितियों को इससे अधिक समय बाद धान आपूर्ति की बात बतायी जा रही है। जिससे पैक्स के गोदाम फुल हो जा रहे हैं। लिहाजा समितियों के माध्यम से धान खरीद की रफ्तार सुस्त पड़ी है। जिसके कारण जिले में 2.51 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध 16 हजार 490 किसानों से 1.54 लाख मीट्रिक टन ही धान की अधिप्राप्ति हो सकी है। इसमें 12 हजार 647 किसानों को 24735 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। 1134 लॉट सीएमआर एसएफसी को जमा किया जा चुका है। जिले में सीएमआर के लिए अरवा चावल के 28 राइस मिलर हैं ,जिसमें पैक्स के हैं। इन राइस मिलरों के यहां 19 हजार 552 मीट्रिक टन धान कुटाई की क्षमता है। जबकि उसना चावल कुटाई के 8 राइस मिलर हैं। इन आठ राइस मिलर को शेष 2.31 लाख मीट्रिक टन धान की कुटाई का लक्ष्य दिया गया है। जिला को ऑपरेटिव बैंक के एमडी राजेश कुमार ने बताया कि धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक निर्धारित है। जबकि सीएमआर जमा कराने की तिथि 31 अगस्त तक निर्धारित है। बताया कि सीएमआर के लिए मिलरों के पास समितियों को टैग किया गया है। मिलरों ंकी संख्य कम होने से करीब छह दिनों बाद पैक्स के द्वारा मिलरों को धान आपूर्ति का मौका मिल रहा है।

पूर्वी चंपारण के लाल राजवीर सिंह राजपूत ने बॉलीवुड में अपनी सफलता के झंडे गाड़ने शुरू कर दिये है। कड़े संघर्ष के बाद उनके काम को पहचान मिल रही है, इसकी सराहना हो रही है, लोगों को उनका टैलेंट दिख रहा है। इससे उनके हौसले बुलंद हैं। बता दें कि बिहार की कहानी पर बनी वेब सीरीज मछली को राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में नंबर वन वेब सीरीज का अवार्ड मिला है। जिस में मुख्य भूमिका में बिहार के मोतिहारी जिले से आने वाले अभिनेता राजवीर सिंह राजपूत हैं। यह वेब सीरीज विदेशों में अमेज़न प्राइम पर स्ट्रीम की जा रही है, जिसे बेहद शानदार रिस्पांस भी मिल रहा है। वेब सीरीज ’’मछली’’ में राजवीर सिंह राजपूत पुलिस ऑफिसर शशिकांत सहाय की भूमिका में नजर आ रहे हैं। वेब सीरीज को सिया के राम, बाल शिव पृतजीविबल फेम निर्देशक अनिमेष वर्मा ने डायरेक्ट किया है, जबकि प्रोड्यूसर भी वे अर्चना डी शर्मा के साथ खुद है, रतन झा ने वेब सीरीज ’मछली’’ का छायांकन किया है। वेब सीरीज को लेकर राजवीर सिंह राजपूत ने कहा कि यह बेहद रोमांचक कहानी पर आधारित वेब सीरीज है जिसे देखकर लोग रोमांचित महसूस करेंगे। इस वजह से ही इस वेब सीरीज को राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में नंबर वन वेब सीरीज का भी अवार्ड मिला है। इसके लिए वेब सीरीज ’’मछली’’ की पूरी टीम राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आभार प्रकट करती है। उन्होंने कहा कि मैं बिहार मोतिहारी जिले से आता हूं और बिक्रमगंज का निवासी हूं इसलिए बिहार की पटकथा पर बनी इस सीरीज में काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही। जैसा कि सबको पता है बिहार में शराबबंदी है तो वेब सीरीज में मेरी एंट्री एक ऐसे ही डायलॉग के साथ होती है कि ’शराबबंदी का पालन हो रहा है या नहीं’। इस मजेदार वेब सीरीज की शूटिंग बिहार के कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, हाजीपुर और पटना जैसे खूबसूरत लोकेशन पर हुई है। उसके प्रस्तुतकर्ता पाटलिपुत्र सिने क्राफ्ट एंटरटेनमेंट और रचायित फिल्म्स है। इसमें राजवीर सिंह राजपूत के साथ अमित जैक, राजेश राजा, अमरेंद्र अम्मू, राहुल आर्यन, तनु हाशमी, ईशा नारायण, अर्पित मिश्रा, संदीप यादव, शशांक शेखर और मनोज मुख्य भूमिका में है। बात करें अगर बॉलीवुड अभिनेता राजवीर सिंह राजपूत की तो उन्होंने अब तक सब टीवी के लिए कृष्ण कन्हैया, स्टार प्लस के लिए तुम बिन जिया जाए ना और तू सूरज में सांझ पिया, दूरदर्शन के लिए चलो साफ करें, बिग मैजिक के लिए अकबर बीरबल, डीडी किसान के लिए जय हो भारतीय, सोनी टीवी के लिए क्राइम पेट्रोल, चिड़ियाघर, सावधान इंडिया जैसे कई टीवी शोज में नजर आ चुके हैं। वे डिजनी हॉट स्टार के लिए स्काइप लाइव और बिटकॉइन वेब सीरीज भी कर चुके हैं। इतना ही नहीं, वे अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित सैफ अली खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी स्टार वेब सीरीज ’’सेक्रेड गेम्स’’ मूवी में नजर आए हैं। इसके अलावा अल्ट बालाजी के लिए निमृत कौर और जूही चावला के साथ द टेस्ट केस भी उन्होंने काम किया है।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत अब सभी प्रसूताओं का एएनसी(एंटी नेटल चेकअप) जांच करना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही चिह्नित रिस्क वाले प्रसूताओं पर लगातार नजर रखने व प्रसव के समय विशेष निगरानी रखने का निर्देश जारी किया गया है। जच्चा बच्चा को सुरक्षित रखने के लिए शुरू की गयी है यह योजना जच्चा बच्चा सुरक्षित रहे इसको लेकर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना शुरू की गयी है। इस योजना के तहत हर महीने हाई रिस्क वाली प्रसूता का लिस्ट बना कर राज्य स्वास्थ्य समिति को सूचना दी जानी है। बताते हैं कि जानकारी के अभाव में कई हाई रिस्क वाली प्रसुता के या तो प्रसब से पूर्व गर्भ का नुकसान हो जाता है या फिर प्रसव के समय जच्चा बच्चा के जान पर खतरा हो जाता है। इसको लेकर यह अभियान चलाने व प्रसुता को प्रसव के पूर्व जांच करने समय पर दवा से लेकर भोजन की जानकारी देने को कहा गया है। 9 व 21 फरवरी को विशेष कैंप लगा होगी जांच जानकारी के अनुसार 9 व 21 फरवरी को प्रधानमंत्री सुरक्षित प्रसव योजना के तहत सदर अस्पताल सहित प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों पर विशेष कैम्प लगा कर प्रसुता की जांच, इलाज व प्रसव के पूर्व बरती जाने वाली सावधानियों की जामकारी देने को कहा गया है। इस दौरान अगर कोई हाई रिस्क प्रसुता चिन्हित की जाती हैं तो उनका नाम, पता व मोबाइल नम्बर लेने का निर्देश दिया गया है। वहीं, उसकी सूची 22 फरवरी को राज्य स्वास्थ्य समिति को देने का निर्देश दिया गया है।

मोतिहारी डीएम की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला टास्कफोर्स धान खरीद कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक मंगलवार को की गई। डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने डीसीओ को निर्देश देते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा किसानों का ऑनलाइन निबंधन सुनिश्चित करें। लक्ष्य के अनुसार धान अधिप्राप्ति सुनिश्चित करें। डीसीओ ने बताया कि राइस मिलों से एकरार नामित समितियों को लॉट के समतुल्य गन्नी बैग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जा चुका है। समितियों का राइस मिल के साथ टैगिंग शीघ्र सुनिश्चित कराने के लिए उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश दिए । जिले में 2 लाख 51 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है। धान खरीद की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक निर्धारित है। जिला में उसना 10 व पैक्स के अरवा 28 राइस मिल हैं जिसमें 8 उसना राइस मिलों व 28 पैक्स अरवा राइस मिल से समितियों का टैगिंग कर दिया गया है। सहकारिता पोर्टल पर निबंधित किसानों की संख्या 33011 है। चयनित समितियों को दिए गए लक्ष्य का 70 प्रतिशत कैश क्रेडिट उपलब्ध करा दिया गया है। 378 पैक्स व 09 व्यापार मंडल का अधिप्राप्ति के लिए चयन कर लिया गया है। जिले के 16 हजार 490 किसानों से 154539 मीट्रिक टन धान की खरीद की गयी है। जिसमें12647 किसानों को 24735 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। बताया कि 1134 लॉट सीएमआर एसएफसी में जमा हो चुका है। डीडीसी समीर सौरभ, अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्रेष्ठ अनुपम,डीसीओ आरएन पांडेय, डीएम एसएफसी जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, ओएसडी गौरव कुमार, डीपीआरओ गुप्तेश्वर कुमार, प्रबंधक सहकारिता बैंक राजेश कुमार, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा मंगलवार को केसरिया पहुंची। जहां कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पितांबर चौक पर पद यात्रियों का स्वागत किया। नेतृत्व कर रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह को कार्यकर्ताओं ने फूल-माला से लाद दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व सांसद स्वर्गीय पितांबर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद कहा कि चंपारण की इसी धरती से महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन का बिगुल फूंका था। अब चंपारण वासियों ने केन्द्र की भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प ले लिया है और इसकी शुरुआत जिले वासियों ने भाजपा समर्थक जिला परिषद् अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को हराकर कर दिया है।एमएलसी और मेयर चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने के लिए चंपारण वासियों को उन्होंने धन्यवाद दिया। डॉ सिंह ने कहा कि कांग्रेस की यह यात्रा बिहार और देश की राजनीति में मील का पत्थर साबित होगी। जनसभा की समाप्ति के बाद हजारों कार्यकर्ताओं के साथ नफरत छोड़ो भारत जोड़ो के नारे के साथ सभी पदयात्री विश्वप्रसिद्ध बौद्ध स्तूप होते हुए मुजफ्फरपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर गये।

पोस्ट आफिस रोड स्थित एक ट्रांसपोर्ट के आगे मंगलवार आक्रोशित लोगों ने शव को रखकर प्रदर्शन किया। लोग उक्त ट्रांसपोर्ट मालिक से मुआवजे की मांग कर रहे थे। मृतक कपिलेश्वर कुमार (32)कल्याणपुर के नरदरवा का निवासी तथा पेशे से चालक था । घटना के संबंध में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि मृतक चकिया के मोतिहारी रोड स्थित एक व्यवसाई के यहां चालक का काम करता था। सोमवार की रात मुजफ्फरपुर जाने के क्रम में उसके पिकअप का टायर पानापुर के पास पंक्चर हो गया।पंक्चर बनाने उतरा कपिलेश्वर पीछे से आ रहे ट्रांसपोर्ट के वाहन की चपेट में आ गया। जिस कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के समय उक्त व्यवसाई भी अपने पिकअप पर सवार था।पानापुर पुलिस ने सूचना पर कार्रवाई करते हुए उक्त ट्रांसपोर्ट वाहन को जब्त कर लिया।मंगलवार पोस्टमार्टम के उपरांत मृतक के परिजनों ने शव को उक्त ट्रांसपोर्ट के दरवाजे पर रख प्रदर्शन किया।आक्रोशित लोगों ने चकिया-केसरिया रोड पर आगजनी कर उसे जाम कर दिया।प्रदर्शन कर रहे लोग ट्रांसपोर्ट के मालिक से मुआवजे की मांग कर रहे थे।विधि व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए मौके पर चकिया थाना पुलिस पहुंची।जहां एसआई संदीप कुमार ने लोगों को समझाने का प्रयास किया।

दो वर्षों के अथक प्रयास से उत्कृष्ट पशु प्रजनन केंद्र के वैज्ञानिकों को आखिरकार सफलता मिली है। देसी नस्ल की गायों के विकास व संरक्षित करने के लिए जारी परियोजना के तहत भ्रूण प्रत्यारोपण से पहली बछिया को जन्म दिया है। पशु प्रजनन केंद्र के निदेशक डॉ. सुमित सिंघल के नेतृत्व में आधा दर्ज वैज्ञानिक वर्ष 21 से इस कार्य में लगे थे। कई असफलताओं को पीछे छोड़ टीम के प्रयास से 8 जनवरी को सफलता मिली। हालांकि पीपराकोठी केंद्र पर अनुकूल वातावरण युक्त प्रयोगशाला नहीं होने के कारण बछिये का जन्म डॉ. राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा के प्रयोगशाला में बछिये का जन्म कराया गया। डॉ. सुमित सिंघल ने बताया कि सितम्बर 21 पहली बार सफलतापूर्वक डेमोंस्ट्रेशन किया गया। जिसके अंतर्गत देसी सांड से भ्रूण को निकाला गया। व पूसा के विशिष्ट वैज्ञानिकों के टीम को दिखाया गया। जहां से हरी झंडी मिलने के बाद भ्रूण को पांच संकर नस्ल के गायों में प्रत्यारोपित किया गया। जिसमें एक गाय के मामले में असफलता मिली वहीं दूसरे ने सफलतापूर्वक बछिये को जन्म दिया। शेष तीन गायें गर्भाधान कर अभी स्वस्थ्य हैं। जिसमें भी सफलता मिलने की सौ फीसद उम्मीद जताई जा रही है। कार्य में लगे थे वैज्ञानिक: इस डेमोस्ट्रेशन में एक वर्षों से आधा दर्जन वैज्ञानिक लगे थे। जिसमें डॉ. सुमित सिंघल, डॉ.नरेंद्र कुमार, डॉ. कृष्ण मोहन कुमार, पूसा के डॉ. प्रमोद कुमार व डॉ.आरके अस्थान का नाम शामिल है। बिहार का दूसरा संस्थान बना उत्कृष्ट पशु प्रजनन केंद्र: विज्ञान के इस सफलता से पीपराकोठी के उत्कृष्ट पशु प्रजनन केंद्र बिहार का दूसरा संस्थान बन गया है। इसके पूर्व बसु पटना वेटनरी कॉलेज के वैज्ञानिकों को यह सफलता मिल चुका है। क्या है भ्रूण स्थानांतरण: डॉ.सुमित सिंघल ने बताया कि यह मल्टीपल ओव्यूलेशन और एम्ब्रियो ट्रांसफर  तकनीक के रूप में भी जाना जाता है। इसका उपयोग बेहतर मादा डेयरी जानवरों की प्रजनन दर को बढ़ाने के लिए किया जाता है। आम तौर पर, एक साल में एक गाय से एक बछड़ा या बछिया प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन एमओईटी तकनीक के इस्तेमाल से एक गाय से एक साल में 10-20 बछड़े मिल सकते हैं। एक बढ़िया नस्ल की गाय को सुपर-ओव्यूलेशन को प्रेरित करने के लिए एफएसएच जैसी गतिविधि वाले हार्मोन दिए जाते हैं। हार्मोन के प्रभाव में, मादा सामान्य रूप से उत्पादित एक अंडे के बजाय कई अंडे देती है। एस्ट्रस के दौरान 12 घंटे के बाद पर सुपर-ओवुलेटेड मादा का 2-3 बार गर्भाधान किया जाता है और फिर विकासशील भ्रूणों को फिर से प्राप्त करने के लिए इसके गर्भाशय को गर्भाधान के बाद मध्यम 7वें दिन से फ्लश किया जाता है। एक विशेष फिल्टर में फ्लशिंग माध्यम के साथ भ्रूण एकत्र किए जाते हैं और माइक्रोस्कोप के तहत भ्रूण की गुणवत्ता का आकलन किया जाता है। अच्छी गुणवत्ता वाले भ्रूण या तो जमे हुए होते हैं और भविष्य में स्थानांतरण के लिए संरक्षित होते हैं या गर्मी की तारीख के लगभग सात दिनों के बाद प्राप्तकर्ता जानवरों में ताजा स्थानांतरित हो जाते हैं। इस प्रकार एक अच्छी नस्ल के डेयरी पशु से एक साल में कई बछड़ों का उत्पादन किया जा सकता है। बताया कि देसी नस्ल के गायों के संरक्षण के लिए केंद्र इस तकनीक पर कार्य कर रही है। क्या कहते हैं निदेशक: उत्कृष्ट पशु प्रजनन केंद्र के निदेशक डॉ. सुमित सिंघल ने कहा कि यह सामूहिक प्रसास का परिणाम है। कहा कि गोकुल मिशन एक मेगा प्रोजेक्ट है। जिसका लाभदायी परिणाम अब आने लगा है।