एनकोयस टीम सदर अस्पताल की व्यवस्था से लेकर चिकत्सीय सुविधा की जांच करने सोमवार को मोतिहारी पहुंची। यह टीम पटना से आई है। टीम तीन दिनों तक सदर अस्पताल की चिकित्सीय व्यवस्था का जायजा लेगी। इसके लिए टीम अपने साथ चेक लिस्ट रखी है।इस चेक लिस्ट के अनुसार चिकित्सीय व्यवस्था की पड़ताल करेगी। इसके बाद टीम फिर विभाग वार व्यवस्था की मार्किंग करेगी।जांच टीम के द्वारा प्रसव लेबर रूम,ओटी ब्लड बैंक महिला वार्ड के अलावा इमरजेंसी व्यवस्था का जायजा लिया गया । मंगलवार को टीम के द्वारा दवा स्टोर, एएनसीयू आईएसीयू, आउटडोर सहित अन्य व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा। । तीन दिनों के जांच के बाद टीम बताएगी की क्या क्या कमी है। कितना नम्बर किस विभाग को दिया गया है। बताते हैं कि यह टीम साफ सफाई से लेकर जेनरेटर व्यवस्था का भी जायजा प्रबन्धक भारत भूषण से लिया है। इसके अलावा वार्ड के वार्डेन से भी व्यवस्था की जानकारी ली। टीम के साथ डीएस डॉ एसएन सिंह, राजेश पांडे ,डीपीसी नंदन झा सहित अन्य थे। टीम अभी कुछ भी बताने से परहेज कर रही है।

मेंटर्स एडुसर्व की ओर से शहर में जेईई (मेन व एडवांस्ड)व नीट की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के मार्गदर्शन व उनके मन में उठने वाले सवालों के समाधान के लिए निशुल्क सेमिनार का आयोजन किया गया। शहर के टाउन हॉल में आयोजित सेमिनार में मेंटर्स एडुसर्व के विशेषज्ञ गुरुओं ने विद्यार्थियों व अभिभावकों को जेईई व नीट की तैयारी के लिए अपनाए जाने वाले सही तरीकों से अवगत कराया। सेमिनार में 11वीं व 12वीं के साथ-साथ छठी से 10वीं तक के बच्चों ने भी भाग लिया । सभी ने विशेषज्ञ गुरुओं से अपने-अपने सवालों का समाधान प्राप्त किया। मेंटर्स एडुसर्व की ओर से स्थानीय स्तर पर जेईई एवं नीट के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र व शॉल देकर सम्मानित किया गया ।विद्यार्थियों व अभिभावकों को देश के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए की जाने वाली तैयारी के टिप्स दिए गये।

बीआरएबीयू के पार्ट वन की परीक्षा में चार हजार छात्रों का रिजल्ट कॉलेजों ने अटका दिया है। इन कॉलेजों से छात्रों के इंटरनल और प्रैक्टिकल के अंक परीक्षा विभाग को अबतक नहीं पहुंचे हैं। प्रैक्टिकल के अंक नहीं आने से इन छात्रों का रिजल्ट तैयार नहीं हुआ है। ऐसे कॉलेजों में ज्यादा संबद्ध कॉलेज हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ टीके डे ने बताया कि जिन कॉलेजों ने इंटरनल के अंक नहीं भेजे हैं, उन्हें रिमांडर भेजा गया है। बिहार विवि में पार्ट वन का रिजल्ट बनकर तैयार है, कॉलेजों के इंटरनल के अंक नहीं आने से रिजल्ट जारी नहीं किया जा रहा है।परीक्षा विभाग के अनुसार कुलपति ने भी रिजल्ट जारी करने का निर्देश दे दिया है। सवा लाख छात्रों ने दी थी पार्ट वन की परीक्षासवा लाख छात्रों ने पार्ट वन की परीक्षा दी थी।जनवरी में कॉपियों का मूल्यांकन शुरू किया गया था। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि कुछ कॉलेजों के कारण मामला फंसा हुआ है।कोशिश है कि पार्ट वन में एक भी छात्र का रिजल्ट पेंडिंग नहीं हो। कालेजों को ईमेल से रिमाइंड भी भेज दिया है। छूटेछात्रों की होगी प्रैक्टिकल परीक्षा बीआरबीयू के पार्ट थ्री सत्र 2019-22 के जिन छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षा छूट गई है उनकी विशेष प्रैक्टिकल परीक्षा 10 अप्रैल को होगी। परीक्षा के लिए एलएस कॉलेज को सेंटर बनाया गया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ टीके डे ने बताया कि परीक्षा के लिए छात्रों को 500 रुपये का शुल्क जमा करना होगा। चालान की एक प्रति परीक्षा केंद्र पर जमा की जायेगी। इसके बाद कोई विशेष प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं होगी।

बिहार में औद्योगिक विकास को लेकर भूमि के पट्टे की अवधि का निर्धारण आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार (आइडा) करेगा। सोमवार को इससे संबंधित संशोधन विधेयक को विधान मंडल के दोनों सदनों से पारित कर दिया गया। इससे संबंधित आधारभूत संरचना विकास सामर्थ्यकारी (इनेबलिंग) (संशोधन) विधेयक, 2023 उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ द्वारा लाया गया जिसे सदन ने अपनी मंजूरी दे दी। श्री महासेठ के अनुसार राज्य में औद्योगिकीकरण में आ रही बाधाओं को दूर करना एक सतत प्रक्रिया है। सरकार ने इसी उद्देश्य से बिहार राज्य आधारभूत संरचना विकास सामर्थ्यकारी अधिनियम, 2006 लागू किया है। इस अधिनियम की अनुसूचित 5-2-क में भूमि के पट्टे की अवधि का वर्णन है। इसमें भूमि 33 वर्षों के लिए ही निजी प्रक्षेत्र को सौंपे जा सकने का प्रावधान है। इससे एक मानसिकता निजी क्षेत्र की बन जाती है कि 33 वर्षों के बाद क्या होगा और लोग परियोजना शुरू करने में हिचकिचाते हैं। इसी को सरल करने के लिए यह संशोधन विधेयक लाया गया।

जिला स्तर से सैरातों की बंदोबस्ती नहीं होने पर अब पंचायत व अंचलों को इसकी डाक की जिम्मेवारी सौंपी गयी है। पंचायती राज विभाग के अधीन किये व 50 हजार रुपये तक की बंदोबस्ती की शक्ति ग्राम पंचायत को दी गयी है। 50 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक के सैरातों की बंदोबस्ती की शक्ति पंचायत समिति को दी गयी है। एक लाख से पांच लाख रुपये तक के सैरातों की बंदोबस्ती की शक्ति जिला परिषद को दी गयी है। वर्ष 2023-24 के लिए समय पर बंदोबस्ती कराने का निर्देश दिया है। पांच लाख एक रुपये से अधिक सुरक्षित जमा वाले सैरातों की बंदोबस्ती जिला स्तर से पांच लाख एक रूपये से अधिक सुरक्षित जमा वाले सैरातों की बंदोबस्ती जिला स्तर से होगी। इसमें ढाका अंचल के पचपकड़ी बाजार की सुरक्षित राशि 32 लाख 19 हजार 921 रुपये, घोड़ासहन अंचल के घोड़ासहन बाजार 20 लाख 41 हजार 528 रुपये व भेलवा बाजार की 29 लाख 10 हजार 228 रुपये, मोतिहारी के लखौरा बाजार की 9 लाख 25 हजार 750 रुपये,पीपराकोठी अंचल के जीवधारा सब्जी बाजार की 5 लाख 35 हजार 613 रुपये व केसरिया अंचल के सेमुआपुर मवेशी मेला की 10 लाख 80 हजार 393 रुपये सुरक्षित जमा निर्धारित है। केसरिया अंचल के सेमुआपुर फलक की 5 लाख 55 हजार 135 रुपये, छौड़ादानो अंचल के नरकटिया बाजार की 12 लाख 49 हजार 763 रुपये, पकड़ीदयाल अंचल के चोरमा बाजार की 5 लाख 92 हजार 250 रुपये, तेतरिया अंचल के तेतरिया गुदरी हाट की 10 लाख 47 हजार 650 रुपये व संग्रामपुर अंचल के संग्रामपुर बाजार की 14 लाख 97 हजार 875 रुपये सुरक्षित जमा निर्धारित है। 31 मार्च तक जिन हाट व बाजार की डाक नहीं हो सकी है,उसकी बंदोबस्ती करते हुए विभागीय वसूली से प्राप्त राशि अनिवार्य रूप से भेजने का निर्देश दिया गया है।

जिला परिषद अंतर्गत बीस सैरातों की बंदोबस्ती करने के लिए सीओ को जिम्मेवारी सौंपी गयी है। अपर समाहर्त्ता के द्वारा जारी निर्देश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए विभागीय स्तर पर डाक व राजस्व वसूली के लिए अरेराज, चिरैया,रामगढ़वा, पहाड़पुर, ढाका, सुगौली, कोटवा,तुरकौलिया, हरसिद्धि, चकिया, मेहसी,केसरिया व रक्सौल सीओ को पत्र जारी किया गया है। जिन सैरातों की डाक नहीं हो सकी है,उसे सीओ के द्वारा डाक करते हुए विभागीय स्तर पर राजस्व की वसूली की जाएगी। इसमें अरेराज अंचल के नवादा पशु मेला व अरेराज बाजार, चिरैया अंचल के गोखुला बाजार टोला खड़तरी, रामगढ़वा अंचल के रामगढ़वा बाजार, पहाड़पुर अंचल के सिसवा बाजार, चिरैया अंचल के महुआवा बाजार, ढाका अंचल के मेसौढ़ा बाजार व गुरहनवा पशु मेला, सुगौली अंचल के रघुनाथपुर बाजार, कोटवा अंचल के भोपतपुर बझिया बाजार, तुरकौलिया अंचल के तुरकौलिया बाजार, हरसिद्धि अंचल के हरसिद्धि बाजार, चकिया अंचल के बखरी हाट बाजार की होगी।

इजरा गांव में दो चचेरे भाई की अर्थी एक साथ निकलते समय परिजनों के चीख पुकार से पूरे गांव मातमी सन्नाटा फैल गया। पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचने की जानकारी होते ही ग्रामीणों के भीड़ मृतक के दरवाजे पर उमड़ पड़ी। विश्वकांत पाण्डेय का तो परिवार ही उजड़ गया। उनके एकलौते पुत्र प्रिंस की अभी डेढ़ वर्ष पहले ही शादी हुई थी व 11 माह का दुधमुंही बच्ची को छोड़ वह चल बसा। उसकी पत्नी अर्चना देवी बहनों व परिवार के अन्य सदस्यों के चीत्कार से सभी आंखें नम हो गई थी। परिजनों को क्या पता बजरंगी के यज्ञोपवित संस्कार के बाद दो चचेरे भाई की अर्थी एक साथ दाहसंस्कार के लिए निकलेगी। बेटे का चिता निकलता देख पिता विश्वकांत पाण्डेय व अनिल पाण्डेय बेहोश हो गये। वहीं प्रिंस की पत्नी अर्चना की स्थिति नाजुक है। उसका इलाज चल रहा है। पूर्व विधायक राजन तिवारी व प्रमुख अपर्णा त्रिपाठी के प्रतिनिधि सुजीत तिवारी,लोजपा आर नेता गप्पू मिश्र, पूर्व मुखिया राज रंजन मिश्र आदि ने सरकार से मुआवजा राशि जल्द से जल्द देने की मांग की। सीओ सुरेश पासवान ने बताया कि आपदा के

छतौनी स्थित प्राइवेट बस स्टैंड में सुविधाओं का अभाव है। जिससे यात्रियों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। गर्मी के दिनों में पीने का पानी हो या धूप से बचने के लिए प्रतिक्षालय। सबसे अधिक परेशानी बरसात के दिनों में होता है। जल-जमाव से गढ्ढे में यात्री गिरकर चोटिल हो जाते है। बस स्टैंड में यात्रियों सुविधाओं का टोटा है। बस स्टैंड से विभिन्न स्थानों के लिए रोजाना दो से ढाई सौ छोटी बड़ी बसे खुलती है। लेकिनयात्रियों को सुविधा के नाम पर कुछ भी उपलब्ध नहीं होता है। गर्मी के समय में यात्री बोतल का पानी पीने को मजबूर होते है। बस स्टैंड में रात्रि के समय लाईट के अभाव के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है। यात्री शेड प्रतिक्षालय पर अवैध लोगों का कब्जा है। एक बस इंचार्ज रौशन सहनी व नागेन्द्र सिंह का कहना है कि बस स्टैंड में यात्रियों के लिए सुविधाओं का अभाव है। स्टैंड में एक प्रतिक्षालय है जिसमें यात्री रात गुजारते है। वही कुछ प्रतिक्षालय पर जुआरियों व गजेड़ियों का अवैध कब्जा है। पटना या उस रुट में जाने वाली बस जब स्टैंड से खुलकर जब नेशनल हाईवे पर पहुंचती है तो वहां खड़ी गाड़ी पर चढ़ने के लिए यात्रियों को सड़क किनारे बने गढ्ढे से होकर गुजरना पड़ता है। कभी-कभार यात्री गढ्ढे में गिरकर चोटिल हो जाते है। मुजफ्फरपुर जाने के लिए खड़ा अमन कुमार बताते है कि प्रतिक्षालय का कमी सता रहा है। पीने के लिए चापाकल का अभाव है। सरकार और जिला प्रशासन को बस स्टैंड को बेहतर बनाने को ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

वासहीन लोगों को अब जमीन देने के साथ ही उन्हें टाउनशिप जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यही नहीं वासहीन परिवारों को एक क्लस्टर बनाकर सामूहिक रूप से एक ही स्थान पर जमीन दी जाएगी। राज्य सरकार ने इसकी कार्ययोजना तैयार की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इसको लेकर पहल शुरू की है। अब ऐसे वासहीन परिवारों को नागरिक सुविधाएं विकसित कर ही जमीन दी जाएगी। वहां बिजली-पानी आपूर्ति की व्यवस्था और आंतरिक सड़कें बनाकर कॉलोनी का स्वरूप दिया जाएगा ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। सरकार ने इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने को कहा है। अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सरकारी जमीन चिह्नित कर उसका क्लस्टर बनाकर वासहीन परिवारों को सौंपने की योजना बना रहे हैं। लाभार्थियों को 3 से 5 डिसमिल तक जमीन मिलेगी। इससे नए स्लम खड़े नहीं होंगे। इस समय सरकार वासहीन परिवारों को उपलब्धता के आधार पर यत्र-तत्र जमीन मुहैया कराती है। नागरिक सुविधाओं के अभाव में वे वहां जाना नहीं चाहते। कई मामलों में सरकारी जमीन चौर जैसे सुदूर इलाकों में दिये जाते हैं। जहां लोगों को एक साथ जमीन भी दी गई,वहां नागरिक सुविधाओं के अभाव में घर स्लम जैसे बन जा रहे हैं। इस साल 21 हजार परिवारों को मिलनी है जमीन इस साल 21 हजार वासहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराना है। सरकार के सर्वेक्षण में 1.16 लाख वासहीन परिवारों का पता चला था। इसमें 95 हजार परिवारों को वासभूमि मिली है। शेष 21 हजार को इस साल जमीन मिलेगा। इसी तरह अति पिछड़ा वर्ग के 17 हजार गृहविहीन परिवार में से 14 हजार को जमीन मिली है। शेष 3 हजार को जमीन देने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग के 10 हजार गृहविहीन परिवारों में से 8 हजार को जमीन दे दी गयी है। शेष को इस साल देने की योजना है।

हवन यज्ञ के साथ आर्य समाज मंदिर में आयोजित पंच दिवसीय राष्ट्र रक्षा महायज्ञ की पूर्णाहूति रविवार को हो गयी। प्रात कालीन सत्र में उत्तर प्रदेश बिजनौर से पधारे आचार्य विष्णु मित्र वेदार्थी ने विभिन्न यजमानों की उपस्थिति में यज्ञ की पूर्णाहुति कराई। आज के मुख्य यजमान आर्य समाज के प्रधान विनोद कुमार आर्य सपत्नीक आर्य समाज के मंत्री डॉ मनीषा प्रसाद आर्य आर्य समाज के कोषाध्यक्ष राजबल्लभ प्रसाद आर्य सपत्नी आर्य समाज के पूर्व प्रधान धर्म वर्धन प्रसाद आर्य व पत्नी आर्य समाज के पुरोहित अवधेश कुमार आर्य आर्य समाज के अंकेक्षक हैं। राज किशोर सिन्हा सपत्नीक उपस्थित थे। इस मौके पर आचार्य विष्णु मित्र ने आज के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हमारे जीवन शैली के बिगड़ने के कारण आने वाले परिस्थितियों पर विस्तृत चर्चा की । वहीं पर दिल्ली से पधारीं आचार्य अमृता आर्य ने महिलाओं के उत्थान विषय पर भजन प्रस्तुत करते हुए माता निर्माता भवति वेदों में लिखे मंत्रों की व्याख्या करते हुए बच्चों के निर्माण पर चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में आगरा उत्तर प्रदेश से पधारे आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री ने राष्ट्र को समृद्ध वान बनाने के लिए पर्यावरण की सुरक्षा पर बल दिया। उन्होंने पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने चार उपाय बताए। पहला पेड़ पौधे लगाएं, दूसरा अपने द्वारा हम किसी प्रकार की गंदगी को नहीं फैलाना, तीसरा घर में यज्ञ करना व चौथा अपने विचारों को सात्विक बनाना आदि। मौके पर आर्य समाज के अधिकारियों के साथ-साथ नगर के सैकड़ों की संख्या में नर नारियों की उपस्थिति रही।