मोतिहारी जिला में कोरोना ने एक बार फिर से दस्तक दे दिया है। छौड़ादानो में कोरोना का मरीज मिला है। केरला से आये एक व्यक्ति में कोरोना का कन्फर्म केस मिला है। इसे देखते हुए एक ओर जहां जिला को अलर्ट किया गया है। बचाव के लिये जिला में कोरोना वैक्सीन नदारद है। इसको लेकर जिला से राज्य को सूचना दे कर वैक्सीन देने की मांग की गयी है। बताते हैं कि पहले से कोविशील्ड वैक्सीन नहीं है। अब कोवैक्सीन व कोवैक्स भी स्टॉक में नहीं है। वहीं, 28 लाख लोगों को बुस्टर डोज देना बाकी है। विदित हो कि वर्ष 2000 व 2021 में कोरोना से जिले में 365 लोगों की मौत हो गयी थी। पीड़ित परिवार के एक दर्जन लोगों को लिया गया जांच का सैंपल बताया जाता है कि छौड़ादानो में मिले कोरोना पॉजिटिव केस के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित परिवार के करीब एक दर्जन लोगों का जांच के लिए सेम्पल लिया है। जिनका जांच रिपोर्ट सोमवार को मिलेगा। तब तक सभी को प्रिकॉशन में होम क्वारंटाइन रहने का निर्देश दिया गया गया। साथ ही बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र को सूचना देने का निर्देश दिया गया है। दूसरे राज्य से आये लोगों के जांच का निर्देश कोरोना के इंट्री को लेकर सीएस ने सभी चिकित्सा प्रभारी को दूसरे राज्य से आये लोगों को हर हाल में कोरोना का जांच करवाने का निर्देश दिया है। रेलवे स्टेशन पर कोरोना जांच में पुलिस को सहयोग देने का अपील की है। बताते हैं कि रेलवे स्टेशन पर जांच टीम तो रहती है मगर कोई जांच करवाना नहीं चाहता है। इसमें पुलिस के सहयोग की जरूरत है। न तो चेहरे पर मास्क दिख रहा न सोशल डिस्टेंस का हो रहा पालन जानकर बताते हैं कि फिलहाल जांच का रेशियो कम है। मात्र 14 से 15 सौ लोगों का जांच हो रहा है। इसमें अधिकांश डॉक्टर के द्वारा रेफर होते हैं। गांव से लेकर प्रखंड बस स्टैंड पर अभी जांच का रेशियो न के बराबर है। बताते हैं कोरोना को लेकर जिला में कोई प्रिकॉशन नहीं है। न तो मास्क पहनते हैं और सोशल डिस्टेंस का पालन हो रहा हैं। बरतें सावधानी मधुमेह मरीज, 60 प्लस मरीज, दमा के मरीज, हार्ट रोगी, इम्यून कमजोर लोगों को विशेष सावधानी रखनी है। वे बेवजह घर से नहीं निकलें। निकलें तो मास्क पहने, सोशल डिस्टेंस का पालन करें। घर आने पर सेनिटाइजर से हाथ साफ कर ही खाना खाएं। भीड़ भाड़ से बचें। सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि कोरोना वैक्सीन का स्टॉक समाप्त है। डिमांड किया गया है। कोरोना को लेकर जांच का रेशियो बढ़ाने को निर्देश दिया गया है। दूसरे राज्य से आये लोगों का जांच अनिवार्य किया गया है। बताया कि कोरोना का इऩ्फेक्सन का असर 24 घंटा से 48 घंटा के बाद दिखता है। इसलिए डिस्टेंस व मास्क जरूरी है।

शहर के एलएनडी कॉलेज सेमिनार हॉल में रविवार को बीसीए डिपार्टमेंट द्वारा ‘संगम’ का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रो.(डॉ.) अरूण कुमार व बीसीए को-ऑर्डिनेटर डॉ.पिनाकी लाहा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करते हुए संगम का शुभारंभ किया। प्राचार्य प्रो.(डॉ.) अरूण कुमार ने युवा जोश व उत्साह से लबरेज़ विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए दस बिंदुओं को बताया।उन्होंने कहा कि समय का सदुपयोग, खुद के गलती की पहचान, गिरकर उठना व पुन प्रयास, असफलता पर कोई दर्द नहीं, परिस्थिति के साथ शीघ्रता से सामंजस्य, खुद की क्षमता का एहसास, मजबूत आत्मविश्वास, आत्मीय ईमानदारी, सदा सकारात्मक स्वभाव एवं छात्र जीवन में कैरियर के लिए स्वार्थपूर्ण प्रवृत्ति जीवन में सफलता के दस सूत्र हैं। बीसीए कार्डिनेटर डॉ.पिनाकी लाहा ने फ्रेशर्स-सह- फेयरवेल के संगम पर सभी अतिथियों, शिक्षकों का स्वागत किया। कहा कि आनेवाला कल सुखद बनाना चाहते हैं तो वर्तमान में ईमानदारी के साथ कड़ी मेहनत करनी होगी। बीसीए के पूर्व कार्डिनेटर डॉ.सर्वेश दुबे ने छात्रों को संबोधित करते हुए व्यक्ति के अनैतिक व गलत आचरण को भी भ्रष्टाचार के रूप में रेखांकित किया।बीसीए फैकल्टी-सह-मोटिवेटर प्रो.मुन्ना कुमार ने भी नवागंतुक विद्यार्थियों को मोटिवेट करते हुए विदा हो रहे विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। मीडिया प्रभारी डॉ.कुमार राकेश रंजन ने बताया कि सत्र 2022-25 के सभी नवप्रवेशियों ने अपना परिचय देकर मिस्टर फ्रेशर व मिस फ्रेशर की प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। सत्र 2022-25 के नवप्रवेशियों में अभिषेक कुमार को मिस्टर फ्रेशर व पायल शांडिल्य को मिस फ्रेशर की ताज से नवाजा गया। सत्र 2019-22 से आदर्श राज ने स्टूडेंट ऑफ द ईयर तथा मधुसूदन उपाध्याय ने मोस्ट वर्सटाइल सीनियर का खिताब जीतकर अन्य प्रतियोगियों को पीछे छोड़ दिया। सत्र 2022-25 से अंबेश गिरि को प्रफॉर्मर ऑफ द डे चयनित किया गया।

जनवरी और फरवरी माह में लग्न में कमी और लिंक में गड़बड़ी की शिकायत के बावजूद दस्तावेज निबंधन कार्य में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से 31 मार्च तक राजस्व वसूली में 10 करोड़ रुपये से अधिक की प्राप्ति हुई है। वर्ष 2010 में कार्यालय स्थापना से लेकर अबतक पिछले दो वित्तीय वर्ष में सौ फीसदी से ज्यादा की राजस्व की प्राप्ति की गई है। ऐसे में रक्सौल अवर निबंधन कार्यालय तो राजस्व वसूली के मामले में जिले में पूर्व से ही अव्वल रहा है। फिर इस वित्तीय वर्ष में अपना रिकार्ड बरकरार रखा है। इससे सरकार को निबंधन कार्यालय से अधिक राजस्व को फायद ा हुआ है। 35 करोड़ के विरुद्ध हुई 40.46 करोड़ राजस्व वसूली वित्तीय वर्ष 2022- 23 में 1 अप्रैल से 31 मार्च तक अवर निबंधन कार्यालय को राजस्व वसूली का 35 करोड़ लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिस लक्ष्य के विरुद्ध 40 करोड़ 46 लाख रूपये की राजस्व वसूली की है। जो लक्ष्य के 115.60 फीसदी है। जबकि पिछले वर्ष में 1 अप्रैल से 31 मार्च तक कार्यालय को राजस्व वसूली का 29 करोड़ लक्ष्य मिला था। जिस लक्ष्य के विरुद्ध 30 करोड़ 56 लाख रूपये की राजस्व वसूली की थी। जो लक्ष्य के 105.40 फीसदी है। दो माह को छोड़ सभी माह में सौ फीसदी से अधिक हुई है राजस्व वसूली वित्तीय वर्ष 2022-23 में जनवरी और फरवरी माह को छोड़कर सभी माह में सौ फीसदी से अधिक की राजस्व प्राप्ति हुई है। अप्रैल माह में 127.48 प्रतिशत, मई में 135.88 प्रतिशत, जून में 111.58 प्रतिशत, जुलाई में 108.59 प्रतिशत, अगस्त में 132.36 प्रतिशत, सितंबर में 134.18 प्रतिशत, अक्टूबर में154.23 प्रतिशत, नवंबर में 114.82 प्रतिशत, दिसंबर में 112.76 प्रतिशत और मार्च माह में 117.41 प्रतिशत राजस्व की प्राप्ति हुई है। जबकि जनवरी और फरवरी माह में लग्न की कमी और लिंक में गड़बड़ी की शिकायत के कारण 82.90एवम 87.48 फीसदी की ही राजस्व की प्राप्ति हुई है। रजिस्ट्री ऑफिस में हेल्प डेस्क की सुविधा से लाभरक्सौल अवर निबंधन कार्यालय के कार्य संस्कृति में पहले की अपेक्षा काफी बदलाव आया है। दस्तावेज निबंधन में क्रेता व विक्रेताओं के लिए हेल्प डेस्क की सुविधा के साथ कॉमन सर्विस सेंटर एवम उनके बैठने और आराम करने के लिए कमरे की व्यवस्था की गई है। साथ ही दस्तावेज निबंधन के बाद क्रेताओ को उसी रोज दस्तावेज हस्तागत भी कराया जा रहा है। कार्यालय द्वारा दस्तावेज निबंधन कराने आने वाले पक्षकारों की हर सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो। रक्सौल निबंधन कार्यालय में सुविधाओें के विस्तार से क्रेता व विक्रेता को जमीन रजिस्ट्री में ाफी सहुलियत हुई है। कहते हैं अधिकारीअवर निबंधन पदाधिकारी संतोष कुमार का कहना है कि लग्न की कमी और लिंक में गड़बड़ी की शिकायत के बावजूद राजस्व वसूली के लक्ष्य के सौ फीसदी से अधिक की राजस्व वसूली करने का सतत प्रयास जारी है। दस्तावेज निबंधन में पक्षकारों को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं हो इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।

बंजरिया थाना क्षेत्र के अजगरी पंचायत के पकड़िया ग्राम में प्रसव पीड़ा से ग्रस्त महिला अणु देवी उम्र करीब 23 वर्ष की मौत बेहतर इलाज के लिए एक निजी नर्सिंग होम मोतिहारी ले जाने के क्रम में रविवार को हो गई । मृतका संजय शर्मा की पत्नी बताई जाती है । मौके पर पहुंचे मृतका के नैहर वालों ने ससुराल वालों पर पहले तो लापरवाही का आरोप लगाया तथा शव को लेकर बंजरिया थाने में हंगामा किया । थानाध्यक्ष संदीप कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया । तत्पश्चात सरपंच पति सुनील कुमार चौधरी ने तथ्यों से नैहर वालों को अवगत कराया । जिससे मामला शांत हो गया । नैहर वालों ने थाना में कोई शिकायत नहीं की । थानाध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है । अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है । इधर सरपंच पति सुनील चौधरी ने बताया कि मृतका की मौत प्रसव पीड़ा से निजी नर्सिंग होम में ईलाज के क्रम में हो गई ।

हरैया थाना अंतर्गत रमेश तिवारी रंगदारी गोलीकांड में गिरफ्तार शहर में सक्रिय अपराधी गिरोह की एलआईसी कार्यालय लूटने की योजना थी। इस चौंकाने वाले आपराधिक घटना की योजना का खुलासा तब हुआ। जब गिरोह का सरगना जैनुलाह व संजीव कुमार राम की गिरफ्तारी के बाद उनके पास से कागज पर बना एक नक्शा का डाइग्राम पुलिस के हाथ लगी। इसकी पुष्टि हरैया थाना अध्यक्ष पंकज कुमार ने की। उन्होंने बताया कि नक्शे में स्थानीय एलआईसी कार्यालय, उसमें आने जाने का रास्ता व भीतर के काउंटर सहित कैश जमा करने वाले स्थान को दर्शया गया है। इसमें क्षेत्र के सभी लोकेशन को इंगित करते हुए डाइग्राम बनाया गया है। इससे अपराधी गिरोह की आपराधिक योजना स्पष्ट तौर पर प्रकट होती है।थानाध्यक्ष श्री कुमार ने बताया कि रमेश तिवारी गोली व रंगदारी कांड का सरगना जैनुलाह के पास से पुलिस ने नेपाली नंबर का वह मोबाइल सिम भी बरामद कर लिया है जिससे रमेश तिवारी सहित विभिन्न लोगों से रंगदारी की मांग की जाती थी व रंगदारी नहीं मिलने पर गोली मारने की धमकी दी जाती थी। यही नहीं बल्कि रमेश तिवारी से रंगदारी में लिए गए तीन लाख रुपया में से पैसठ हजार रुपया भी बरामद किया गया है। छापेमारी के बाद जैनुलाह व संजीव कुमार राम की गिरफ्तारी से रक्सौल सीमा क्षेत्र सहित जिला में घटने वाली विभिन्न आपराधिक घटना बेनकाब हुई है जिसमें उसी नेपाली नंबर के सिम का इस्तेमाल किया गया था। थानाध्यक्ष ने बताया यह एक संगठित आपराधिक गिरोह था जो नेपाली सिम का उपयोग करके लोगों से रंगदारी की वसूली किया करता था। उनके पास से कागज पर लिखा एक लिस्ट भी बरामद हुआ जिसमें जिला के दस लोगों का नाम अंकित है जो गिरोह के टारगेट में थे। यह गिरोह फिल्म स्क्रिप्ट के तर्ज पर कागज पर डाइग्राम बना कर घटना को अंजाम देता था। इसी ड्राईग्राम के अनुसार रमेश तिवारी को गोली मारी गई थी। लिस्ट में ही कोड सांकेतिक शब्द लिख कर तय किया जाता कि किसे मारना है ।

रक्सौल से बारा जिला के कलैया जा रहे एक ऑटो के पलटने से एक भारतीय बालिका की मौत हो गई ।जबकि,पांच लोग घायल हो गए।बारा जिला के एसपी होविंद्र बोगटी ने बताया कि ऑटो के अनियंत्रित होने से उक्त दुर्घटना रविवार को बारा जिला के फेटा स्थित भलूही बाजार में हुई।

बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा पूर्वी पंचायत के तरकुलवा वार्ड नंबर 1 में बच्चों के बीच हुए विवाद में रविवार को मारपीट हो गई । मारपीट में कबीरा खातून का सिर फट गया तथा वह जख्मी हो गई । इसी क्रम में दूसरे पक्ष नूर सबा खातून के आवासीय व मवेशी घर में आगजनी की गई।

रघुनाथपुर के बालगंगा में एक व्यक्ति के जमीन पर जबरन कब्जा करने से मना करने पर लोहा के रॉड से हमला कर पिता पुत्र सहित 4लोगों को जख्मी कर दिया गया है। सभी जख्मी का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। मामले में बालगंगा के रहने वाले जख्मी मुन्ना कुमार ठाकुर ने रघुनाथपुर ओपी में आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करायी है। जिसमे छह हमलावरों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। हमलावरों में बालगंगा के रविंद्र ठाकुर, मनीष कुमार ठाकुर, सुधीर कुमार ठाकुर उर्फ लड्डू, जितेंद्र ठाकुर, अनुराग दुबे व बंजरिया थाना के चिताहा का निहाल दुबे शामिल है। जख्मी मुन्ना ने आवेदन में कहा है कि वह टीवीएस एजेंसी पर जा रहा था। इसी बीच देखा की उनकी जमीन पर उक्त लोग हरवे हथियार के साथ मेढ़ बांध रहे हैं। मना करने पर वे लोग पिस्टल लहराते हुए, लोहे के रॉड से उनके ऊपर हमला कर दिया।

छतौनी थाना के भवानीपुर जिरात स्थित कवि डाइग्नोसिस के हेड डॉ. संजय कुमार से दो करोड़ की रंगदारी मामले में एक युवक से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस ने चार लोगों को चिन्हित किया है जिसपर पुलिस को संदेह है। डीएसपी राम पुकार सिंह ने बताया कि एक युवक से पूछताछ चल रही है। लैब के कुछ स्टॉफ की भूमिका जांच के घेरे में है। 27 मार्च को कवि डाइग्नोसिस के हेड डॉ. संजय कुमार ने पुलिस को बताया था कि वे अपने चेम्बर में काम करने के लिए लैपटॉप से तौलिया हटा रहे थे। तभी एक लिफाफा में उक्त रंगदारी का प्रिंटेड लेटर मिला। लिफाफा उनके ही डाइग्नोशिस सेंटर का है, जिसमे रंगदारी का लेटर रखा गया था। लेटर के माध्यम से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी की रकम नहीं देने पर हत्या कर देने की धमकी दी गयी है।

सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर एक समान होंगे। अस्पतालों का रंग-रोगन एक रंग का होगा। इसमें साधन-संसाधन भी एक तरह के होंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारी कर ली है। जल्द इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। राज्य में 10 हजार 256 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को और प्रभावी बनाने के लिए हाल ही में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक की। इसके तहत सभी केंद्रों में एक-एक सीएचओ (कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर) की बहाली करने को कहा। केंद्र सरकार ने कहा है कि अनिवार्य तौर पर सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में एक-एक सीएचओ की बहाली की जाए। बगैर सीएचओ के केंद्र का संचालन नहीं किए जाएं। अस्पताल परिसर में एक हर्बल गार्डन भी विकसित करने को कहा गया है। इससे अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को खुशनुमा माहौल मिल सकेगा। इन केंद्रों की ब्रांडिंग भी करने को कहा गया है ताकि लोगों को पता चल सके कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर कहां पर खुला हुआ है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में हर महीने स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाता है। इस मेला का प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। सभी केंद्रों में लगने वाले मेला की तस्वीर भी केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जिन केंद्रों का अपना भवन बना हुआ है, उसकी तस्वीर भी पोर्टल पर अपलोड करें। जहां भवन नहीं बने हैं, वहां भवन निर्माण का कार्य अविलंब पूरा किया जाए। करने होंगे कई काम अधिकारियों के अनुसार रंग-रोगन व साधन-संसाधन एक करने के लिए राज्य के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर बहुत काम करने होंगे। अभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अलग-अलग रंग के हैं। एक रंग के लिए मानक तय किया जाएगा। इसके बाद उसे उसी रंग के अनुसार रंग-रोगन किया जाएगा। इस काम में दो-चार महीने का समय लग सकता है। दो-चार को छोड़ दें तो किसी अस्पताल में गार्डन नहीं है। सभी अस्पतालों में हर्बल गार्डन विकसित करना पड़ेगा। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है। इसकी ब्रांडिंग के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को ठोस कदम उठाने होंगे।