पताही बोकाने कला गांव की सरस्वती देवी की वाहन दुर्घटना में मौत हो गयी। उसका शव जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। विदित हो कि बोकाने कला गांव निवासी प्रभु महतो की पत्नी सरस्वती देवी अपने बेटे व बहु के साथ पकड़ीदयाल महायज्ञ देखने शुक्रवार को टेम्पू से गई थी। रात्रि करीब 12 बजे लौटने के क्रम में कार ने चैता के पास जोरदार टक्कर मार दिया। जिससे सरस्वती देवी व उनकी बहु खुशबु कुमारी गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई। जिसे आनन-फानन में पकड़ीदयाल सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने सरस्वती देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं मृतका की बहु खुशबु कुमारी को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल मोतिहारी रेफर कर दिया गया। जहां उसका इलाज चल रहा। पकड़ीदयाल पुलिस ने दोनों गाड़ी को जब्त कर लिया तथा शव को पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को परिजनों को सौंप दिया। मुखिया अमृता कुमारी, समाजसेवी संतोष महतो आदि ने शोक व्यक्त किया है मृतिका के पुत्र दिलीप कुमार चौधरी ने आवेदन दिया है।

शहद का उत्पादन शुरू कर महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ेंगी। 25 महिलाओं के समूह में शहद का उत्पादन शुरू करेंगी। नेशनल बी कीपिंग एंड हनी मिशन कार्यक्रम के तहत अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए जिला उद्यान विभाग ने कवायद शुरू की है। इस योजना के तहत शहद उत्पादन से महिलाओं की कमाई होगी। साथ ही अपने पैरों पर खड़े होकर अपना रोजगार करेंगी। इसके लिए विभागीय स्तर से प्रत्येक समूह में दस दस मधुमक्खी बॉक्स निशुल्क दिये जाएंगे। बॉक्स मुहैया कराये जाने के बाद महिला समूह द्वारा शहद का उत्पादन शुरू किया जाएगा। जिले में पहली बार इस योजना की शुरूआत की गयी है। इस योजना के तहत तीन प्रखंडों का चयन किया गया है। इसमें मधुबन, मेहसी व चकिया प्रखंड शामिल है। इसमें मधुबन प्रखंड की 25 महिलाओं को सात दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। अब इनके समूह का गठन कराया जाएगा। समूह गठन के बाद नये वित्तीय वर्ष में दस मधुमक्खी बॉक्स दिये जाएंगे। वहीं मेहसी व चकिया प्रखंड में भी 25-25 अनुसूचित जाति वर्ग के महिलाओं का चयन कर लिया गया है। – आजीविका का साधन बनेगा शहद का उत्पादन शहद उत्पादन से महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी। मधुमक्खी पालन आजीविका का साधन बन सकता है। इसके लिए महिलाओं को केविके पिपराकोठी में सात दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसमें मधुमक्खी पालन से शहद उत्पादन के गुर सिखाए जाएंगे। जिससे महिलाएं खुद शहद का उत्पादन कर सकेंगी। दस मधुमक्खी बॉक्स से छह क्विंटल तक शहद का उत्पादन प्रति समूह दस मधुमक्खी बॉक्स देने की योजना है। महिलाएं लीची के सीजन, रबी मौसम में सरसों के सीजन आदि में मधुमक्खी बॉक्स लगाएंगी। लीची से उत्पादित शहद की बाजार में अधिक मांग रहती है। इसमें शहद की मिठास अधिक रहती है। प्रति बॉक्स 20-20 किलो तक एक सीजन में तीन बार शहद का उत्पादन होता है। इससे मात्र दस बॉक्स से करीब 6 क्विंटल तक शहद का उत्पादन हो सकता है। मार्केट रेट सौ रुपये प्रति किलो की दर से बिकने पर शहद से एक सीजन में 60 हजार रुपये तक कमाई हो सकती है। महिलाएं गुणवत्तापूर्ण शहद का उत्पादन, प्रसंस्करण व विपणन कर अच्छी आय प्राप्त कर सकती हैं। इसको लेकर चयनित प्रखंड के समूह की महिलाओं को सात दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। मधुबन प्रखंड की 25 महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाया गया है। डॉ. अमरजीत कुमार राय, सहायक निदेशक, जिला उद्यान विभाग

फर्जी नामांकन करने व विद्यालय स्थानांतरण प्रमाण पत्र निर्गत करने के मामले में स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाये जाने पर डीपीओ स्थापना ने मध्य विद्यालय छौड़ादानो के प्रभारी प्रधानाध्यापक नवल किशोर प्रसाद को निलंबित कर दिया है। निलंब अवधि में उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय रक्सौल निर्धारित किया गया है। डीपीओ साहेब आलम के अनुसार, न्यायालय में हुए समीक्षा के क्रम में किशोर न्याय परिषद पूर्वी चंपारण से संबंधित वाद में विपिन कुमार पिता अंबिका प्रसाद का विद्यालय में फर्जी नामांकन करने व विद्यालय स्थानांतरण प्रमाण पत्र निर्गत करने पर प्रतिवेदन की मांग की गयी थी। जिस पर बीईओ छौड़ादानो ने 31 मार्च 23 को अपना प्रतिवेदन सौंपा है। उक्त प्रतिवेदन पर मध्य विद्यालय छौड़ादानो के प्रधानाध्यापक नवल किशोर प्रसाद से स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। जिस पर श्री प्रसाद के द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। आदेश के अनुसार, श्री प्रसाद पर लगाया गया आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित होने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के प्रावधान के तहत निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। इधर, विपिन कुमार के मामले में ही मध्य विद्यालय छौड़ादानो के सहायक शिक्षक उमाशंकर राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही के अधीन रखने का निर्देश डीपीओ ने प्रखंड नियोजन इकाई के सदस्य सचिव को दिया है। उक्त मामले में शिक्षक श्री राम से स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी। उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया।

अब सरकारी स्कूलों में समाज के विभिन्न वर्ग के विशिष्ट लोग, बुद्धिजीवी बच्चों को पढ़ा सकेंगे। सरकार इसके लिए नयी योजना शिक्षा दान योजना लाने जा रही है। इसकी कार्य योजना पर विचार-विमर्श चल रहा है। शीघ्र ही इसे अंतिम रूप से लागू किया जाएगा। इस योजना से न केवल सरकारी विद्यालयों को समाज के बेहतर लोगों का साथ मिलेगा बल्कि शिक्षकों की कमी से जूझ रहे इन स्कूलों को भी राहत मिलेगी। बताया जाता है कि पिछले दिनों शिक्षा दान योजना को लेकर शिक्षा विभाग में गहन मंथन किया गया। इस समय सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है। उनके नियोजन की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन, इसमें समय लग सकता है। इसीलिए विभाग शिक्षा दान योजना को वैकल्पिक योजना के रूप में लागू करना चाहती है। इसमें रिटायर शिक्षक, बुद्धिजीवी, समाज के पढ़े-लिखे लोग, स्कूल-कॉलेज के सीनियर छात्र आदि की सेवा ली जा सकती है। ऐसे कोई भी पात्र और पढ़ा-लिखा व्यक्ति सरकार की स्वीकृति और सहमति से विद्यालयों के लिए शिक्षा दान कर सकता है। हालांकि इस योजना के तहत स्कूलों में पढ़ाने वाले व्यक्ति को सरकार की ओर से कोई राशि या मानदेय नहीं दिया जाएगा। उन्हें अपनी सेवा स्वैच्छिक आधार पर देनी होगी और निशुल्क अध्यापन कार्य करना होगा। वे किसी भी स्कूल में स्वैच्छिक बच्चों को पढ़ा सकेंगे। इसके लिए न समय सीमा होगी न दिनों की बाध्यता। हालांकि उन्हें पहले से स्कूल प्रबंधन से क्लास को लेकर चर्चा कर लेनी होगी। वे कितना दिन पढ़ाएंगे और कितना पीरियड लेंगे, यह सब स्वैच्छिक सेवा देने वाले व्यक्ति और स्कूल प्रबंधन या विभागीय अधिकारी के ऊपर निर्भर करेगा। एक व्यक्ति एक से अधिक स्कूलों में पढ़ा सकेगा: सरकार का उद्देश्य है कि इस योजना से बच्चों को बेहतर गुणवत्ता का शिक्षण उपलब्ध हो सकेगा। यही नहीं विद्यालयों में अच्छे शिक्षकों की कमी भी दूर हो सकेगी। इसमें कोई एक व्यक्ति एक या इससे अधिक विद्यालयों में भी पढ़ा सकेंगे। विद्यालय उनकी सेवा समय-समय पर ले सकेगी। इसका सबसे बड़ा लाभ यह भी होगा कि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई बाधित नहीं होगी।

ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के अति व्यस्ततम पीपराकोठी मुख्य चौराहे पर एक लंबा कंटेनर तीव्र गति से पलट गया। जिससे एक बड़ा हादसा तो टल गया, परंतु प्रत्यक्षदर्शियों के रोंगटे खड़े हो गए। बताया जाता है कि एनएच पर ओवर ब्रीज के नीचे मुख्य चौराहे पर गोपालगंज की ओर से तीव्र गति में आ रहा कंटेनर मुजफ्फरपुर की ओर मुड़ने के क्रम में अनियंत्रित होकर एकाएक पलट 50 मीटर तक घसीटता रहा। हादसा इतना जोरदार था कि इंजन टूट अलग हो भागों मे बंट गया। घटना अहले सुबह की बताई जाती है। जिसके कारण कोई दुकान खुला नहीं था। व आवागमन व्यस्त नही थे। जिसके कारण एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि दस घंटे के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन सड़क पर पड़े रहने के कारण आवागमन में कई समस्या बनी रही। बताया जाता है कि कंटेनर बाइक लोड कर गोपालगंज के तरफ से मुजफ्फरपुर के तरफ जा रहा था।जिसके तेज गति के कारण मोड़ लेते समय अनियंत्रित होकर पलट गया।

मोतिहारी, बिहार। पीपराकोठी प्रखंड क्षेत्र के सलेमपुर गांव में सड़क अतिक्रमण को मुक्त कराने की मांग ग्रामीणों ने सीओ को आवेदन देकर किया है। उक्त गांव के सुरेंद्र कुमार, रामदेव राम, राजीव कुमार, अरुण कुमार व अशोक राम सहित अन्य ने संयुक्त हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर बताया है कि सलेमपुर गांव के अनुसूचित जाति टोला से माइ स्थान तक जाने वाली सड़क के दोनों बगल गांव के ही कुछ लोगों के द्वारा सड़क को अतिक्रमित कर लिया गया है। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिसको लेकर पूर्व में कई बार विवाद भी हो चुका है और मामले को लेकर पूर्व में भी ग्रामीणों ने आवेदन दिया परन्तु कोई कार्रवाई नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सड़क के अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग किया है। सीओ निरंजन कुमार मिश्र ने बताया कि आवेदन के आधार पर अतिक्रमणमुक्त कराने को कार्रवाई की जाएगी।

मोतिहारी के बंजरिया पंडाल स्थित कृषि उत्पादन बाजार समिति नयी लुक में दिखेगी। बाजार समिति का कायाकल्प करने के लिए करीब 62 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दो फेज में बाजार समिति को नया लुक दिया जा रहा है। इसमें प्रथम फेज का कार्य पूरा कर लिया गया है। दूसरे फेज का कार्य शुरू हो चुका है। बाजार समिति को विकसित करने के लिए दूसरे फेज में 49.25 करोड़ रुपये का एस्टीमेट है। जिसमें 41.74 करोड़ रुपये का एग्रीमेंट हो चुका है। दूसरे फेज में प्रशासनिक भवन व कैंटिन का निर्माण शुरू बाजार समिति में प्रशासनिक भवन की पाइलिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रशानिक भवन तीन मंजिला होगा। वर्कर्स कैंटिन निर्माण के लिए पाइलिंग का कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा बाजार समिति परिसर में 12 रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण होगा। ट्रक या अन्य वाहनों से आनेवाले माल की तौल के लिए एक कांटा का निर्माण होगा। निबंधन कार्यालय का निर्माण होगा। कामगारों के आराम फरमाने के लिए एक रेस्ट शेड का निर्माण किया जाएगा। एक मार्केट शेड का निर्माण होगा। 800 मीटर पीसीसी रोड का निर्माण होगा। पुरानी दुकानें तोड़कर बनायी जाएंगी नयी 80 दुकानें बाजार समिति परिसर में पहले से करीब 40-50 पुरानी दुकानें बनी हैं। इन दुकानों को तोड़कर नयी 80 दुकानें बनायी जाएंगी। इसको लेकर आवंटित दुकानों के व्यवसायियों को नोटिस दिया गया है। ये दुकानें 12 फीट बाई 10 फीट क्षेत्रफल की बनेगी। नयी दुकानों के निर्माण से व्यवसायियों को सुविधा होेगी। बाजार समिति में प्रथम फेज का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस फेज में करीब 13 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। इसमें 54 मीटर बाई 15 मीटर क्षेत्रफल के दो शेड बनाए गये हैं। एक किलोमीटर पीसीसी रोड का निर्माण किया गया है। छह पीस हाई मास्ट लाइट लगाए गये हैं। 47 स्ट्रीट लाइट लगाए गये हैं। 600 मीटर लंबा ड्रेनेज का निर्माण किया गया है। दो शौचालय का निर्माण किया गया है। एक किलोमीटर लंबी बाउंड्री का निर्माण किया गया है।

कहते हैं कि अगर आप में प्रतिभा व लगन है तो सफलता आपके कदम चूमती है। इसे सही साबित किया है जिले के आयुष कुमार ने। मोतिहारी के जिला स्कूल के छात्र आयुष ने मैट्रिक के घोषित रिजल्ट में पूरे सूबे में टॉप टेन में स्थान बनाकर सफलता का परचम लहराया है। उन्हें 476 अंक व सूबे में 10 वां रैंक मिला है। वह रामगढ़वा प्रखंड की धनहर दिहुली गांव का रहने वाला है। उसने परीक्षा की तैयारी के लिए गणित व विज्ञान विषय का टॺूशन किया था। बाकि विषयों की तैयारी सेल्फ स्टडी से की थी। सामन्यतया वह 7 से 8 घंटे तक पढ़ाई करता था। परीक्षा के पूर्व 12 से 13 घंटे तक प्रतिदिन पढ़ाई करता था। बिहार बोर्ड की पुस्तकों से ही उसने तैयारी की। उसे बिहार बोर्ड में 26 मार्च को बुलाया गया था। आगे की प्लानिंग पर उसने बताया कि वह आगे इंटरमीडिएट बॉयोलॉजी से करेगा। वहीं भविष्य में वह नीट की तैयारी कर डॉक्टर बन समाज सेवा करना चाहता है। वह अपनी सफलता का श्रेय शिक्षक व माता-पिता की प्रेरणा को देता है। उसके पिता मनोज कुमार किसान हैं। वहीं मां चिंता देवी गृहिणी हैं। माता-पिता अभी गांव में हैं। वह अभी मोतिहारी के शांतिपूरी मोहल्ले में अपने दादा-दादी व भाई-बहन के साथ रह कर पढ़ाई कर रहा है। उसकी सफलता पर दादा होमगार्ड से रिटायर्ड रामलाल ठाकुर व दादी सीया देवी की खुशी का ठिकाना नहीं है। उनका कहना है कि स्कूल के शिक्षक ने फोन कर उसके टॉप टेन में आने की जानकारी दी। इसके बाद दादा-दादी ने पोते को गले लगा व मिठाई खिला जीवन में कामयाबी का आशीर्वाद दिया। दादा श्री ठाकुर का कहना था कि पोता की सफलता पर अपनी भावना को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। यह जीवन में इसी तरह कामयाबी हाहिल कर जिले व सूबे का नाम रौशन करे यही तमन्ना है। वहीं, दादी सीया देवी तो बार-बार पोते को गले लगा रही थीं। आयुष दो भाई व दो बहन में दूसरे स्थान पर है। बड़ी बहन प्रियांजली कुमारी एमएस कॉलेज के मनोविज्ञान में स्नातक प्रथम खंड की छात्रा है। भाई अंकित दूसरे कक्षा व बहन दीक्षा वर्ग 8 में पढ़ाई कर रही है।

चकिया-पीपरा-जीवधारा-जीवधारा रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना का बुधवार को पूर्वी परिमंडल, कोलकाता के रेलवे संरक्षा आयुक्त सुवोमोय मित्रा ने निरीक्षण किया। मुजफ्फरपुर-सुगौली 100 किमी लम्बे रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत नवनिर्मित 23 किलोमीटर लंबे चकिया-पीपरा-जीवधारा रेलखंड के निरीक्षण के उपरांत संरक्षा आयुक्त द्वारा स्पेशल ट्रेन से इस रेलखंड पर 130 किमी/घंटा की अधिकतम गति से सफलतापूर्वक स्पीड ट्रायल किया गया। संरक्षा आयुक्त सुबह सात बजे ट्राली से निरीक्षण के लिए चकिया से रवाना हुए। जबकि 3.15 बजे 130 किलोमीटर प्रति घंटा रफ्तार से स्पेशल ट्रेन का सफलतापूर्वक परिचालन कराया गया और वह ट्रेन पुन चकिया के लिए रवाना हुई। इस संबंध में डीआरएम आलोक अग्रवाल ने बताया कि सभी प्रकार से निरीक्षण व जांच पूरी कर ली गई है, जो सुरक्षित है। इस रेलखंड पर 31 मार्च से ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दी जाएगी। दोनों लाइन पर ट्रेनों के परिचालन शुरू हो जाने से ट्रेन के विलम्ब होने की संभावना नहीं रहेगी। 100 किमी लंबे मुजफ्फरपुर-सुगौली दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत पहले चरण में 15 किमी लंबे महवल से चकिया तक निर्माण कार्य पूरा करते हुए उन पर ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ किया जा चुका है। अब तक दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत कुल 38 किमी रेलखंड का दोहरीकरण का कार्य पूरा हो गया है। पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी बीरेन्द्र कुमार ने बताया कि इस वर्ष के अंत तक 09 किलोमीटर लंबे सेमरा-सुगौली तथा 16 किलोमीटर लंबे पिपराहन-महवल रेलखंड के दोहरीकरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।

गर्मी दस्तक दे चुका है। गर्मी का मौसम धीरे धीरे रफ्तार पकड़ेगा। इस साल अधिक गर्मी पड़ने के आसार हैं। इसके बावजूद पीएचईडी के लगाए गये अधिकतर चापाकल खराब है। चापाकल की मरम्मत नहीं किया गया है। शहरी क्षेत्र में कई जगह चापाकल बंद पड़े हैं।लखौरा गद्दी चौक पर लगाया गया हैंड पंप डेड पड़ा है। पीएचईडी द्वारा मरम्मत दल का गठन किया गया है। इसमें एक मिस्त्री व दो हेल्पर हैं। चापाकल मरम्मत दल पीएचईडी द्वारा लगाए गये चापाकल की मरम्मत का कार्य करेगा। जिले में पीएचईडी के लगाए गये हैं 30 हजार चापाकल पीएचईडी के द्वारा जिले में करीब 30 हजार चापाकल लगाए गये हैं। चापाकल को चालू हालत में लाने के लिए विभागीय स्तर पर कवायद शुरू की गयी है। पीएचईडी ने खोला कंट्रोल रूम चापाकल की मरम्मत को लेकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल मोतिहारी के कार्यालय में कंट्रोल रूम कार्यरत है। जिसका दूरभाष नंबर 06252-233374 जारी किया गया है। इस नंबर पर खराब पड़े चापाकल के संबंध में जानकारी दी जा सकती