एनएच 28 पर टाटा मोटर के समीप बुधवार को अज्ञात वाहन के लापरवाह चालक ने बाइक सवार एक युवक को कुचल दिया। बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गयी। मृत युवक के पॉकेट से मिले परिचय पत्र से उसकी पहचान बंजरिया थाना के चैलाहा कटहरिया टोला निवासी बहादुर प्रसाद के पुत्र अवधेश कुमार (27) के रूप में हुई है। सूचना पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को घटना की सूचना दी।सूचना पर सदर अस्पताल पहुंचे मृतक के छोटे भाई चंदेश्वर कुमार ने बताया कि उसका बड़ा भाई अवधेश मंगलवार को बाइक से अपने ससुराल चिरैया थाना के सपगढ़ा गांव गया था।उसकी पत्नी मायके में ही है। ससुराल से घर लौंटने के दौरान बुधवार को अज्ञात वाहन चालक ने उसके बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वह रोड पर गिर पड़ा तथा लापरवाह वाहन चालक उसे कुचलते हुए फरार हो गया। एक वर्ष पूर्व हुई थी शादी सड़क दुर्घटना में मृत अवधेश कुमार की शादी एक वर्ष पूर्व चिरैया थाना के सपगढ़ा निवासी मीना कुमारी के साथ हुई थी। हाल ही में उसकी पत्नी मायके गयी थी। मंगलवार को वह पत्नी से मिलने ससुराल गया था। बुधवार को ससुराल से घर लौटते समय एनएच 28 पर एक निजी अस्पताल के सामने सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हो गयी।

बिजली व्यवस्था को और दुरुस्त करने, नुकसान-चोरी व दुर्घटना कम करने की राज्य सरकार ने कवायद शुरू की है। इस पर पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना (रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम-आरडीएसएस) के तहत 13 हजार करोड़ से अधिक खर्च किए जाएंगे। आवश्यकता अनुसार ग्रिड, सब-स्टेशन, फीडर बनाए जाएंगे। पावर ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता में वृद्धि की जाएगी। साथ ही अतिरिक्त पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इनके अलावा आवासीय, वाणिज्यिक परिसर व ट्रांसफॉर्मरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। घनी आबादी वाले इलाकों में बिजली तारों को कवर किया जाएगा। बिजली वितरण कंपनियों के माध्यम से सभी कार्य कराए जाएंगे। बिजली व्यवस्था सुधारने को राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र ने सहमति दे दी है। योजना के तहत केंद्र व राज्य सरकार 6040 के अनुपात में राशि खर्च करेंगी। ऊर्जा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत पहले चरण में 7081 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी प्रदान की है। इससे बिजली वितरण कंपनियों की क्षमता बढ़ने के साथ-साथ उनमें वित्तीय स्थिरता भी आएगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने असामयिक वर्षा-ओलावृष्टि और आंधी-तूफान से हुई फसल क्षति को लेकर संबंधित किसानों के खाते में शीघ्र राशि के भुगतान का निर्देश पदाधिकारियों को दिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को एक अणे मार्ग में समीक्षा बैठक की और आपदा प्रबंधन विभाग को प्रभावित किसानों को फसल क्षति के भुगतान के लिये 92 करोड़ रूपये की राशि कृषि विभाग को अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि वह आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली राशि को प्रभावित किसानों के खाते में शीघ्र भुगतान करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि आपदा प्रबंधन विभाग, कृषि विभाग एवं संबंधित जिलाधिकारी इसकी सघन मॉनिटरिंग करेंगे। मुख्यमंत्री ने 17 से 21 मार्च तक राज्य के विभिन्न जिलों में असामयिक वर्षा/ ओलावृष्टि एवं आंधी-तूफान से हुयी फसल क्षति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने 17 मार्च को ही विभिन्न जिलों में ओलावृष्टि से हुयी फसल क्षति का सर्वेक्षण तथा आकलन कर लोगों को शीघ्र राहत पहुंचाने का निर्देश आपदा प्रबंधन विभाग एवं कृषि विभाग को दिया था।

मोतिहारी पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है जहां उसने जिले के बिभिन्न थाना क्षेत्रों में हो रहे लगातार लूट की  दर्जनों घटनाओं को अंजाम देने वाले पांच शातिर अपराधियों को  लूट की रकम ,हथियार व मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है ।मामले के संबंध में जानकारी देते हुए मोतिहारी एसपी कान्टेश कुमार ने बताया कि इसी 28 मार्च को  पिपरा कोठी थाना क्षेत्र में हुई सीएसपी संचालक लूटकांड  का खुलासा हुआ है वही इस अभियान में  पांच वैसे  शातिर लूटेरो को गिरफ्तार किया है जिनके ऊपर दर्जनों लूटकांड सहित कई आपराधिक मामले दर्ज है ।एसपी ने बताया कि इस कांड के उदभेदन के लिए प्रभारी सदर डीएसपी रामपुकार सिंह व अरेराज डीएसपी रंजन कुमार के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया था जिसमे जिले के कई तेज़ तर्रार  पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया था ।टीम ने गुप्त सूचना व टेक्निकल आधार पर सुगौली के बंगरा गुमटी के समीप महिला अधिकारियों के साथ घेराबंदी कर इस गैंग को दबोचने में सफलता हासिल की है जिनके पास से लूट की दो लाख बीस हज़ार रुपये ,तीन बाइक ,एक पिस्टल, दो देशी कट्टा ,आठ कारतूस ,और करीब डेढ़ किलो मादक पदार्थ बरामद किया है ।इन सभी अपराधियो पर जिले के बिभिन्न थाना क्षेत्रों में कई आपराधिक मामले तो दर्ज है ही साथ मे सिवान सहित अन्य जिलों में भी इनपर  मुकदमा दर्ज है जिसमे से कई  लोग जमानत पर जेल से बाहर निकले हुए है और लगातार लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे है ।

पीपराकोठी थाना क्षेत्र के ढेकहा में शॉट सर्किट से लगी आग में एक बच्ची मौत झुलस कर हो गई। बच्ची की पहचान कसवा के गुड्डू चौधरी की 10 वर्षीय पुत्री निशा कुमारी के रूप में हुई है। जो घर में सहायता के लिए चीखती-चिल्लाती रही। परंतु भयानक आग की लपटों की व शोर में कोई उसकी चीख को सुन सका। व बच्ची बिलखती हुई मौत के आगोश में समा गई। बताया जाता है कि बगल के घर में शॉट सर्किट से आग लगी। देखते-देखते आग फैल गया। सभी आग पर काबू पाने में लग गए। व बच्ची आग से बचने के लिए जा कर घर में छुप गई। जब उस घर को आग चारों से अपने गिरफ्त में ले लिया तब बच्ची मौत से बचने के लिए चीखने-चिल्लाने लगी। व बाहर निकलने का रास्ता खोजने लगी। जिसे आग ने बंद कर दिया था। जब आग पर काबू पाया गया तब परिजनों को उसकी मौत का पता चला। बताया जाता है कि पंचायत के वार्ड नम्बर आठ में मंगलवार दोपहर विद्युत शॉट सर्किट के वजह से लगी अचानक आगजनी की घटना में दस लोगों के घर जलकर राख हो गए। वही इस घटना में एक दस वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत आग से जल जाने के कारण हो गई। पीड़ितों में उक्त गांव के अमीर चौधरी, धनराज कुमार, ओमप्रकाश चौधरी, बिगू चौधरी, गुड्डू चौधरी, जयकरन चौधरी, कपिलदेव चौधरी, दरोगा चौधरी, मदन चौधरी व ललन चौधरी के नाम शामिल है। 

जीएसटी भुगतान नहीं करनेवाले मनरेगा योजना के आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध वाणिज्य कर विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मनरेगा योजना में सामान की आपूर्ति कर उसपर लगने वाले टैक्स का भुगतान नहीं करनेवालों पर पेनाल्टी लगा कर वसूली की कार्रवाई शुरू की गयी है। मार्च महीने में वित्तीय वर्ष का टारगेट पूरा करने के लिए विभाग ने वैसे 68 आपूर्तिकर्ताओं को चिह्नित किया है। जिसमें 20 वेंडरों के द्वारा 25 लाख रुपये टैक्स जमा कराया गया है। लेकिन अभी भी 48 आपूर्तिकर्ताओं के द्वारा जीएसटी का भुगतान नहीं किया गया है। जिसको लेकर उनके विरूद्ध कार्रवाई शुरू की गयी है। दो वित्तीय वर्ष का बकाया है जीएसटी मनरेगा में सामान आपूर्तिकर्ताओं पर वर्ष 2019-20 व 2021-22 तक जीएसटी बकाया का मामला सामने आया है। इनके द्वारा दाखिल किये गये रिटर्न की जांच में कम टैक्स भुगतान का मामला पकड़ाया है। बताया जाता है जितना कर बकाया है,उसपर पेनाल्टी लगा दोगुना कर की वसूली का प्रावधान है। ईंट भट्ठा व्यवसायियों से बकाया वसूली को लेकर होगी छापेमारी ईंट भट्ठा व्यवसायियों पर भी बकाया कर वसूली को लेकर छापेमारी की कवायद शुरू की जा रही है। वर्ष 2017-18 से 2022-23 तक ईंट भट्ठा व्यवसायियों के द्वारा जो रॉयल्टी जमा कराया गया है उसपर 18 प्रतिशत की दर से वाणिज्य कर विभाग को जीएसटी जमा कराना है। विभाग के द्वारा करीब 623 ईंट भट्ठा व्यवसायियों को चिन्हित किया है जिसमें 40 व्यवसायियों ने ही जीएसटी जमा कराया है। 31 मार्च तक जीएसटी जमा कराने के लिए विभाग ने अल्टीमेटम दिया है। कहते हैं अधिकारी राज्य कर संयुक्त आयुक्त मोहन कुमार ने बताया कि मनरेगा आपूर्तिकर्ता जो टैक्स का भुगतान नहीं किये हैं उनके विरूद्ध पेनाल्टी लगाने की कार्रवाई शुरू की गयी है। 31 मार्च के पहले जीएसटी नहीं जमा कराने वाले ईंट भट्ठा संचालकों से कर वसूली के लिए छापेमारी की जाएगी। छापेमारी कर टैक्स की वूसली करने के लिए पहले की जाएगी। रविवार को खुले रहे कार्यालय मार्च माह में कर एसजीएसटी कैश वसूली का लक्ष्य 5 करोड़ 38 लाख रुपये है। इसके विरूद्ध 4 करोड़ 40 लाख रुपये की वसूली की गयी है। मार्च का लक्ष्य पूरा करने के लिए रविवार को कार्यालय खुले रहे। कर जमा कराने के लिए विभागीय अधिकारी लगातार मैसेज कर रहे हैं। मोतिहारी अंचल के तहत करीब 11 हजार 138 व्यवसायी निबंधित हैं।

लैब, पेयजल, खेल मैदान, पुस्तकालय होगा तभी मिलेगी मान्यता सीबीएसई से स्कूलों को मान्यता तभी मिलेगी जब वहां अग्नि सुरक्षा, साफ-सफाई, पीने का पानी, लैब, पुस्तकालय और खेल के मैदान जैसी सुविधाएं होंगी। इन सुविधाओं की ड्रोन से वीडियोग्राफी करानी होगी। वीडियो कुल 33 मिनट की होगी। इसके बाद सीबीएसई का निरीक्षण दल इन सुविधाओं का सत्यापन करेगा, तब स्कूलों को संबद्धता या मान्यता मिलेगी। सीबीएसई ने स्कूलों को मान्यता देने के लिए सत्र 2024-25 के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसमें कुल 11 बिंदु रखे गए हैं। इनको पूरा करना स्कूलों के लिए अनिवार्य होगा। बोर्ड की ओर से स्कूलों की भी जांच की जायेगी, जिन्हें कोरोनाकाल में ऑनलाइन माध्यम से निरीक्षण करने के बाद संबद्धता दी गयी थी। पूरे बिहार में ऐसे स्कूलों की संख्या दो सौ के लगभग हैं। बता दें कि अभी तक बोर्ड द्वारा स्कूलों को भौतिक जांच के बाद संबद्धता मिलती थी। अब नया एसओपी जारी हुआ है। अभी तक संबद्धता मिल चुके स्कूलों पर भी यह लागू होगी। जो स्कूल मान्यता के नवीनीकरण के लिए आवेदन देंगे, उनको भी विडियोग्राफी करानी होगी। बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि जिन बिंदुओं के लिए वीडियोग्राफी के लिए जितना समय निर्धारित किया गया है, उसी के अनुसार वीडियोग्राफी होगी। स्कूलों की ओर से शॉट वीडियो या जोड़ कर वीडियो नहीं बनाना हैं। पूरे स्कूल भवन की ड्रोन से वीडियोग्राफी एक साथ की जानी हैं। दिव्यांग छात्रों से संबंधित सुविधाएं और स्कूल की चहारदिवारी भी विडियो में शामिल होना अनिवार्य है।

जिले के एलएनडी कॉलेज की एनएसएस यूनिट द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन गोद लिए गए गांव मजुराहां में स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान संचालित किया गया। प्राचार्य प्रो.(डॉ.) अरुण कुमार के अनुसार अपने परिवेश की निरंतर स्वच्छता एक ऐसी आदत है जिसे अपना कर हमलोग विभिन्न बीमारियों पर विजय प्राप्त करते हुए आत्मा व मन को पवित्र रखकर अच्छे चरित्र को जन्म दे सकते हैं। स्वच्छता मनुष्य के जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि करती है। प्रथम बौद्धिक सत्र एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी-सह-जिला नोडल पदाधिकारी प्रो.अरविंद कुमार व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ.राधे श्याम के संयुक्त नेतृत्व में संचालित हुआ। एनएसएस पीओ प्रो.अरविंद कुमार ने स्वयंसेवियों को प्लॉग रन की महत्ता बताते हुए उनके द्वारा किए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रम को रेखांकित किया। स्वयंसेवियों ने विद्यालय व गांव की विभिन्न गलियों व टोलों में घूम-घूम कर स्वच्छता ही सेवा है, गंदगी जानलेवा है व गंदगी से बढ़े बीमारी, स्वच्छता की करो तैयारी जैसे विभिन्न नारों से जागरूकता अभियान चलाया। द्वितीय बौद्धिक सत्र में स्वयंसेवियों को दो टीमों में विभक्त करते हुए नवसृजित प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित जाति टोला, मजुराहां के विद्यार्थियों के साथ क्विज़ प्रतियोगिता, शब्द अंत्याक्षरी, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी, संगीत, नृत्य आदि जैसी ज्ञानवर्धक गतिविधियां संचालित की गई।

जिले के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों व छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। जिले में शिक्षा भवन का निर्माण किया जाएगा। इसको लेकर सरकार से स्वीकृति मिल गयी है। इसके निर्माण पर 4 करोड़ 61 लाख 65 हजार की राशि खर्च होगी। विभाग ने तत्काल 1 करोड़ की राशि भी जारी कर दी है। जल्द इसका निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। वर्तमान डीईओ कार्यालय परिसर में इसका निर्माण होगा। एक ही छत के नीचे होंगे शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय अभी शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय अलग-अलग जगहों पर संचालित है। मसलन, डीईओ कार्यालय व स्थापना बेलीसराय में, योजना एवं लेखा कार्यालय स्टेशन रोड में, माध्यमिक शिक्षा कार्यालय जिला परिषद कैंपस में, समग्र शिक्षा अभियान कचहरी चौक अंबेडकर भवन में व पीएम पोषण योजना कार्यालय हवाई अड्डा के पास संचालित है। अलग-अलग जगहों पर कार्यालय संचालित होने से आवश्यक काम से आये शिक्षकों व छात्र-छात्राओं को काफी दौड़-धूप करनी पड़ती है। नये शिक्षा भवन में सभी कार्यालय एक ही भवन में आ जाने से भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। जल्द कार्य निष्पादित हो जायेंगे। नये शिक्षा भवन में होंगे ये कक्ष नया शिक्षा भवन तीन मंजिल का होगा। इसमें, डीईओ व डीपीओ के कक्ष के अलावे कर्मचारियों का कक्ष, सम्मेलन कक्ष, अतिथि कक्ष, विनोद कक्ष, पुस्तकालय, क्रीड़ा कक्ष, एमआईएस कक्ष, कैफेटेरिया,पार्किंग, जेनरेटर कक्ष, गार्ड का आवास, शौचालय, गैरेज निर्माण का प्रावधान है। कहते हैं डीईओ डीईओ संजय कुमार के अनुसार, डीईओ कार्यालय परिसर में नया शिक्षा भवन का निर्माण होगा। इसके निर्माण पर 4 करोड़ 61 लाख 65 हजार की राशि खर्च होगी। विभाग ने तत्काल 1 करोड़ की राशि विमुक्त की है। जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय नये शिक्षा भवन में आ जायेंगे।

टीबी मरीजों को गोद लेकर 6 महीने तक पौष्टिक आहार देने के लिये रेड क्रॉस ने अभियान चलाया है। एक कार्यक्रम कर करीब 247 टीबी के मरीजों को गोद लिया। डीएम के द्वारा डाक्टर व एनजीओ से टीबी मरीज को गोद लेने के आह्वान के बाद एक साथ अब कई हाथ उठने लगे हैं। मौके पर आईएमए अध्यक्ष व रेड क्रॉस के सदस्य डॉ आशुतोष शरण ने कहा कि डीएम की अगुआई में टीबी मरीजों को गोद लेने का यह अभियान बिहार में प्रथम होगा। वे स्वयं 1100 से ज्यादा टीबी मरीजों का इलाज मुफ्त में अब तक किया है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी डॉक्टर पांच पांच टीबी मरीज को गोद लें। डीएम से मांग किया कि टीबी अस्प्ताल में टीबी मरीज के लिये 6 बेड बने। रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन विभूति नारायण सिंह ने कहा कि रेड क्रॉस सोसायटी रोटरी क्लब ओर नीमा भारत विकास परिषद अन्य एनजीओ के सहयोग से सभी टीबी मरीज को गोद लेगी। वरीय रेलवे स्टेशन मास्टर सह रेड क्रॉस के सदस्य दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि एक साथ 247 टीबी मरीज को गोद लिया गया है। यह बड़ी उपलब्धि है। गोद लेने के अभियान में रेलवे स्टाफ भी शामिल होंगे। टीबी मरीज़ों को निश्चय योजना के तहत पीएम ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है।