बिहार राज्य के जमुई जिला के गिद्धौर प्रखंड से संजीवन कुमार सिंह जी गिद्धौर मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि इंस्‍टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्‍शन (आइबीपीएस) ने CRP RRB Officers Scale-I के मेन एग्‍जाम का स्‍कोर जारी कर दिया है। जिन कैंडिडेट्स ने यह परीक्षा दी थी वह आइबीपीएस की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर अपना स्‍कोर चेक कर सकते हैं। बता दें कि CRP RRB VII - Officers Scale-I का मेन एग्‍जाम ऑनलाइन हुई थी। आपका बता दें कि यह परीक्षा 30 सितंबर को आयोजित की गई थीगौरतलब है कि परीक्षा के माध्यम से 3312 उम्मीदवारों का चयन किया जाना है। बैंक में उम्मीदवारों के चयन के लिए आईबीपीएस भर्ती प्रक्रिया का आयोजन करता है। इस परीक्षा को तीन चरणों में आयोजित किया जाता है जिसमें पहले चरण में प्रीलिमिनरी, दूसरे चरण में मेन परीक्षा और सबसे अंत में साक्षात्कार होता है। साक्षात्कार के बाद ही उम्मीदवारों का अंतिम चयन किया जाता है।

बिहार राज्य के जमुई जिला गिद्धौर प्रखंड से भीम राज मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं की हमारे देश में त्यौहारों का मतलब ही होता है,खाना और दूसरों को खिलाना।लेकिन अब त्यौहारों के आते ही मिलावट खोरों का डर लोगों में इतना घर कर जाता है, की त्यौहारों की खुशियाँ ही कम हो जाती है।त्यौहारों की शुरुआत तो इस वर्ष भी हो चुकी है,हर साल के तरह मिठाईयों और खोवा में मिलावट भी किया जा रहा होगा।इस बार देखना यह है की क्या प्रशासन समय रहते इन पर लगाम लगा पायेगी।

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बिहार राज्य के जिला जमुई के गिद्धौर प्रखंड से रंजन कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि गिद्धौर प्रखंड के अंतर्गत इस वर्ष धान की रोपनी बहुत ही कम हुई है,क्योंकि यहाँ वर्ष बहुत कम हुई है। किसान बोरिंग के पानी से सिंचाई कर रहे है। यह किसानों के लिए बहुत ही चिंता का विषय है। वे इसके लिए भगवन से प्रार्थना कर रहे है। पानी का जल स्तर निचे चले जाने से बोरिंग से भी पानी नहीं निकल रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस पर क्या विचार करते है।

बिहार राज्य के जमुई जिला के गिद्धौर प्रखंड से संजीवन कुमार सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि ज्यादा बिजली खपत को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा उपभोक्ताओं को कम दर पर एलईडी बल्ब मुहैया कराया गया था। वह भी तीन वर्ष की गांरटी के साथ। बहुतायत एलईडी बल्ब एक साल भी नहीं चले और फ्यूज हो गए, जिसे बदलने के लिए उपभोक्ता कैंप लगाने वाले तथा बिजली विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।सरकार की महत्वाकांक्षी योजना उज्ज्वला के तहत बिजली विभाग द्वारा शहर व गांव में कैंप लगाकर एलईडी बल्ब का वितरण 50 रुपये से 70 रुपये में किया गया था, बल्ब की गारंटी तीन साल दिया गया था। एलईडी बल्ब गारंटी के समय में ही दम तोड़ने लगे। बल्ब ज्यादा फ्यूज होने की शिकायत देख कैंप भी लगना बंद हो गया। साथ ही फ्यूज बल्ब को बदलने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली विभाग का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

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बिहार राज्य के जमुई जिला गिद्धौर प्रखंड से रंजन कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी साझा करते हैं कि गरीब मजदुर वर्गों का शहरों की ओर पलायन थमने का नाम नहीं ले रहा है।हर रोज बड़ी उम्मीद के साथ मजदुर घर से निकलते हैं और चौंक-चौराहों पर काम के इंतज़ार में खड़े रहते हैं।जैसे-जैसे दिन ढलता है और उन्हें काम नहीं मिलता है,तो वो निराशा के साथ यह सोचने को मजबूर हो जाते हैं की घर जा कर अपने परिवार का पेट कैसे भरेंगे।वैसे तो देखें तो सरकार ने मजदूरों के लिए कई योजनायें शुरू की है कि उन्हें अपने क्षेत्र में ही काम आसानी से मिल सके।लेकिन पंचायतों में जेसीबी से काम कराने के बाद मजदूरों के मनरेगा कार्ड पर खुद ही कार्य को भर देते हैं।अगर जिला पदाधिकारी पंचायतों में जा कर इसका संज्ञान ले तो सारी असलियत सामने आ जाएगी।अपने क्षेत्र में काम नहीं मिलने पर मजदूरों को विवश हो कर अपने गाँव से पलायन करना पड़ता है।

बिहार राज्य के जमुई जिला के गिद्धौर प्रखंड से भीम राज जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि किसानों को मिलने वाले डीजल अनुदान राशि में पांच रु प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गयी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के विशेष सचिव उपेंद्रनाथ पांडेय ने बताया कि कुल 23 एजेंडों पर मुहर लगी है। डीजल अनुदान अब 35 रुपये के स्थान पर 40 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलेगा। वर्ष 2018-19 में अनियमित मॉनसून, बाढ़ या सूखे जैसी किसी आपातकालीन स्थिति में सिंचाई के लिए डीजल अनुदान के रूप में 60 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी मिली है। इसके अलावा आकस्मिक फसल योजना के लिए भी 15 करोड़ जारी किये गये हैं। डीजल अनुदान के ये रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जायेंगे। अनुदान की यह स्कीम धान, गेहूं, मक्का, दलहन, तेलहन, मौसमी सब्जी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की सिंचाई के लिए एक एकड़ क्षेत्र में एक सिंचाई के लिए 10 लीटर डीजल के हिसाब से यह राशि जारी की गयी है।